इंदौर के साथ धार, झाबुआ और आलीराजपुर में बड़े शराब ठेकेदारों को झटका

इंदौर के साथ ही गुजरात बॉर्डर से लगे धार, झाबुआ और आलीराजपुर जिलों में बड़े शराब ठेकेदारों को झटका लगा है। यहां पर दुकानों की ग्रुपिंग नए सिरे से कर दी गई है।

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Sanjay Gupta
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News in Short

  • इंदौर में शराब दुकानों के ग्रुप 60 से घटाकर 56 किए गए हैं।

  • धार जिले में अब 21 ग्रुप बनाकर शराब ठेके दिए जाएंगे।

  • झाबुआ में 9 ग्रुपों में सभी शराब की दुकानें बांटी गई हैं।

  • गुजरात बॉर्डर के तीन जिलों में अब सिंगल ठेकेदार नहीं होंगे।

  • इंदौर से सरकार ने 2102 करोड़ राजस्व का बड़ा लक्ष्य रखा है।

News In Detail

INDORE. एमपी की नई आबकारी नीति के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में फोकस शराब ठेकेदारों की मोनोपॉली रोकने पर है। इसके तहत एमपी के सबसे बड़े आबकारी रिवेन्यू वाले जिले इंदौर में ग्रुपिंग नए सिरे से हो गई है। इसी के साथ गुजरात बॉर्डर से सटे धार, झाबुआ और आलीराजपुर जिलोंं में नया काम हुआ है। 

यह जिले अभी तक सिंगल ठेकेदार के पास जाते थे। अब आबकारी विभाग ने इन जिलों की दुकानों को भी ग्रुपिंग में कर दिया है। यानी अब हर ग्रुप के लिए ई टेंडर/बोली होगी। अब ये जिले कोई भी सिंगल ठेकेदार से नहीं चलेंगे। 

इंदौर में ग्रुपिंग में यह किया

इंदौर की शराब दुकानों को अभी तक 60 से ज्यादा ग्रुप में बांटा जाता था। इसमें अब संख्या कम करके 56 कर दी गई है। हालांकि यहां ग्रुपिंग कम की है लेकिन इसमें एक बड़ा बदलाव हुआ है। सभी ग्रुप को कमाई के हिसाब से बराबरी पर लाया गया है।

यदि किसी ग्रुप में अधिक कमाई वाली दुकान थी तो उसे हटाकर इसमें कम आय वाली दुकान को जोड़ा गया है। इस तरह हर ग्रुप को बैलेंस किया गया है।

इससे इन ग्रुपों में Monopoly कम होगी। साथ ही सभी ठेकेदारों को कमाई का बराबर मौका मिल सकेगा। इसके अलावा ये भी देखा गया कि ठेकेदार कहां पर अधिक हावी होते थे, उनसे भी दुकानों को तोड़ा गया है। 

इंदौर से इतनी कमाई का लक्ष्य

इंदौर से इस बार राजस्व का लक्ष्य 2 हजार 102 करोड़ रुपए रखा गया है। बीते साल यह लक्ष्य लगभग 1 हजार 750 करोड़ रुपए था।  

धार, झाबुआ और आलीराजपुर में इस तरह से ग्रुपिंग

शराब तस्करी के नजरिए से संवेदनशील धार, झाबुआ और आलीराजपुर में बड़े खिलाड़ियों को झटका मिला है। क्योंकि ये गुजरात बॉर्डर से सटे है। यहां पर अभी तक सिंगल ठेका लेने वाले ठेकेदारों को दूर करते हुए ग्रुपिंग कर दी गई है। 

धार- यहां पर जिले की दुकानों को 21 ग्रुप में बांटा गया है। इस पर राजस्व लक्ष्य 570 करोड़ रुपए रखा है। ये बीते साल 475 करोड़ रुपए था। 

झाबुआ- यहां पर जिले की दुकानों को 9 ग्रुप में बांटा गया है। राजस्व लक्ष्य 345 करोड़ रुपए है जो बीते साल 287 करोड़ रुपए था। 

अलीराजपुर- इसी तरह अलीराजपुर को भी ग्रुपिंग में कर दिया है। वहीं राजस्व लक्ष्य बीते साल से 20 फीसदी अधिक किया है।

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