मध्य प्रदेश की जेलों में कम हो रही भीड़, 10% घटा कैदियों का बोझ

Pawan Modiya | Mar 09, 2026, 18:11 IST
Share
Jail New01
Photograph: (the sootr)

मध्य प्रदेश जेल ओवरक्राउडिंग एक साल में 45% से घटकर 35% हुई। नई बैरकों और नई पॉलिसी से कैदियों का बोझ कम हुआ। मध्य प्रदेश जेल विभाग द्वारा जारी आंकड़ों ने राहत की खबर दी है।

मध्य प्रदेश की जेलों में लंबे समय से कैदियों की भीड़ यानी ओवरक्राउडिंग (Overcrowding) एक गंभीर समस्या बनी हुई थी। बढ़ती कैदी संख्या के कारण जेल प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ रहा था। हालांकि हाल ही में मध्य प्रदेश जेल विभाग (Madhya Pradesh Jail Department) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों ने राहत की खबर दी है।

नए आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की जेलों में ओवरक्राउडिंग (Overcrowding) का स्तर पिछले एक साल में करीब 10 प्रतिशत तक घट गया है। वर्ष 2025 में जहां जेलों में भीड़ का प्रतिशत 45.22% था, वहीं वर्ष 2026 में यह घटकर 35.76% रह गया है।

हालांकि यह आंकड़ा अभी भी राष्ट्रीय औसत 34% से थोड़ा अधिक है, लेकिन एक साल के भीतर इतनी बड़ी गिरावट को जेल प्रशासन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश जेल व्यवस्था की वर्तमान स्थिति

मध्य प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है जहां जेलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 133 जेलें (Jails in Madhya Pradesh) संचालित हो रही हैं।

इन जेलों का वर्गीकरण इस प्रकार है:

  • 11 केंद्रीय जेल (Central Jails)
  • 41 जिला जेल (District Jails)
  • 73 उप-जेल (Sub Jails)
  • 8 खुली जेल (Open Jails)
इन सभी जेलों की कुल क्षमता (Total Capacity) लगभग 31,024 कैदियों की है।

लेकिन हालिया आंकड़ों के अनुसार, 31 जनवरी 2026 तक इन जेलों में कुल 42,119 कैदी मौजूद थे। इससे साफ है कि क्षमता से कहीं ज्यादा कैदियों को रखना पड़ रहा है, जो ओवरक्राउडिंग की मुख्य वजह है।

ओवरक्राउडिंग में कमी का ग्राफ

मापदंडआंकड़े
कुल जेलों की संख्या133
कुल कैदी क्षमता31,024
वर्तमान कैदी संख्या42,119
ओवरक्राउडिंग (2025)45.22%
ओवरक्राउडिंग (2026)35.76%
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश जेल ओवरक्राउडिंग (MP Jail Overcrowding) में एक साल में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

21 नई बैरकों का निर्माण बना अहम कारण

जेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सुधार के पीछे सबसे बड़ा कारण नई बैरकों का निर्माण (New Prison Barracks) है।

पिछले एक वर्ष में प्रदेश की विभिन्न जेलों में 21 नई बैरकें जोड़ी गई हैं। इससे कैदियों के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध हुआ और जेलों पर दबाव कम हुआ।

बैरकों के निर्माण से मिले फायदे

  • कैदियों के रहने की जगह बढ़ी
  • जेल प्रशासन का दबाव कम हुआ
  • सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई
  • कैदियों के बीच तनाव कम हुआ
यह कदम जेल सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

कैदियों की रिहाई की नई नीति का असर

ओवरक्राउडिंग कम करने में रिवाइज्ड रिहाई नीति (Revised Prisoner Release Policy) ने भी अहम भूमिका निभाई है।

इस नीति के तहत उन कैदियों को प्राथमिकता दी गई जिन्हें कानून के अनुसार जल्दी रिहा किया जा सकता था। इसमें शामिल हैं:

  • सजा पूरी करने के करीब पहुंच चुके कैदी
  • अच्छे व्यवहार वाले कैदी
  • कम गंभीर अपराधों में बंद कैदी
इस नीति से जेलों में कैदियों की संख्या कम करने में मदद मिली।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन

देश में जेलों की स्थिति को लेकर समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) भी चिंता जताता रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया था कि वे जेलों में भीड़ कम करने के लिए ठोस कदम उठाएं।

मध्य प्रदेश सरकार ने इन निर्देशों को ध्यान में रखते हुए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जिनका असर अब दिखाई देने लगा है।

भविष्य की योजना: नई जेलों का निर्माण

जेल विभाग अब सिर्फ मौजूदा सुधारों पर ही नहीं रुकना चाहता। जेल महानिदेशक वरुण कपूर (DGP Prisons Varun Kapoor) के अनुसार, विभाग अब एक लॉन्ग-टर्म प्लान (Long-Term Plan) पर काम कर रहा है।

भविष्य के प्रमुख कदम

  • कई जिलों में नई जेलों का निर्माण
  • कुछ उप-जेलों को जिला जेल में अपग्रेड करना
  • कैदियों के लिए बेहतर सुविधाएं
  • जेल प्रबंधन को आधुनिक बनाना
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश की जेलों में कैदियों के रहने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी।

यह खबरें भी पढ़िए...

कोर्ट में रील बनाना पड़ा भारी, न्यायिक कर्मचारी समेत तीन पहुंचे जेल

एमपी में क्या फर्जी जाति प्रमाण पत्र से बन रहे अधिकारी, SDM, SDOP, जेल अधीक्षक तक पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश से राजस्थान पहुंचे दो चीते, एनटीसीए ने की इंटर-स्टेट चीता कॉरिडोर की पैरवी

एमपी में TET आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करेगा प्रांतीय शिक्षक संघ



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • जेल विभाग
  • Policy
  • केंद्रीय जेल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा