एमपी में बदले शिक्षक पुरस्कार के नियम, जानें किसे मिलेगा मौका

Sourabh Bhatnagar | Aug 04, 2026, 11:59 IST
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mp teacher award 110 conditions
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मध्य प्रदेश में राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार अब 14 से बढ़ाकर 110 कर दिए गए हैं। हर जिले से दो शिक्षक चुने जाएंगे। लेकिन शर्तें सख्त हैं, 100% रिजल्ट, 80% ए-ग्रेड और 90% ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार 14 से बढ़ाकर 110 कर दिए गए हैं।
  • अब हर जिले से दो-दो शिक्षकों का चयन होगा।
  • कक्षा 1-8 के शिक्षकों को 5 साल का 100% रिजल्ट दिखाना होगा।
  • कक्षा 9-12 के शिक्षकों को 90% ई-अटेंडेंस देनी होगी।
  • शिक्षक संगठनों ने शर्तों को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी कठिन बताया।
मध्य प्रदेश में राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। एमपी स्कूल शिक्षा विभाग ने पुरस्कारों की संख्या 14 से बढ़ाकर 110 कर दी है। अब हर जिले से शिक्षकों को मौका मिलेगा। हालांकि पात्रता की शर्तें पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दी गई हैं।

पुरस्कार संख्या क्यों बढ़ी

पहले राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार सीमित संख्या में दिए जाते थे। अब विभाग ने इसका दायरा पूरे प्रदेश तक फैला दिया है। प्रदेश के सभी 55 जिलों से दो-दो शिक्षकों का चयन होगा। इस तरह कुल 110 शिक्षकों को यह सम्मान मिलेगा। विभाग का मानना है कि इससे ज्यादा शिक्षकों को पहचान मिलेगी। हर जिले में अच्छा काम करने वाले शिक्षक अब सामने आ सकेंगे।

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छोटी कक्षाओं के लिए क्या शर्त

कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शर्त सख्त है। उन्हें पिछले पांच साल का रिकॉर्ड दिखाना होगा। इन पांच वर्षों में अपने विषय का शत-प्रतिशत परिणाम जरूरी होगा। इसके साथ ही 80 प्रतिशत विद्यार्थियों का ए-ग्रेड आना भी अनिवार्य है। यानी सिर्फ पास कराना काफी नहीं होगा। बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का प्रमाण भी देना होगा।

बड़ी कक्षाओं के लिए क्या नियम

कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए अलग शर्त रखी गई है। उन्हें पांच साल का औसत परिणाम कम से कम 80 प्रतिशत दिखाना होगा। इसके साथ 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस भी जरूरी कर दी गई है। यानी शिक्षक की खुद की उपस्थिति भी अहम मानी जाएगी। यह शर्त डिजिटल हाजिरी व्यवस्था से जुड़ी हुई है। इसे पूरा करना कई शिक्षकों के लिए चुनौती बन सकता है।

शिक्षक संगठनों ने जताई आपत्ति

नई शर्तों को लेकर शिक्षक संगठनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि ये शर्तें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से भी ज्यादा सख्त हैं। संगठनों के मुताबिक शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करना व्यावहारिक तौर पर मुश्किल है। कई स्कूलों में संसाधनों की कमी पहले से एक बड़ी समस्या है। ऐसे हालात में सख्त शर्तें पूरी करना आसान नहीं माना जा रहा। शिक्षकों का कहना है कि शर्तों की समीक्षा होनी चाहिए।

mp teachers award
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राष्ट्रीय पुरस्कार से अंतर

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में मूल्यांकन का तरीका अलग होता है। वहां नवाचार और शोध कार्य को खास तवज्जो दी जाती है। स्कूल छोड़ चुके बच्चों को वापस जोड़ने के प्रयास भी अहम माने जाते हैं। कुल मिलाकर शिक्षक की समग्र उपलब्धियों को परखा जाता है। वहां शत-प्रतिशत परिणाम या तय प्रतिशत ई-अटेंडेंस जैसी सख्त शर्तें नहीं होतीं। राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश से कुल छह शिक्षकों को पुरस्कार मिलता है। राज्य स्तर पर अब जिलेवार आधार पर यह संख्या बढ़ाई गई है।

आवेदन प्रक्रिया और तारीखें

इच्छुक शिक्षक राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए शिक्षक विमर्श पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। आवेदन 25 जुलाई 2026 से शुरू होंगे। अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 तय की गई है।

इस दौरान शिक्षकों को अपने पांच साल के आंकड़े जमा करने होंगे। इसमें परिणाम, ग्रेड और उपस्थिति से जुड़े दस्तावेज शामिल रहेंगे। विभाग ने समय पर आवेदन करने की अपील की है।

Governor's Teacher Award in Madhya Pradesh
Governor's Teacher Award in Madhya Pradesh


पुराने-नए नियम में फर्क

पहले की व्यवस्था में पुरस्कार सीमित शिक्षकों तक ही पहुंच पाता था। कई जिलों के शिक्षकों को कभी मौका ही नहीं मिलता था। नई व्यवस्था में हर जिले की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इससे दूरदराज के स्कूलों के शिक्षक भी सामने आ सकेंगे। हालांकि संख्या बढ़ने के साथ शर्तें भी कड़ी हो गई हैं। विभाग का तर्क है कि इससे चयन प्रक्रिया और पारदर्शी बनेगी।

ग्रामीण शिक्षकों की चिंता

ग्रामीण इलाकों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की चिंता अलग है। वहां संसाधनों की कमी और बच्चों की अनियमित उपस्थिति आम समस्या है। ऐसे में शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करना मुश्किल हो सकता है। शिक्षकों का कहना है कि शहरी और ग्रामीण स्कूलों के हालात अलग हैं। दोनों जगह एक जैसी शर्त लागू करना उचित नहीं माना जा रहा। कुछ शिक्षक संगठनों ने अलग मापदंड बनाने की मांग की है।

विभाग का पक्ष

स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि गुणवत्ता को प्राथमिकता (एमपी शिक्षक सम्मानित) दी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक सख्त शर्तें बेहतर परिणाम देने वाले शिक्षकों को पहचान देंगी। विभाग यह भी मान रहा है कि इससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। हालांकि विभाग ने अभी शर्तों में ढील देने का कोई संकेत नहीं दिया है। आने वाले हफ्तों में इस मुद्दे पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

आगे क्या होगा

आवेदन बंद होने के बाद विभाग स्तर पर छानबीन (एमपी शिक्षक न्यूज) शुरू होगी। हर जिले से पात्र शिक्षकों के नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद अंतिम सूची तैयार कर पुरस्कार की घोषणा होगी। शिक्षक संगठनों की आपत्तियों पर विभाग का रुख अभी साफ नहीं है। आने वाले दिनों में शर्तों में बदलाव की मांग और तेज हो सकती है। शिक्षकों की नजर अब विभाग के अगले फैसले पर टिकी है।

FAQ

  1. प्रश्न 1: मध्य प्रदेश में राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार में क्या बदलाव हुआ है?
    उत्तर: मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार की संख्या 14 से बढ़ाकर 110 कर दी है। अब मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों से दो-दो शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इससे पहले यह पुरस्कार बहुत सीमित शिक्षकों को ही मिल पाता था।
  2. प्रश्न 2: मध्य प्रदेश में राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार के लिए पात्रता की क्या शर्तें हैं?
    उत्तर: कक्षा 1 से 8 के शिक्षकों को पिछले 5 साल में अपने विषय का 100% परिणाम और 80% बच्चों का ए-ग्रेड दिखाना होगा। कक्षा 9 से 12 के शिक्षकों के लिए 5 साल का औसत परिणाम कम से कम 80% और 90% ई-अटेंडेंस अनिवार्य है।
  3. प्रश्न 3: मध्य प्रदेश में राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन कब और कैसे कर सकते हैं?
    उत्तर: शिक्षक शिक्षक विमर्श पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 25 जुलाई 2026 से शुरू होकर 10 अगस्त 2026 तक चलेगी। इस दौरान शिक्षकों को अपने पांच साल के परिणाम और उपस्थिति से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे।

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