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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान में जज की कुर्सी पर बैठकर रील बनाने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया।
- युवकों ने न्यायालय परिसर में जज की कुर्सी पर बैठकर वीडियो बनाई थी।
- वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और तीनों को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तार युवकों को कोर्ट की अवमानना और अन्य आरोपों के तहत जेल भेजा गया।
- इस घटना के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
News In Detail
आज के दौर में सोशल मीडिया पर 'लाइक्स' और 'फॉलोअर्स' की भूख लोगों से क्या-कुछ नहीं करवा देती। लेकिन राजस्थान के बीकानेर में कुछ युवकों को रील बनाने का ऐसा चस्का चढ़ा कि उन्होंने कानून की मर्यादा को ही ताक पर रख दिया। जिस कुर्सी पर बैठकर न्याय के फैसले सुनाए जाते हैं, उस जज की कुर्सी पर बैठकर रील बनाना तीन दोस्तों को इतना भारी पड़ा कि अब उन्हें सलाखों के पीछे से अपनी रील की 'पॉपुलैरिटी' देखनी पड़ रही है।
​क्या है पूरा मामला
बीकानेर के न्यायालय परिसर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कोर्ट की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया गया। जानकारी के अनुसार, छुट्टी वाले दिन जब अदालत बंद थी, तब एक न्यायिक कर्मचारी ने अपने दो दोस्तों को चुपके से कोर्ट रूम के अंदर प्रवेश दिला दिया।
​हैरानी की बात यह है कि इन युवकों ने न केवल प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया, बल्कि सीधे जज की कुर्सी पर जाकर बैठ गए।
वहां उन्होंने टशन दिखाते हुए वीडियो शूट किया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सेंधमारी का मामला
​सदर थानाधिकारी सुरेन्द्र पचार ने बताया कि इस पूरी साजिश के पीछे ग्राम न्यायालय के चपरासी के साथ सांठगांठ की गई थी। आरोपियों ने छुट्टी के दिन का फायदा उठाया, जिससे कोई उन्हें टोकने वाला न हो।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
​पुष्पेंद्र सिंह: न्यायिक कर्मचारी (मुख्य आरोपी जिसने एंट्री दिलाई)
​मनीष डूडी: पुष्पेंद्र का दोस्त
​भूपेंद्र सिंह: पुष्पेंद्र का दोस्त
​वीडियो में क्या आया नजर
​सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ है, वह किसी फिल्मी सीन जैसा फिल्माया गया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि:
​एक युवक शान से जज की कुर्सी पर बैठा है। ​दूसरा युवक कटघरे से बाहर निकलकर किसी बड़े रसूखदार की तरह जज की कुर्सी तक पहुंचता है। ​कुर्सी पर बैठे युवक से वह हाथ मिलाता है, जैसे कोई बड़ी डील या समझौता हो रहा हो। इस वीडियो के सामने आने के बाद कोर्ट की सुरक्षा और मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेशन कोर्ट में तैनात होमगार्ड मनीष पारीक ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया। कानून विशेषज्ञ का कहना है कि न्यायालय मंदिर के समान है और जज की कुर्सी न्याय का प्रतीक। इस तरह की हरकत न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने की कोशिश है।
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​कोर्ट ने भेजा जेल
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों की दलीलें दरकिनार कर दीं और उन्हें सीधे जेल भेजने के आदेश दे दिए। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रील बनाने के चक्कर में कानून और मर्यादा की सीमा लांघना महंगा पड़ सकता है।
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