सीएम मोहन यादव बोले MP में जल्द लागू होगा UCC, जनजातीय समाज को मिलेगी बड़ी छूट

Sanjay Dhiman | Jun 03, 2026, 23:18 IST
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Photograph: (the sootr)

MP में जल्द UCC लागू होगा। सीएम मोहन यादव ने साफ किया कि आदिवासी समाज को इससे बाहर रखा जाएगा। उनके पारंपरिक रीति-रिवाज पहले जैसे सुरक्षित रहेंगे। इसके लिए रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमेटी जनता की राय ले रही है।

पांच पाइंट में समझें पूरा मामला

  • जल्द लागू होगा UCC: सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में जल्द समान नागरिक संहिता लागू होगी।
  • आदिवासियों को बड़ी छूट: जनजातीय समाज को इस नए कानून से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।
  • परंपराएं रहेंगी सुरक्षित: आदिवासी समुदाय अपने पारंपरिक रीति-रिवाज मानने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेगा।
  • हाई-लेवल कमेटी तैयार: रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति जनता से राय ले रही है।
  • गुजरात मॉडल पर काम: सरकार आदिवासियों के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए गुजरात का फॉर्मूला अपनाएगी।
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC(Uniform Civil Code) को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर अब एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में एक कानून लागू होना बेहद जरूरी है। इस राष्ट्रीय भावना में किसी भी तरह की कोई बुराई नहीं दिखती है। देश के तीन राज्य पहले ही अपने यहां UCC लागू कर चुके हैं। अब मध्य प्रदेश सरकार भी इस दिशा में बहुत तेजी से काम करेगी। बहुत जल्द हमारा मध्य प्रदेश भी UCC लागू करने वाला राज्य बन जाएगा।

रिटायर्ड जज की कमेटी लेगी जनता की राय

सरकार ने इस बड़े काम के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। इस कमेटी की कमान सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना देसाई को सौंपी गई है। यह कमेटी अब जिला स्तर पर जाकर सभी वर्गों से बात करेगी। कमेटी सभी लोगों से मिलकर उनकी राय और सुझाव इकट्ठा कर रही है। जनता की राय के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। सरकार चाहती है कि इस कानून में सबकी मर्जी शामिल हो सके। किसी भी वर्ग के साथ कोई भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा।

जनजातीय समुदाय को रखा गया है UCC से अलग?

आदिवासी समाज के पारंपरिक रीति-रिवाजों की होगी पूरी सुरक्षा

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबर आदिवासियों से जुड़ी है। सीएम मोहन यादव ने साफ किया कि जनजातीय समाज इससे बाहर रहेगा। आदिवासी समाज के लोग अपने पारंपरिक रीति-रिवाज मानते रहेंगे। नए कानून से उनके पुराने नियमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार उनके हक और संस्कृति की पूरी तरह रक्षा करने वाली है। आदिवासियों को अपनी परंपराएं निभाने की पूरी आजादी पहले जैसी मिलेगी।

गुजरात मॉडल की तर्ज पर मध्य प्रदेश में बनेगी योजना

मध्य प्रदेश सरकार इस मामले में गुजरात के फॉर्मूले पर काम कर रही है। गुजरात में भी जनजातीय समुदाय को ऐसी ही बड़ी छूट दी गई है। डॉ. मोहन यादव ने खुद इस बात का भरोसा जनता को दिलाया है। सरकार का मानना है कि आदिवासियों की संस्कृति बहुत अनोखी होती है। इसलिए उनकी परंपराओं के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। यह फैसला राज्य के लाखों आदिवासी परिवारों के लिए बड़ी राहत लाया है।

जानिए देश और राज्यों में UCC की क्या है मौजूदा स्थिति

तीन राज्य पहले ही उठा चुके हैं यह बड़ा कदम

भारत के तीन राज्यों में समान नागरिक संहिता पर काम हो चुका है। उत्तराखंड इस कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। उसके बाद अन्य राज्यों ने भी इस दिशा में कदम आगे बढ़ाए। अब मध्य प्रदेश भी इसी नक्शेकदम पर आगे बढ़ने को तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इसे लेकर ड्राफ्ट तैयार किया जा सकता है।

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले के मायने क्या हैं?

इस बड़े फैसले के कई सियासी और सामाजिक मायने निकाले जा रहे हैं। विपक्ष लगातार आदिवासियों के अधिकारों को लेकर सरकार पर सवाल उठाता था। सीएम के इस बयान ने विपक्ष के सभी आरोपों को शांत कर दिया है। सरकार ने विकास के साथ-साथ संस्कृति बचाने का भी संदेश दिया है। अब देखना होगा कि कमेटी अपनी रिपोर्ट कब तक सौंपती है।

FAQ

  1. क्या MP me UCC लागू होने से आदिवासियों के नियम बदल जाएंगे?
    जी नहीं, बिल्कुल नहीं बदलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा है कि MP me UCC लागू होने के बाद भी जनजातीय समुदाय को इससे पूरी तरह अलग रखा जाएगा। वे अपने पुराने रीति-रिवाज और परंपराएं पहले की तरह ही मानते रहेंगे।
  2. मध्य प्रदेश में UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कौन सी कमेटी बनी है?
    मध्य प्रदेश सरकार ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है। यह समिति जिला स्तर पर जाकर सभी वर्गों से उनकी राय ले रही है ताकि MP me UCC का एक सही ड्राफ्ट तैयार हो सके।
  3. भारत के किन राज्यों में UCC पहले से लागू या स्वीकृत हो चुका है?
    भारत में उत्तराखंड, गोवा और गुजरात जैसे राज्यों ने समान नागरिक संहिता यानी UCC की दिशा में पहले ही बड़े कदम उठाए हैं। अब इसी तर्ज पर MP me UCC को भी जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी चल रही है।
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