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मुख्यमंत्री मोहन यादव 2 फरवरी को गुजरात पहुंचे थे। यहां उन्होंने कच्छ के रण उत्सव का भ्रमण किया। वहां कि व्यावस्थाओं पर नजर डाला कच्छ का टेंट सिटी और टूरिस्ट व्यवस्थाओं के बारे में समझा और जाना। इसके बाद सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि, सिंहस्थ 2028 में रण उत्सव की तर्ज पर उज्जैन में भी टेंट सिटी बनाई जाएगी।
गुजरात मॉडल को अपना रहा एमपी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी कहा कि, प्रदेश के कई अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी टेंट सिटी (उज्जैन सिंहस्थ 2028) बनाई जाएगी। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद होगी। बाद में उन्होंने राज्य के अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की है।
भोपल में गैस त्रासदी स्मृति संग्रहालय भी बनेगा
सीएम मोहन यादव ने भुज स्थित 'स्मृति वन' का भ्रमण किया। यह एक स्मारक है, ये भूकंप पीड़ितों के लिए बनाया गया है। इसी से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने कहा कि, भोपाल में भी यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी के पीड़ितों की याद में एक समर्पित संग्रहालय बनाया जाएगा। ये संवेदना और संकल्प का प्रतीक माना जाएगा।
जाने क्या है कच्छ के रण की विशेषताएं
कच्छ का रण गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है।
यह दुनिया का सबसे बड़ा नमकीन रेगिस्तान है।
ये लगभग 30 हजार वर्ग किमी में फैला हुआ है।
सफेद नमक कि परत और बन्नी घास के मैदानो के लिए फेमस है।
दिसंबर से फरवरी के बीच होने वाले 'रण उत्सव' के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल है माना जाता है।
अपनी लोक कला रोगन पेंटिंग कसीदाकारी और मिट्टी के बर्तनों के लिए जानी जाती है।
यह क्षेत्र पहले अरब सागर का हिस्सा था, भूकंपीय गतिविधियों के चलते समुद्र से अलग हो गया।
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