ब्रिटिश कालीन व्यवस्था का अंत: मध्य प्रदेश ने रद्द किए 7 पुराने कानून

Manya Jain | Aug 15, 2026, 10:50 IST
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mp seven colonial laws abolished
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मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कानूनी फैसला लिया है। प्रदेश से आजादी से पहले के 7 पुराने कानून हटा दिए गए हैं। ये सभी कानून अंग्रेजों के जमाने के थे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश की कानून व्यवस्था से आजादी से पहले के 7 पुराने कानून हटा दिए हैं।
  • ये सभी कानून औपनिवेशिक काल के थे और अब अप्रासंगिक हो चुके थे।
  • राज्यपाल की मंजूरी के बाद इन्हें खत्म करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई।
  • गौर करने वाली बात यह है कि मध्य प्रदेश का गठन 1956 में हुआ था।
  • ये सातों कानून आजादी से पहले, यानी 1933 से 1947 के बीच बनाए गए थे।

नई व्यवस्था में नहीं थी जरूरत

मध्यप्रदेशसरकार का कहना है कि इन कानूनों को उपयोगिता नई व्यवस्था में पहले ही खत्म हो चुकी थी। समय के साथ इनका महत्व घटता गया। इसी वजह से ि

सरकार का कहना है कि इन कानूनों की उपयोगिता नई व्यवस्था में पहले ही खत्म हो चुकी थी। समय के साथ इनका महत्व घटता गया। इसी वजह से इन्हें औपचारिक रूप से रद्द करने का फैसला लिया गया।

साल-दर-साल कौन से कानून हुए खत्म

1933: डेट कंसीलिएशन एक्ट

यह कानून किसानों और साहूकारों के बीच कर्ज की समस्या सुलझाने के लिए बनाया गया था। इसके तहत विवादों को सुलझाने के लिए एक बोर्ड बनाया जाता था।

1937: प्रोटेक्शन ऑफ डेटर्स एक्ट

इस कानून के जरिए कर्जदार किसानों को साहूकारों की प्रताड़ना से सुरक्षा दी जाती थी। इसका मकसद किसानों को शोषण से बचाना था।

1937: फौजदारी रिलीफ एक्ट

ब्रिटिश काल में खेती से जुड़े पीड़ितों को राहत देने के लिए यह कानून बनाया गया था। इसमें राहत वितरण को नियंत्रित करने के नियम भी शामिल थे।

1939: रिलीफ ऑफ इनडेंटेड एक्ट

इस कानून का मकसद किसानों पर बढ़ते कर्ज को कम करना था। इसके लिए विशेष कर्ज अदालतें गठित की जाती थीं।

1940: विद्या मंदिर एक्ट

इस कानून के तहत गांवों में विद्या मंदिर योजना शुरू की गई थी। ग्रामीणों की दान दी गई जमीन से होने वाली आय से स्कूलों का खर्च चलाया जाता था।

1944: गुलामी संबंधी शर्तों से जुड़ा कानून

यह कानून जमींदारों या असमर्थ लोगों द्वारा कराई जाने वाली बंधुआ मजदूरी जैसी प्रथाओं को रोकने के लिए बनाया गया था।

1947: लैंड सर्वे एक्ट

आजादी के समय जमीनों की सीमांकन, सर्वेक्षण और नक्शा तैयार करने के लिए यह कानून बनाया गया था।

अब क्या बदलेगा

इन कानूनों के खत्म होने से प्रदेश की कानूनी किताब से पुरानी और अनुपयोगी धाराएं हट जाएंगी। इससे व्यवस्था सरल और आधुनिक बनने की उम्मीद है।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश में कितने पुराने कानून खत्म किए गए हैं?
    मध्य प्रदेश सरकार ने आजादी से पहले के 7 पुराने कानून खत्म किए हैं। ये सभी कानून 1933 से 1947 के बीच बने थे।
  2. इन कानूनों को खत्म करने की मंजूरी किसने दी?
    इन कानूनों को खत्म करने की मंजूरी राज्यपाल ने दी है। इसके बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई।
  3. ये कानून कब बनाए गए थे?
    ये सातों कानून आजादी से पहले, यानी 1933 से 1947 के बीच बनाए गए थे। मध्य प्रदेश राज्य का गठन इसके बाद 1956 में हुआ था।
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