संजय जैसवानी के लिए पुलिस ने FIR में किया खेल, कोर्ट से फटकार
Sanjay Gupta | Dec 10, 2024, 21:17 IST
MP Indore FIR case registered against businessman Sanjay Jaiswani
इंदौर में कारोबारी संजय जैसवानी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में लसूड़िया थाना पुलिस ने खेल कर दिया। जिसकी पोल कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुल गई। अब मामले में कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई है।
INDORE. बीजेपी सरकार के मंत्री के करीबी कन्फेक्शनरी कारोबारी संजय जैसवानी (Sanjay Jaiswani) के खिलाफ कोर्ट के आदेश, रश्यिन एंबेसी के पत्र और डीजीपी के फॉलोअप लेने के बाद सोमवार देर रात एफआईआर हुई। लेकिन लसूड़िया थाना पुलिस ने इस मामले में भी खेल कर दिया। जिसकी पोल जिला कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई में खुल गई।
कोर्ट में रश्यिन नागरिक गौरव अहलावत के अधिवक्ता अजय मिश्रा ने पक्ष रखते हुए कहा कि कोर्ट ने जो परिवाद में आदेश दिए थे उसका पालन ही पुलिस ने नहीं किया। इसमे पूरे तथ्यों को नहीं लिया गया, मुख्य आरोपी संजय जैसवानी किस तरह इस पूरे कांड में शामिल था और उसे क्या लाभ मिलना था, यह एफआईआर में नहीं है। आरोपी 11 थे, लेकिन पुलिस ने 6 के खिलाफ ही नामजद केस किया, अहलावत तो रश्यिन की जगह भारत का नागरिक बताया।
अधिवक्ता ने साफ कहा कि पूरे दबाव-प्रभाव में आरोपियों के एजेंट के रूप में पुलिस काम कर रही है, और तथ्यों को परे कर दिया गया। साथ ही एफआईआर में केवल धोखाधड़ी वाली धाराएं लगी, इसमें लूट, मारपीट, अपहरण की गंभीर धाराओं को तो जोड़ा ही नहीं गया।
संजय जैसवानी पर धोखाधड़ी में FIR, मंत्रीपुत्र पहुंचे थे रुकवाने
इस पर न्यायाधीश ने जांच अधिकारी एसआई संजय विशनोई से पूछ लिया कि क्या आपने पहले ही आरोपियों को बाहर कर दिया है। इस तरह का पहली बार देखा जा रहा है कि परिवाद में आए तथ्यों को अलग किया गया और अपने हिसाब से एफआईआर लिखी गई। यह कैसे संभव है। न्यायाधीश ने साफ आदेश दिए कि 11 दिसंबर को सुबह 11 बजे इस संबंध में प्रतिवेदन दिया जाए और जो परिवाद में तथ्य, नाम है वह सभी अक्षरक्ष इसमें जोड़े जाएं, नहीं तो कोर्ट की अवमानना के लिए केस रैफर कर दिया जाएगा।
अभी लसूड़िया थाना पुलिस ने बीएनएस धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) में केस किया है। साथ ही आरोपियों में संजय जैसवानी, विजय जैसवानी, संजय कलवानी, दिनेश मनवानी, नितिन जीवनानी और कंचन जीवनानी के नाम है।
कोर्ट में इस तरह खुली पोल
अधिवक्ता ने साफ कहा कि पूरे दबाव-प्रभाव में आरोपियों के एजेंट के रूप में पुलिस काम कर रही है, और तथ्यों को परे कर दिया गया। साथ ही एफआईआर में केवल धोखाधड़ी वाली धाराएं लगी, इसमें लूट, मारपीट, अपहरण की गंभीर धाराओं को तो जोड़ा ही नहीं गया।
संजय जैसवानी पर धोखाधड़ी में FIR, मंत्रीपुत्र पहुंचे थे रुकवाने
क्या आपने पहले ही आरोपी बाहर कर दिए?
यह धाराएं और नाम और बढ़ेंगे
- अब इसमें कोर्ट के परिवाद के हिसाब से जय माथे, संदीप, नदीम, यतींद्र जोशी और नीरज के नाम भी जुड़ेंगे।
- साथ ही धाराओं में 3. 115, 118, 140, 306. 309, 314, 316, 335, 341, 351 व अन्य धाराएं भी कोर्ट के परिवाद में है जो थाने की एफआईआर में नहीं है।
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