MP के सरकारी कर्मचारी अब नहीं कर पाएंगे भड़काऊ पोस्ट, सरकार ने जारी किया फरमान
Aman Vaishnav | Jul 08, 2026, 07:45 IST
MP के सरकारी कर्मचारी अब नहीं कर पाएंगे भड़काऊ पोस्ट
मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम जारी किए हैं। अब भड़काऊ पोस्ट, राजनीतिक कमेंट या विवादित चीजें शेयर करने पर कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग के नियम सख्त कर दिए हैं।
- सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका आधिकारिक आदेश जारी किया है।
- कर्मचारी अब जातीय, धार्मिक या राजनीतिक तनाव फैलाने वाली पोस्ट नहीं कर सकेंगे।
- विवादित पोस्ट को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी उल्लंघन माना जाएगा।
- नियम तोड़ने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई दोनों हो सकती है।
आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी शासकीय सेवक ऐसी सामग्री साझा नहीं करेगा, जिससे सामाजिक वैमनस्य फैलने का खतरा हो। सरकार ने इसे शासकीय सेवा आचरण का जरूरी हिस्सा बताया है।
भड़काऊ पोस्ट पर सख्त रोक
खास बात यह है कि सिर्फ पोस्ट करना ही नहीं, विवादित सामग्री को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी नियम उल्लंघन माना जाएगा। यानी कर्मचारियों को अब सोशल मीडिया पर हर एक्टिविटी में सतर्क रहना होगा।
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राजनीति से दूरी अनिवार्य
सरकार ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन बताया है। इसका मकसद प्रशासनिक तटस्थता बनाए रखना है।
ऑनलाइन बहस से बचने की सलाह
इसलिए कर्मचारियों से संयम और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की अपेक्षा की गई है। यह सलाह हर स्तर के कर्मचारी पर लागू होगी।
नियम तोड़ने पर क्या होगा
यानी सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं, कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। सभी विभागाध्यक्षों को आदेश का तुरंत पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश की मुख्य बातें एक नजर में
साथ ही राजनीतिक दलों के समर्थन-विरोध में सोशल मीडिया इस्तेमाल प्रतिबंधित है। ऑनलाइन बहस और विवादित चर्चाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है। नियम तोड़ने पर विभागीय के साथ कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
इस आदेश के बाद प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों पर पुनर्विचार करना होगा।
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