MP के 45 जिलों में जोरदार बारिश, लटेरी में 24 घंटे में बरसा चार इंच पानी, भदभदा और कलियासोत डैम के खुले गेट
Sanjay Dhiman | Sept 19, 2026, 20:11 IST
bhadbhada dam
भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 45 जिलों में बारिश हुई। विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच पानी गिरा। भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोले गए। प्रदेश में अब तक कुल कोटे का 89.3% पानी बरस चुका है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश के 45 जिलों में बीते 24 घंटे में बारिश हुई।
भोपाल में बड़ा तालाब का जलस्तर बढ़ने से भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोले गए।
विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच पानी गिरा।
ब्यावरा में अजनार नदी पुल के ऊपर बह निकली।
प्रदेश में अब तक कुल कोटे का 89.3% पानी बरस चुका है।
भोपाल और आसपास के इलाकों में रातभर तेज बारिश हुई।
इससे बड़ा तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा।
प्रशासन ने सुबह 3 बजे भदभदा डैम का एक गेट खोल दिया।
कुछ ही देर बाद कलियासोत डैम के भी दो गेट खोले गए।
इससे शहर के निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ब्यावरा में भी हालात गंभीर बने। लगातार बारिश से आसपास की नदी-नाले उफान पर आ गए।
अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। इससे इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक बीते एक दिन में प्रदेश के 45 जिलों में बारिश दर्ज हुई।
इनमें शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, रीवा, मऊगंज और सीधी शामिल हैं।
सिंगरौली, सतना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भी पानी गिरा।
सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पांढुर्णा में भी बारिश हुई।
भोपाल, राजगढ़, सीहोर, विदिशा और रायसेन में भी बारिश दर्ज हुई।
शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, उज्जैन और देवास इस सूची में शामिल हैं।
रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच और आगर-मालवा में भी पानी बरसा।
इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर और बड़वानी में भी हल्की से तेज बारिश हुई।
खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, सागर और दमोह में भी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार सबसे ज्यादा बारिश विदिशा के लटेरी में हुई।
यहां 4.2 इंच पानी गिरा। गुना के कुंभराज में 4 इंच बारिश दर्ज हुई।
आगर-मालवा के नलखेड़ा में 92 मिमी यानी करीब 3.7 इंच पानी गिरा।
आगर के बड़ौद में 2.9 इंच बारिश हुई। गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच पानी दर्ज हुआ।
राजगढ़ के खिलचीपुर और आगर शहर में करीब ढाई इंच बारिश हुई।
इन इलाकों में सड़कों पर पानी भरने की सूचना है।
मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 33.2 इंच बारिश हो चुकी है।
यह कुल तय कोटे का 89.3% है। मौसम केंद्र के मुताबिक मानसूनी सीजन खत्म होने में अब सिर्फ 11 दिन बचे हैं।
आखिरी हफ्ते में कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
इससे प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी कम है।
इंदौर, धार, आलीराजपुर, रायसेन और विदिशा में सामान्य बारिश का 80% पानी भी नहीं गिरा है।
जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, सागर, उज्जैन, रतलाम और शाजापुर भी इसी सूची में हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि इन जिलों में लगातार तीन से चार दिन भारी बारिश हो, तभी सामान्य आंकड़े तक पहुंचा जा सकता है।
दूसरी तरफ मऊगंज और निवाड़ी में तय कोटे से दोगुना पानी गिर चुका है।
फिलहाल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन और ग्वालियर में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश हो चुकी है।
शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर और भिंड में भी स्थिति ठीक है।
श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया भी इस सूची में शामिल हैं।
बाकी बचे 37 जिलों में अब तक सामान्य से कम पानी गिरा है।
मानसून की विदाई से पहले इन जिलों पर सबकी नजर रहेगी।
भोपाल में बड़ा तालाब का जलस्तर बढ़ने से भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोले गए।
विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच पानी गिरा।
ब्यावरा में अजनार नदी पुल के ऊपर बह निकली।
प्रदेश में अब तक कुल कोटे का 89.3% पानी बरस चुका है।
भोपाल में खुले डैम के गेट
इससे बड़ा तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा।
प्रशासन ने सुबह 3 बजे भदभदा डैम का एक गेट खोल दिया।
कुछ ही देर बाद कलियासोत डैम के भी दो गेट खोले गए।
इससे शहर के निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ब्यावरा में भी हालात गंभीर बने। लगातार बारिश से आसपास की नदी-नाले उफान पर आ गए।
अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। इससे इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कहां-कहां हुई बारिश
इनमें शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, रीवा, मऊगंज और सीधी शामिल हैं।
सिंगरौली, सतना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भी पानी गिरा।
सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पांढुर्णा में भी बारिश हुई।
भोपाल, राजगढ़, सीहोर, विदिशा और रायसेन में भी बारिश दर्ज हुई।
शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, उज्जैन और देवास इस सूची में शामिल हैं।
रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच और आगर-मालवा में भी पानी बरसा।
इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर और बड़वानी में भी हल्की से तेज बारिश हुई।
खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, सागर और दमोह में भी बारिश दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा बारिश कहां
यहां 4.2 इंच पानी गिरा। गुना के कुंभराज में 4 इंच बारिश दर्ज हुई।
आगर-मालवा के नलखेड़ा में 92 मिमी यानी करीब 3.7 इंच पानी गिरा।
आगर के बड़ौद में 2.9 इंच बारिश हुई। गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच पानी दर्ज हुआ।
राजगढ़ के खिलचीपुर और आगर शहर में करीब ढाई इंच बारिश हुई।
इन इलाकों में सड़कों पर पानी भरने की सूचना है।
अब तक कितनी बारिश हुई
यह कुल तय कोटे का 89.3% है। मौसम केंद्र के मुताबिक मानसूनी सीजन खत्म होने में अब सिर्फ 11 दिन बचे हैं।
आखिरी हफ्ते में कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
इससे प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
किन जिलों में कम बारिश
इंदौर, धार, आलीराजपुर, रायसेन और विदिशा में सामान्य बारिश का 80% पानी भी नहीं गिरा है।
जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, सागर, उज्जैन, रतलाम और शाजापुर भी इसी सूची में हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि इन जिलों में लगातार तीन से चार दिन भारी बारिश हो, तभी सामान्य आंकड़े तक पहुंचा जा सकता है।
दूसरी तरफ मऊगंज और निवाड़ी में तय कोटे से दोगुना पानी गिर चुका है।
आगे क्या होगा असर
शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर और भिंड में भी स्थिति ठीक है।
श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया भी इस सूची में शामिल हैं।
बाकी बचे 37 जिलों में अब तक सामान्य से कम पानी गिरा है।
मानसून की विदाई से पहले इन जिलों पर सबकी नजर रहेगी।
- मध्य प्रदेश में हाल की बारिश से किस जिले में सबसे ज्यादा वर्षा हुई?
मध्य प्रदेश में हाल की बारिश के दौरान विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच वर्षा हुई। - भोपाल में बारिश के कारण प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
भोपाल में भारी बारिश के कारण प्रशासन ने भदभदा डैम का एक गेट और कलियासोत डैम के दो गेट खोल दिए हैं। - मध्य प्रदेश में अब तक कुल कितनी बारिश हो चुकी है?
मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 33.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो कुल तय कोटे का 89.3% है।
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