एमपी के सरकारी स्कूलों का हाल, 1895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, CAG रिपोर्ट में खुलासा
Aman Vaishnav | Apr 27, 2026, 08:44 IST
mp government schools cag report no teachers
मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था गहरे संकट में नजर आ रही है। कैग की ताजा रिपोर्ट में एक हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। मध्यप्रदेश के 1895 स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी शिक्षक नहीं हैं।
News In Short
- एमपी के 1895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक तैनात नहीं है।
- प्राइमरी स्कूलों की हालत सबसे ज्यादा खराब, 1379 स्कूल बिना शिक्षक के हैं।
- जिला शिक्षा संस्थानों में लेक्चरर के 57 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं।
- ट्रेनिंग बजट का बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं हो पाया है।
- लगातार तीसरी बार कैग रिपोर्ट में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
News In Detail
स्कूल हैं पर शिक्षक नहीं
लेक्चरर और प्राध्यापक के पद खाली पड़े
प्रशिक्षण कार्यक्रम भी अधूरे रह गए
FAQ
- सरकारी स्तूलों को लेकर कैग की रिपोर्ट में क्या बात सामने आई है?
कैग रिपोर्ट ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था उजागर की है। रिपोर्ट के अनुसार 1895 स्कूलों में कोई शिक्षक मौजूद नहीं है। यह रिपोर्ट लगातार तीसरी बार सरकार की कमियां बता रही है। प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूल तक शिक्षक विहीन हैं। - एमपी में कितने प्राइमरी और मिडिल स्कूल बिना शिक्षक के चल रहे हैं?
प्रदेश के 1379 प्राइमरी स्कूल बिना किसी शिक्षक के हैं। वहीं 479 मिडिल स्कूलों में भी एक भी शिक्षक नहीं है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य खतरे में है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति शहरों के मुकाबले ज्यादा चिंताजनक है। - एमपी में शिक्षा विभाग के बजट का उपयोग कैसे किया गया है?
सरकार ने ट्रेनिंग के लिए 165 करोड़ का बजट दिया था। लेकिन विभाग ने सिर्फ 35.71 करोड़ रुपए ही खर्च किए। बजट होने के बावजूद 38 जरूरी ट्रेनिंग प्रोग्राम अधूरे रहे। डिजिटल सिस्टम में भी कई तकनीकी खामियां पाई गई हैं।
एमपी न्यूज: गर्मी का कहर, 30 अप्रैल तक 4 जिलों में स्कूलों की छुट्टी, इन जिलों में बदला समय
भीषण गर्मी के कारण स्कूलों के समय में किया बदला, 11.30 बजे हो जाएगी छुट्टी
मध्यप्रदेश न्यूज: भर्ती सिस्टम पर CAG की कड़ी टिप्पणी : 44 में से 16 परीक्षाएं अटकी
CAG रिपोर्ट ने खोली एमपी शिक्षा विभाग में नियुक्ति और तबादला सिस्टम की पोल
अफसरों की गलती से मध्यप्रदेश के युवाओं की नौकरी पर संकट! कहीं मान्य, कहीं अमान्य जाति प्रमाणपत्र, आखिर जिम्मेदार कौन?
By Atul Dwivedi
शिखर अग्रवाल मामले में गहलोत की CBI-ED जांच की मांग, CM भजनलाल से पूछा- चुप क्यों हैं?
By Mukesh Sharma
बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, हैदराबाद में चल रहा था इलाज, लंबे समय से थे बीमार
By Harrison Masih
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण पर HC सख्त, केंद्र से MP सरकार तक पर लटकी अवमानना की तलवार
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ के वन कर्मचारियों के लिए खरीदी जा रही 29 हजार की लाठी, बाजार से दोगुनी कीमत पर उठे सवाल
By Arun Tiwari
गहलोत ने इंदिरा गांधी की 1978 की रैली याद दिलाई, बोले- तब जनता पार्टी की सरकार गई थी, अब वोट बचाने के लिए दिल्ली पहुंचें
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर की 112 ग्राम पंचायतों में वोटिंग जारी: दोपहर 1 बजे तक 45.09 फीसदी मतदान, देर रात तक आएंगे नतीजे
By Ashish Bhardwaj