एमपी में साल के आखिर तक 21 हजार से ज्यादा कर्मचारी होंगे रिटायर, सरकारी विभागों में बढ़ सकता है काम का बोझ
Sourabh Bhatnagar | Oct 22, 2026, 12:37 IST
MP में सरकारी नौकरियों का बिगड़ता गणित! हजारों कर्मचारी हो रहे रिटायर, भर्तियों की रफ्तार सुस्त
मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी बढ़ने की आशंका है। इसकी बड़ी वजह नई भर्तियों की धीमी रफ्तार है। दूसरी तरफ बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक करीब 21 हजार 300 कर्मचारी रिटायर होंगे। 2027 में यह संख्या और बढ़ने की आशंका है।
इसका सीधा असर सरकारी दफ्तरों के कामकाज पर पड़ सकता है। जनता से जुड़े कामों में भी देरी हो सकती है।
मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों का Retirement लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2027 में रिटायर होने वाले कर्मचारियों की संख्या और ज्यादा होगी।
आंकड़ों के मुताबिक यह संख्या 2026 के मुकाबले करीब डेढ़ गुना होगी। दूसरी तरफ नई भर्तियों की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
ऐसे में सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी बढ़ सकती है। इसका असर पहले से काम कर रहे कर्मचारियों पर पड़ेगा।
उन्हें अपना काम संभालने के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ सकती हैं।
डायरेक्टरेट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स के आंकड़े भी यही चिंता बढ़ाते हैं।
जनवरी से मार्च 2026 के बीच करीब 28 हजार अधिकारी और कर्मचारी रिटायर हुए। यह आंकड़ा प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों का है।
वहीं 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर के बीच करीब 21 हजार 300 कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे।
इससे सरकारी विभागों में Staff Shortage की समस्या बढ़ सकती है। खाली पदों पर समय रहते भर्ती नहीं हुई तो कामकाज प्रभावित होगा।
वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों से कुल 32 हजार 50 कर्मचारी रिटायर हुए।
सबसे ज्यादा रिटायरमेंट स्कूल शिक्षा विभाग में हुए। इसके बाद स्वास्थ्य और गृह विभाग का नंबर रहा।
विभागवार रिटायरमेंट के आंकड़े
सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट का सबसे ज्यादा असर स्कूल शिक्षा विभाग पर पड़ रहा है।
यहां बड़ी संख्या में शिक्षक और दूसरे कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में कर्मचारियों की कमी बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का दबाव बढ़ेगा। दूसरे कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ सकती है।
गृह विभाग में पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति से काम प्रभावित होने की आशंका है। राजस्व विभाग में मैदानी कर्मचारियों की कमी परेशानी बढ़ा सकती है।
सरकारी विभागों में लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। उनके पास कामकाज का अच्छा अनुभव होता है।
इन कर्मचारियों के जाने से विभागों की जिम्मेदारियां कम नहीं होंगी। बचा हुआ काम दूसरे कर्मचारियों को संभालना पड़ सकता है।
इससे सरकारी फाइलों को निपटाने में देरी हो सकती है। योजनाओं की निगरानी और फील्ड निरीक्षण भी प्रभावित हो सकते हैं।
सरकारी सेवाओं के लिए दफ्तर पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी हो सकती है। कर्मचारियों की कमी से Workload बढ़ने की आशंका है।
कर्मचारियों की कमी के बीच सरकार ने नई भर्तियों की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान किया है।
उन्होंने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की बात भी कही। आदिवासी क्षेत्रों में 200 नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे।
हालांकि 20 हजार भर्तियों की प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 950 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश पत्र सौंपे।
इनमें सहायक ग्रेड-3 के 661 कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा 31 प्राथमिक शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र मिले।
वहीं चतुर्थ श्रेणी के 262 कर्मचारियों को नियुक्ति के आदेश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार नियुक्तियां कर चुकी है।
मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग के बजट की जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 से पहले विभाग का बजट केवल 400 करोड़ रुपए था।
अब यह बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपए हो गया है।
सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए स्कूल खोलने की तैयारी कर रही है। साथ ही शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा भी की गई है।
मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों के सामने अब दो बड़ी चुनौतियां हैं।
पहली चुनौती लगातार रिटायर हो रहे कर्मचारियों की जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति करना है। दूसरी चुनौती सरकारी सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखना है।
सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार भर्तियों की घोषणा की है। हालांकि दूसरे विभागों में भी कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं।
ऐसे में सवाल है कि खाली होने वाले पद कब भरेंगे? क्या नई भर्तियां रिटायरमेंट की रफ्तार के बराबर हो पाएंगी?
भर्तियों में देरी हुई तो मौजूदा कर्मचारियों का काम बढ़ सकता है। इसका असर जनता को मिलने वाली सरकारी सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
FAQ's
2027 में और बढ़ेगी परेशानी
आंकड़ों के मुताबिक यह संख्या 2026 के मुकाबले करीब डेढ़ गुना होगी। दूसरी तरफ नई भर्तियों की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
ऐसे में सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी बढ़ सकती है। इसका असर पहले से काम कर रहे कर्मचारियों पर पड़ेगा।
उन्हें अपना काम संभालने के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ सकती हैं।
तीन महीने में 28 हजार रिटायर
जनवरी से मार्च 2026 के बीच करीब 28 हजार अधिकारी और कर्मचारी रिटायर हुए। यह आंकड़ा प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों का है।
वहीं 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर के बीच करीब 21 हजार 300 कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे।
इससे सरकारी विभागों में Staff Shortage की समस्या बढ़ सकती है। खाली पदों पर समय रहते भर्ती नहीं हुई तो कामकाज प्रभावित होगा।
2025 में कितने कर्मचारी हुए रिटायर?
सबसे ज्यादा रिटायरमेंट स्कूल शिक्षा विभाग में हुए। इसके बाद स्वास्थ्य और गृह विभाग का नंबर रहा।
विभागवार रिटायरमेंट के आंकड़े
| सरकारी विभाग | रिटायर्ड कर्मचारी |
|---|---|
| स्कूल शिक्षा | 9,600 |
| स्वास्थ्य | 5,900 |
| गृह और पुलिस | 4,500 |
| राजस्व | 2,650 |
| लोक निर्माण | 2,050 |
| नगरीय प्रशासन | 1,400 |
| अन्य विभाग | 5,950 |
| कुल | 32,050 |
स्कूल शिक्षा पर सबसे ज्यादा असर
यहां बड़ी संख्या में शिक्षक और दूसरे कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में कर्मचारियों की कमी बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का दबाव बढ़ेगा। दूसरे कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ सकती है।
गृह विभाग में पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति से काम प्रभावित होने की आशंका है। राजस्व विभाग में मैदानी कर्मचारियों की कमी परेशानी बढ़ा सकती है।
सरकारी दफ्तरों में क्यों बढ़ेगा दबाव?
इन कर्मचारियों के जाने से विभागों की जिम्मेदारियां कम नहीं होंगी। बचा हुआ काम दूसरे कर्मचारियों को संभालना पड़ सकता है।
इससे सरकारी फाइलों को निपटाने में देरी हो सकती है। योजनाओं की निगरानी और फील्ड निरीक्षण भी प्रभावित हो सकते हैं।
सरकारी सेवाओं के लिए दफ्तर पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी हो सकती है। कर्मचारियों की कमी से Workload बढ़ने की आशंका है।
स्कूल शिक्षा में 20 हजार भर्तियां होंगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान किया है।
उन्होंने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की बात भी कही। आदिवासी क्षेत्रों में 200 नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे।
हालांकि 20 हजार भर्तियों की प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
950 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र
इनमें सहायक ग्रेड-3 के 661 कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा 31 प्राथमिक शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र मिले।
वहीं चतुर्थ श्रेणी के 262 कर्मचारियों को नियुक्ति के आदेश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार नियुक्तियां कर चुकी है।
शिक्षा का बजट 38 हजार करोड़ पहुंचा
उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 से पहले विभाग का बजट केवल 400 करोड़ रुपए था।
अब यह बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपए हो गया है।
सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए स्कूल खोलने की तैयारी कर रही है। साथ ही शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा भी की गई है।
भर्तियों की रफ्तार बढ़ाना जरूरी
पहली चुनौती लगातार रिटायर हो रहे कर्मचारियों की जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति करना है। दूसरी चुनौती सरकारी सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखना है।
सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार भर्तियों की घोषणा की है। हालांकि दूसरे विभागों में भी कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं।
ऐसे में सवाल है कि खाली होने वाले पद कब भरेंगे? क्या नई भर्तियां रिटायरमेंट की रफ्तार के बराबर हो पाएंगी?
भर्तियों में देरी हुई तो मौजूदा कर्मचारियों का काम बढ़ सकता है। इसका असर जनता को मिलने वाली सरकारी सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
FAQ's
- मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति का क्या हाल है?
मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार, 2027 में रिटायर होने वाले कर्मचारियों की संख्या 2026 के मुकाबले करीब डेढ़ गुना बढ़ने की संभावना है। - एमपी के सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी का क्या प्रभाव होगा?
सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी से कामकाज में देरी हो सकती है। इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां आ जाएंगी और सरकारी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। - क्या मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की भर्ती की योजना बनाई है?
हाँ, मध्यप्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार नई भर्तियों की घोषणा की है। हालांकि, अन्य विभागों में भी कर्मचारियों की कमी के मद्देनजर भर्ती कब होगी, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
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