एमपी नर्सिंग घोटाला : बलि चढ़ रहा 70 हजार छात्रों का भविष्य
Sourabh Bhatnagar | Mar 02, 2025, 14:23 IST
thesootr
मध्य प्रदेश में नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों का भविष्य असमंजस की स्थिति में फंसा हुआ है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण कई छात्र अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश में नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। परीक्षाएं नहीं हो रही, डिग्री नहीं मिल रही और छात्रवृत्ति का पैसा चार साल से अटका है। आर्थिक तंगी के कारण कई छात्र पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं, वहीं सरकार जल्द समाधान का आश्वासन दे रही है।
बैतूल की अंजलि चौरसिया 2021 से बीएससी नर्सिंग (BSc Nursing) की पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन चार सालों में सिर्फ पहले वर्ष की परीक्षा हो पाई है, जिसका परिणाम भी जारी नहीं हुआ। उनके पिता के निधन के बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई, और छात्रवृत्ति (Scholarship) भी नहीं मिली। अब परिवार फीस भरने में असमर्थ है, जिसके चलते अंजलि ने पढ़ाई छोड़ने का मन बना लिया है।
![thesootr]()
मध्य प्रदेश सरकार एससी (SC), एसटी (ST), और ओबीसी (OBC) छात्रों के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करती है, लेकिन पिछले चार वर्षों से 70,000 से अधिक छात्रों को इसका लाभ नहीं मिला है। छात्रवृत्ति न मिलने से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। बिना परीक्षा और डिग्री के नौकरी मिलना भी असंभव हो गया है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवजी पटेल (Narendra Shivji Patel) ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा, हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन था और सीबीआई (CBI) जांच चल रही थी, जिसके कारण छात्रवृत्ति अटकी थी। अब 8-10 दिनों में छात्रों के खातों में पैसा भेज दिया जाएगा।
बैतूल की अंजलि चौरसिया 2021 से बीएससी नर्सिंग (BSc Nursing) की पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन चार सालों में सिर्फ पहले वर्ष की परीक्षा हो पाई है, जिसका परिणाम भी जारी नहीं हुआ। उनके पिता के निधन के बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई, और छात्रवृत्ति (Scholarship) भी नहीं मिली। अब परिवार फीस भरने में असमर्थ है, जिसके चलते अंजलि ने पढ़ाई छोड़ने का मन बना लिया है।
खबर यह भी...
विभागों के चक्कर काटते छात्र
भोपाल (Bhopal) के मुकेश मालवीय (Mukesh Malviya) पांच साल से नर्सिंग (Nursing) की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ एक परीक्षा ही हुई है। पहले वर्ष उन्हें छात्रवृत्ति मिली थी, लेकिन उसके बाद किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिली। वह बार-बार सरकारी दफ्तरों और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
70,000 छात्रों को छात्रवृत्ति का इंतजार
thesootr
मध्य प्रदेश सरकार एससी (SC), एसटी (ST), और ओबीसी (OBC) छात्रों के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करती है, लेकिन पिछले चार वर्षों से 70,000 से अधिक छात्रों को इसका लाभ नहीं मिला है। छात्रवृत्ति न मिलने से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। बिना परीक्षा और डिग्री के नौकरी मिलना भी असंभव हो गया है।
खबर यह भी...
छात्रों का विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक घमासान
- नर्सिंग घोटाले की जांच के चलते परीक्षाएं और परिणाम रोक दिए गए थे। कोर्ट के आदेश के बाद भी परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं, जिससे छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
- एनएसयूआई (NSUI) के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार (Ravi Parmar) ने कहा, "हम मुख्यमंत्री से मिले हैं, लेकिन न परीक्षा हो रही है, न छात्रवृत्ति मिल रही है। अब जल्द ही विधानसभा का घेराव किया जाएगा।"
- एमपी कांग्रेस (MP Congress) अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "यह सरकार शिक्षा में भी अपराध कर रही है। कई छात्र आत्महत्या तक कर चुके हैं, लेकिन सरकार को कोई परवाह नहीं है।"
सरकार का दावा – जल्द मिलेगा समाधान
FAQ
- 1. एमपी नर्सिंग घोटाले में छात्रों को क्या समस्याएं हो रही हैं?
छात्रों को परीक्षाएं न होने, डिग्री न मिलने और छात्रवृत्ति न मिलने की वजह से भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। आर्थिक तंगी के कारण कई छात्रों को पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है। - 2. छात्रवृत्ति कब से रुकी हुई है, और कितने छात्रों को इसका नुकसान हुआ है?
छात्रवृत्ति पिछले चार वर्षों से रुकी हुई है, जिससे 70,000 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों को मिलने वाली राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। सरकार का दावा है कि मामला पहले कोर्ट और सीबीआई जांच के कारण रुका था, लेकिन अब 8-10 दिनों के भीतर छात्रवृत्ति की राशि खातों में भेजी जाएगी।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA