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Photograph: (the sootr)
News in Short
- मनगवां अध्यक्ष ने विधायक पर पैसों की डिमांड का गंभीर आरोप लगाया है।
- अध्यक्ष के अनुसार विधायक विधानसभा प्रश्नों के जरिए उन पर दबाव बना रहे।
- विधायक नरेंद्र प्रजापति ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया।
- विधायक का दावा है कि उन्होंने परिषद के पुराने कार्यों की जांच मांगी।
- बीजेपी संगठन मंत्री को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
News in Detail
Rewa.मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित मनगवां नगर परिषद इन दिनों सियासी अखाड़ा बन गई है। यहां की अध्यक्ष बुटला कमलेश बंसल ने अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बीजेपी के प्रदेश संगठन मंत्री को एक पत्र लिखकर सनसनी फैला दी है। इस पत्र में विधायक पर लगातार पैसे मांगने और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब यह मामला सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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विधायक पर लगे वसूली और दबाव के आरोप
नगर परिषद अध्यक्ष का कहना है कि विधायक उन पर लगातार पैसों की डिमांड कर रहे हैं। पत्र के मुताबिक, जब विधायक की मांग पूरी नहीं होती, तो वे परिषद के खिलाफ विधानसभा में सवाल उठाने लगते हैं। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विधायक राजनीतिक दबाव बनाने के लिए सरकारी तंत्र का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे परिषद के कामकाज में बहुत बाधा आ रही है और विकास कार्य रुक रहे हैं।
विधानसभा प्रश्नों के जरिए घेराबंदी का खेल?
अध्यक्ष बुटला बंसल ने पत्र में कुछ खास प्रश्न क्रमांकों का भी जिक्र किया है। उनका दावा है कि विधायक नरेंद्र प्रजापति ने विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्न क्रमांक 73, 1163 और 743 के जरिए परिषद को निशाना बनाया है।
राजनीतिक रंजिश: अध्यक्ष का कहना है कि ये सवाल विकास के लिए नहीं बल्कि निजी स्वार्थ के लिए हैं।
पार्षदों की शिकायत: विधायक द्वारा पार्षदों के विरुद्ध भी ऊंचे स्तर पर झूठी शिकायतें करने की बात कही गई है।
दलित कार्ड: अध्यक्ष ने उल्लेख किया कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से आती हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है।
बीजेपी बनाम बीजेपी: संगठन की बढ़ी टेंशन
मनगवां नगर परिषद में वर्तमान में बीजेपी का ही बहुमत है। यहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित कुल 8 पार्षद बीजेपी के हैं। ऐसे में अपनी ही पार्टी के विधायक और अध्यक्ष के बीच की यह जंग पार्टी की छवि खराब कर रही है। अध्यक्ष ने संगठन मंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कार्यकर्ताओं का मनोबल पूरी तरह टूट जाएगा।
विधायक नरेंद्र प्रजापति का पलटवार
जब इस पूरे विवाद पर बीजेपी विधायक नरेंद्र प्रजापति से बात की गई, तो उन्होंने इन सभी आरोपों को निराधार और झूठा बताया। विधायक का कहना है कि वे वर्तमान में विधानसभा सत्र के लिए भोपाल में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर परिषद में साल 2018 से 2026 के बीच हुए निर्माण कार्यों में भारी गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं।
विधायक ने कहा, "मैंने केवल अनियमितताओं की जानकारी मांगी है। भ्रष्टाचार को उजागर करना मेरा कर्तव्य है। जब जांच की आंच उन पर आ रही है, तो वे मुझ पर झूठे आरोप लगाकर बचने की कोशिश कर रही हैं।" विधायक के अनुसार, उन्होंने जनता के पैसे के सही इस्तेमाल की रिपोर्ट मांगी है, जिससे अध्यक्ष घबरा गई हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लेटर
फिलहाल, यह पत्र सार्वजनिक होने के बाद पूरे रीवा जिले की राजनीति गरमा गई है। एक तरफ विधायक भ्रष्टाचार की जांच की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अध्यक्ष 'उगाही' का आरोप लगा रही हैं। हालांकि, पत्र वायरल होने के बाद अध्यक्ष बुटला बंसल ने अभी तक मीडिया के सामने आकर कोई नया बयान नहीं दिया है। लोग अब संगठन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
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