सेल्फी लेने से रोकने पर छात्र ने उठाया खौफनाक कदम, पर्यटन स्थल से कूदा

Siddhi Tamrakar | Nov 08, 2024, 11:02 IST
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khargone suicide case 1
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मध्य प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सेल्फी लेने से मना करने पर एक स्कूली छात्र ने आत्महत्या कर अपनी जान ले ली। जानें क्या है मामला..

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सेल्फी लेने से मना करने पर एक स्कूली छात्र ने आत्महत्या कर अपनी जान ले ली। मामला खरगोन के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र का है जहां एक स्कूल में सेल्फी लेने से रोकने पर एक आदिवासी छात्र ने पर्यटन स्थल जाम गेट से कूदकर आत्महत्या कर ली है।

पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्र की उम्र 17 वर्ष थी और वो 12वीं कक्षा में पढ़ता था। मृतक छात्र का नाम राज ओसारी है। वह जाम गेट से कूद गया था। जब वह कूद रहा था उस वक्त उसके रिश्तेदार और जाम गेट के चौकीदार ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी। घायल छात्र कूदने के बाद खाई में पड़ा मिला, जिसके बाद उसको मंडलेश्वर के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्रिंसिपल को दी आत्महत्या की धमकी

पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि राज ओसारी मंडलेश्वर क्षेत्र के गुलावद के एक सरकारी हॉस्टल में रहता था और वहां के ही सरकारी स्कूल में 12वीं क्लास में पढ़ाई करता था। उसके चाचा जितेंद्र ओसारी ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया कि हॉस्टल अधीक्षक प्रकाश गिरवाल ने स्कूल में मोबाइल फोन चलाने की शिकायत को लेकर उन्हें स्कूल में बुलाया गया था। बता दें स्कूल प्रिंसिपल केसी सांड ने छात्र के स्कूल में सेल्फी लेने पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उसने प्रिंसिपल को आत्महत्या करने और स्कूल से भाग जाने की धमकी दी थी।

घरवाले आए तो स्कूल से भाग गया छात्र

धमकी से परेशान होकर प्रिंसिपल ने हॉस्टल अधीक्षक से परिवार के सदस्यों को बुलाने के लिए कहा था। जब राज के परिजन कृष्णा और उनका बेटा गणेश उससे मिलने आए, तो राज स्कूल से भाग गया। सभी ने उसे ढूंढने गए लेकिन वह नहीं मिला। बाद में राज स्कूल आया और हॉस्टल अधीक्षक ने तुरंत उसके परिवार वालों को इसकी सूचना दी। परिजन फिर से रात के 9:30 बजे हॉस्टल पहुंचे लेकिन राज हॉस्टल की दीवारी फांदकर भाग गया।

इस घटना के बाद वो फिर देर रात में स्कूल आया और हॉस्टल में सुबह नाश्ता करने के बाद से फिर से भाग गया। इसके बाद प्रिंसिपल के कहने पर कर्मचारी उसे पकड़ने के लिए उसके पीछे भागे, लेकिन उसे बचा नहीं पाए।

पुलिस कर रही मामले की जांच

घटनास्थल से उसका फोन बरामद कर लिया गया है। एसपी ने अब तक मामले की जांच के आधार पर संभावना जताई है कि मोबाइल से जुड़ी घटना के कारण घरवालों की डांट के डर से उसने यह कदम उठाया है।पुलिस ने किसी दूसरी संभावनाओं से इनकार न करते हुए बताया कि पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

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