MP में नया फायर एक्ट लागू: झूठी कॉल पर 20 हजार जुर्माना, लापरवाही पर होगी जेल
Amresh Kushwaha | Sept 09, 2026, 10:44 IST
मध्य प्रदेश में नया फायर एक्ट लागू
मध्य प्रदेश में नया फायर एक्ट लागू हो गया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ फायर टैक्स भी लगेगा। झूठी फायर कॉल पर 20 हजार रुपए जुर्माना और लापरवाही पर जेल का प्रावधान है। दमकल का रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट होगा।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश में नया फायर एक्ट लागू कर दिया गया है।
- झूठी फायर कॉल पर अब 20 हजार रुपए तक जुर्माना लगेगा।
- लापरवाह दमकलकर्मियों को जेल और वेतन कटौती की सजा होगी।
- प्रॉपर्टी टैक्स के साथ अब फायर टैक्स भी जुड़ेगा।
- बड़ी इमारतों के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा।
फायर एक्ट में क्या बदला
नए अधिनियम में दमकल विभाग के कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है। साथ ही आम नागरिकों और व्यावसायिक परिसरों पर भी सख्त नियम लागू होंगे। बहुमंजिला इमारतों को भी इस कानून के दायरे में रखा गया है। फर्जी कॉल करने वालों के खिलाफ भी कड़ा दंड तय किया गया है।
अब लगेगा फायर टैक्स
इस पैसे से दमकल सेवाओं का ढांचा मजबूत किया जाएगा। इसका इस्तेमाल 10 मिनट के भीतर रिस्पॉन्स टाइम सुनिश्चित करने में होगा। यानी घटना की सूचना मिलते ही दमकल गाड़ी 10 मिनट में पहुंचनी होगी।
दमकलकर्मियों पर सख्ती
आग से नुकसान भरपाई नियम
झूठी कॉल पर जुर्माना
सेफ्टी सुपरवाइजर अनिवार्य
इमारतों के फायर प्लान और सेफ्टी ऑडिट के लिए नया सिस्टम बनाया गया है। सरकार मान्यता प्राप्त प्राइवेट एजेंसियों को लाइसेंस देगी। ये एजेंसियां थर्ड-पार्टी ऑडिट का काम करेंगी। इससे सेफ्टी सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया तेज हो सकेगी।
बड़ी इमारतों पर नया नियम
फायर एनओसी के बिना अब ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी नहीं मिलेगा। नगरीय निकाय बिना फायर एनओसी के यह सर्टिफिकेट जारी नहीं कर पाएंगे। यानी फायर सेफ्टी मंजूरी के बिना भवन में रहना मुश्किल होगा। इससे इमारतों की सुरक्षा जांच पहले से पक्की हो जाएगी।
शादी-आयोजन में सावधानी
थाने जैसे फायर स्टेशन
सरकार का मानना है कि यह कानून जान-माल की सुरक्षा बढ़ाएगा। बड़े शहरों में आगजनी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। कई बार समय पर दमकल न पहुंचने से नुकसान बड़ा हो जाता है। नए नियम से रिस्पॉन्स टाइम कम होने की उम्मीद है। इससे जान और माल दोनों का नुकसान घटाया जा सकेगा।
व्यावसायिक परिसरों और बिल्डरों के लिए अब जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्हें निर्माण से पहले ही फायर सेफ्टी मानकों का ध्यान रखना होगा। सर्टिफिकेट न होने पर उन्हें कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इससे भवन निर्माण में सुरक्षा मानकों को गंभीरता से लिया जाएगा।
आम नागरिकों को भी इस कानून की जानकारी रखना जरूरी है। झूठी सूचना देने पर भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं असली दुर्घटना में मुआवजे का अधिकार भी मिलेगा। यह कानून जिम्मेदारी के साथ-साथ सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।
यह खबर क्यों जरूरी है
फायर टैक्स जैसे प्रावधान की जानकारी नागरिकों को अपने अधिकार और कर्तव्य समझने में मदद करती है। यह खबर पूरी तरह सरकारी अधिनियम के तथ्यों पर आधारित है और किसी वर्ग या पक्ष के खिलाफ नहीं है।
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