दो विभागों के विलय होने से एमपी के सैकड़ों कर्मचारियों की सैलरी अटकी, बजट कोड बदलने से आई खराबी
Aman Vaishnav | May 20, 2026, 11:27 IST
mp govt employees salary stuck budget code issue
मध्य प्रदेश में भू-अभिलेख और राजस्व विभाग के विलय के बाद तकनीकी चूक सामने आई है। नया बजट कोड एक्टिव न होने से कई दफ्तरों के सैकड़ों कर्मचारियों की अप्रैल महीने की सैलरी अटक गई है।
मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया था। अब इसी फैसले की एक छोटी सी तकनीकी चूक के कारण सैकड़ों कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है।
सरकार ने भू-अभिलेख और राजस्व विभाग को आपस में मिलाकर एक नया विभाग तो बना दिया, लेकिन सिस्टम को समय पर अपडेट नहीं किया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि 600 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारियों की अप्रैल महीने की सैलरी अटक गई है।
प्रदेश के 12 सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं कि इसके पीछे की वजह क्या है।
दरअसल इस पूरी समस्या की जड़ नया बजट कोड है। जब भी सरकार किसी नए विभाग को बनाती है, तो उसके लेन-देन और सैलरी के लिए एक नया बजट कोड जारी किया जाता है।
इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। सरकार ने पुराने बजट कोड को पूरी तरह बंद कर दिया है। वहीं उसकी जगह नया बजट कोड लागू कर दिया है।
नियम के मुताबिक नया कोड आने के बाद विभागीय स्तर पर सभी कर्मचारियों और उनके पदों की नए सिस्टम में उनकी एंट्री होनी थी, लेकिन यह काम समय पर पूरा नहीं हो सका।
इसका असर यह हुआ कि जब कर्मचारियों की सैलरी के बिल IFMIS Portal पर भेजे गए, तो पोर्टल ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। पोर्टल में नए कोड के हिसाब से डेटा मैच नहीं हो रहा था। इसकी वजह से सैलरी रुक गई है।
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इस नए विभाग को बनाने की कहानी लगभग एक साल पुरानी है। इसे टाइमलाइन के जरिए समझते हैं।
इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि नई बजट लाइन को तुरंत चालू किया जाए। चिट्ठी में साफ तौर पर कहा गया है कि बीसीओ (Budget Controlling Officer) बदलने की वजह से फिलहाल सैलरी निकालना संभव नहीं हो पा रहा है।
इन सभी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 600 से ज्यादा है। ये कर्मचारी अब केवल इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब पोर्टल अपडेट हो। कब उनके बैंक खातों में उनकी मेहनत की कमाई आए।
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सरकार ने भू-अभिलेख और राजस्व विभाग को आपस में मिलाकर एक नया विभाग तो बना दिया, लेकिन सिस्टम को समय पर अपडेट नहीं किया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि 600 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारियों की अप्रैल महीने की सैलरी अटक गई है।
प्रदेश के 12 सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं कि इसके पीछे की वजह क्या है।
बजट कोड बदलने से फंसा पूरा पेंच
इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। सरकार ने पुराने बजट कोड को पूरी तरह बंद कर दिया है। वहीं उसकी जगह नया बजट कोड लागू कर दिया है।
नियम के मुताबिक नया कोड आने के बाद विभागीय स्तर पर सभी कर्मचारियों और उनके पदों की नए सिस्टम में उनकी एंट्री होनी थी, लेकिन यह काम समय पर पूरा नहीं हो सका।
इसका असर यह हुआ कि जब कर्मचारियों की सैलरी के बिल IFMIS Portal पर भेजे गए, तो पोर्टल ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। पोर्टल में नए कोड के हिसाब से डेटा मैच नहीं हो रहा था। इसकी वजह से सैलरी रुक गई है।
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कब और कैसे लिया गया विलय का फैसला?
- 3 जून 2025: मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक (मोहन कैबिनेट) में आयुक्त भू-अभिलेख और प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालयों को आपस में मिलाने का फैसला लिया गया था।
- 15 अप्रैल 2026: सरकार के फैसले के बाद नया भू-संसाधन प्रबंधन विभाग अस्तित्व में आ गया था।
- मई 2026: नया विभाग बनने के बाद तकनीकी काम अधूरा रहने के कारण कर्मचारियों की अप्रैल महीने की सैलरी अटक गई।
इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि नई बजट लाइन को तुरंत चालू किया जाए। चिट्ठी में साफ तौर पर कहा गया है कि बीसीओ (Budget Controlling Officer) बदलने की वजह से फिलहाल सैलरी निकालना संभव नहीं हो पा रहा है।
| जिला | प्रभावित कार्यालय |
| भोपाल (Bhopal) | डिप्टी कलेक्टर - नजूल (Deputy Collector - Nazul) |
| ग्वालियर (Gwalior) | नजूल कार्यालय और सक्षम प्राधिकारी - सीलिंग (Nazul Office and Competent Authority - Ceiling) |
| उज्जैन (Ujjain) | नजूल, अर्बन सीलिंग और एरियल सर्वे प्रोजेक्ट (Nazul, Urban Ceiling and Aerial Survey Project) |
| छतरपुर (Chhatarpur) | सेटलमेंट कार्यालय (Settlement Office) |
| रतलाम (Ratlam) | डिप्टी कलेक्टर - नजूल (Deputy Collector - Nazul) |
| सागर (Sagar) | कलेक्टर कार्यालय - नजूल (Collector Office - Nazul) |
| सीहोर (Sehore) | डायवर्जन शाखा (Diversion Branch) |
| शहडोल (Shahdol) | नजूल अधिकारी कार्यालय (Nazul Officer Office) |
FAQ
- मध्य प्रदेश में कर्मचारियों की सैलरी क्यों अटक गई है?
मध्य प्रदेश सरकार ने भू-अभिलेख और राजस्व विभाग को मिलाकर नया भू-संसाधन प्रबंधन विभाग बनाया है। इसके बाद पुराना बजट कोड 0704 बंद करके नया कोड 0709 लागू किया गया। लेकिन नए कोड में कर्मचारियों और पदों की मैपिंग समय पर नहीं हो पाई, जिसके कारण आईएफएमआईएस पोर्टल ने सैलरी के बिल रिजेक्ट कर दिए।
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