मध्यप्रदेश में अफसरों की गाड़ी पर लगेगी लगाम, वित्त विभाग ने जारी की नई वाहन गाइडलाइन
Abhilasha Saksena Chakraborty | May 06, 2025, 12:59 IST
MP finance dept's new vehicle policy
मध्यप्रदेश सरकार ने आईएएस, आईपीएस और अन्य सेवा अधिकारियों के लिए नई वाहन गाइडलाइन जारी की है। अब कलेक्टर और एसपी जैसे वरिष्ठ अधिकारी 10 लाख रुपए से अधिक कीमत की गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में तैनात आईएएस, आईपीएस और अन्य सेवा अधिकारियों के लिए नई वाहन गाइडलाइन जारी की है।
राज्य के वित्त विभाग ने सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के वेतन मैट्रिक्स के आधार पर वाहनों की अधिकतम सीमा तय की है। इन निर्देशों के अनुसार:
कलेक्टर और एसपी (Collector-SP):
अधिकतम गाड़ी की कीमत: ₹10 लाख (Petrol/Diesel/CNG)
इलेक्ट्रिक वाहन (EV): ₹15 लाख तक
कमिश्नर (Commissioner):
अधिकतम गाड़ी की कीमत: ₹12 लाख (Petrol/Diesel/CNG)
EV के लिए सीमा: ₹18 लाख तक
सचिव, अपर मुख्य सचिव, मुख्य सचिव (Secretary Level Officers):
ICE वाहन: ₹12 लाख
EV वाहन: ₹18 लाख
क्लास 2 और 3 अधिकारी:
पेट्रोल/डीजल/सीएनजी: ₹7 लाख तक
इलेक्ट्रिक वाहन: ₹10 लाख तक
ये सीमा उन अधिकारियों पर लागू होगी जो वेतन मैट्रिक्स लेवल 9, 10, 11 और 12 में आते हैं।
उप सचिव और अपर सचिव:
उप सचिव (Level 12): ₹7 लाख तक ICE वाहन, ₹10 लाख तक EV
अपर सचिव (Level 13): ₹10 लाख तक ICE वाहन, ₹15 लाख तक EV
अखिल भारतीय सेवा (All India Services) में आने वाले अधिकारियों जैसे डीएफओ, एसपी, एसीएफ और डीआईजी को भी अब निर्धारित सीमा के अनुसार ही वाहन उपयोग करना होगा।
वेतनमान के अनुसार EV और ICE वाहनों की अलग-अलग कीमतें तय की गई हैं ताकि गैर-जरूरी खर्च पर अंकुश लगाया जा सके।
ये भी पढ़ें:
IAS transfer: 33 आईएएस अधिकारियों के तबादले, डीएम-कमिश्नर समेत कई जिम्मेदारियों में बदलाव
गाइडलाइन के तहत अब कोई भी विभाग नया वाहन तभी खरीद सकेगा जब:
पहले से उपयोग में लाया जा रहा वाहन अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुका हो।
विभाग के पास बजट उपलब्ध हो।
प्रस्ताव को वित्त विभाग से स्वीकृति मिल जाए।
सरकारी खर्चों में कटौती संभव होगी।
लग्जरी गाड़ियों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
EV (Electric Vehicles) को बढ़ावा मिलेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
सरकार चाहती है कि अधिकारी इलेक्ट्रिक वाहन का अधिक उपयोग करें ताकि पर्यावरण को नुकसान कम हो और ईंधन पर निर्भरता घटे।यही वजह है कि ICE वाहनों की सीमा कम और EV की सीमा ज्यादा तय की गई है।
अब कलेक्टर और एसपी जैसे वरिष्ठ अधिकारी 10 लाख रुपये से अधिक कीमत की गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इस फैसले का मकसद सरकारी खर्चों में कटौती और मितव्ययिता को बढ़ावा देना है।
वित्त विभाग की नई गाइडलाइन में क्या-क्या बदला?
कलेक्टर और एसपी (Collector-SP):
अधिकतम गाड़ी की कीमत: ₹10 लाख (Petrol/Diesel/CNG)
इलेक्ट्रिक वाहन (EV): ₹15 लाख तक
कमिश्नर (Commissioner):
अधिकतम गाड़ी की कीमत: ₹12 लाख (Petrol/Diesel/CNG)
EV के लिए सीमा: ₹18 लाख तक
सचिव, अपर मुख्य सचिव, मुख्य सचिव (Secretary Level Officers):
ICE वाहन: ₹12 लाख
EV वाहन: ₹18 लाख
कौन सी कैटेगरी के अधिकारी किस प्रकार की गाड़ी खरीद सकते हैं?
पेट्रोल/डीजल/सीएनजी: ₹7 लाख तक
इलेक्ट्रिक वाहन: ₹10 लाख तक
ये सीमा उन अधिकारियों पर लागू होगी जो वेतन मैट्रिक्स लेवल 9, 10, 11 और 12 में आते हैं।
उप सचिव और अपर सचिव:
उप सचिव (Level 12): ₹7 लाख तक ICE वाहन, ₹10 लाख तक EV
अपर सचिव (Level 13): ₹10 लाख तक ICE वाहन, ₹15 लाख तक EV
अखिल भारतीय सेवा (IAS, IPS, IFS) के लिए खास गाइडलाइन
वेतनमान के अनुसार EV और ICE वाहनों की अलग-अलग कीमतें तय की गई हैं ताकि गैर-जरूरी खर्च पर अंकुश लगाया जा सके।
ये भी पढ़ें:
IAS transfer: 33 आईएएस अधिकारियों के तबादले, डीएम-कमिश्नर समेत कई जिम्मेदारियों में बदलाव
वाहन खरीदना है तो लेना होगा वित्त विभाग की अनुमति
पहले से उपयोग में लाया जा रहा वाहन अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुका हो।
विभाग के पास बजट उपलब्ध हो।
प्रस्ताव को वित्त विभाग से स्वीकृति मिल जाए।
फैसले का क्या होगा असर
लग्जरी गाड़ियों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
EV (Electric Vehicles) को बढ़ावा मिलेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
क्यों बढ़ रही है EV की सीमा?
FAQ
- 1. क्या सभी जिलों के कलेक्टर को एक ही कीमत की गाड़ी मिलेगी?
हां, नई गाइडलाइन के तहत सभी जिलों के कलेक्टर (वेतन मैट्रिक्स लेवल-12 और 13) को अधिकतम ₹10 लाख कीमत की ICE गाड़ी और ₹15 लाख की EV खरीदने की अनुमति है। - 2. क्या सचिव और मुख्य सचिव को भी वही गाड़ी मिलेगी जो अपर सचिव को मिलती है?
नहीं, सचिव, प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव और मुख्य सचिव (Level 14 या उससे ऊपर) को ₹12 लाख तक ICE और ₹18 लाख तक EV गाड़ियों की अनुमति है, जो उनसे नीचे रैंक के अफसरों से अलग है। - 3. क्या नए वाहन खरीदने से पहले प्रस्ताव भेजना जरूरी है?
जी हां, किसी भी नए वाहन की खरीदारी से पहले संबंधित विभाग को वित्त विभाग में प्रस्ताव भेजना अनिवार्य है। बिना स्वीकृति के वाहन नहीं खरीदे जा सकते।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari