एमपी में यूसीसी से पूरी तरह बाहर रहेंगे आदिवासी! धर्मांतरित को नहीं मिलेगी छूट
Aman Vaishnav | Jun 26, 2026, 10:06 IST
एमपी में यूसीसी से पूरी तरह बाहर रहेंगे आदिवासी
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर बड़ा अपडेट आया है। कमेटी आदिवासियों को कानून से बाहर रखने पर विचार कर रही है। वहीं स्वेच्छा से अपनाने का विकल्प मिल सकता है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश में यूसीसी का मसौदा तैयार हो रहा है।
- कमेटी आदिवासियों के लिए अलग फॉर्मूले पर विचार कर रही है।
- शुरुआत में आदिवासियों को यूसीसी से बाहर रखा जाएगा।
- वहीं, जो चाहें वे स्वेच्छा से इसे अपना सकेंगे।
- धर्मांतरित आदिवासियों को यह छूट नहीं मिलने की चर्चा है।
आदिवासियों को मिलेगी छूट?
वहीं एक नया विकल्प भी जोड़ा जा सकता है। जो आदिवासी खुद यूसीसी अपनाना चाहें, उन्हें यह कानूनी अधिकार मिल सकता है। यह सुझाव जन परामर्श के दौरान सामने आया है।
फिलहाल राज्य सरकार का अभी का रुख आदिवासियों को पूरी तरह बाहर रखने का है। हालांकि गैर आदिवासी और पढ़े-लिखे आदिवासियों के एक वर्ग ने वैकल्पिक विकल्प की मांग की है।
धर्मांतरण पर सख्त रुख
सुझाव देने वालों का तर्क साफ है। धर्म बदलने के बाद ये लोग पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों से अलग हो जाते हैं। इसलिए उन्हें सामान्य नागरिकों जैसा ही माना जाना चाहिए।
हालांकि अभी इस पर अंतिम सहमति नहीं बनी है। यह व्यवस्था कानूनी रूप से कैसे लागू होगी, इस पर मंथन जारी है।
ग्वालियर में अंतिम चर्चा
इस बैठक में स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दे इस बैठक में प्रमुखता से उठे।
भोपाल में बनेगा ड्राफ्ट
विभिन्न पक्षों की राय को आधार बनाकर अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। यह काम अगले कुछ दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।
5 जुलाई को होगा खुलासा
यह कानून लागू होने से पहले एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आदिवासी समुदाय के लिए यह खासतौर पर अहम है।
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