कांग्रेस को फिर से जिंदा करना सबसे बड़ी चुनौती, जीतू-उमंग-हेमंत को ही क्यों मिली जिम्मेदारी, इनके सामने क्या चुनौतियां
Pratibha Rana | Dec 17, 2023, 24:00 IST
कांग्रेस को फिर से जिंदा करना सबसे बड़ी चुनौती, जीतू-उमंग-हेमंत को ही क्यों मिली जिम्मेदारी, इनके सामने क्या चुनौतियां
विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस में बड़ी सर्जरी हुई है। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ विधायक उमंग सिंघार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया है।
BHOPAL. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव में मिली हार के बाद अब मध्य प्रदेश कांग्रेस में बड़ा बदलाव हुआ है। पार्टी हाईकमान ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से कमलनाथ को प्रदेश की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। उनके स्थान पर पूर्व मंत्री और ओबीसी वर्ग से आने वाले जीतू पटवारी को पार्टी की कमान दी है। इनके अलावा उमंग सिंघार और हेमंत कटारे को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इस बदलाव से अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब से कांग्रेस युवा चेहरों के जरिए रणनीति तैयार करने की तैयारी कर रही है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस में बड़ा बदलाव हुआ है। चुनावों में हार के बाद कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष और उमंग सिंघार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, तो हेमंत कटारे को विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष बनाया है। दिलचस्प बात ये है कि पटवारी के कमलनाथ की बनती नहीं है। वहीं उमंग सिंघार के दिग्विजय सिंह के साथ रिश्ते सही नही है। ऐसे में इनकी नियुक्तियों के बाद इन दोनों के लिए बड़ा चैलेंज होने वाला है।
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जीतू पटवारी और उमंग सिंघार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बड़े नेताओं से तालमेल बनाना है। दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, सुरेश पचौरी, विवेक तन्खा, डॉ. गोविंद सिंह, अजय सिंह जैसे नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखना बड़ी चुनौती रहेगी।
सदन में दिग्विजय और कमलनाथ गुट के नेताओं को साधना भी एक बड़ी चुनौती रहेगी। सदन में अजय सिंह, रामनिवास रावत और बाला बच्चन जैसे सीनियर विधायक हैं। उनसे तालमेल बैठाना सिंघार के लिए बड़ा चैलेंज है।
अगले साल (2024) में होने वाले लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। वर्तमान में कांग्रेस ने केवल छिंदवाड़ा जिले की सातों सीटें जीती हैं। बता दें, 2019 के चुनाव में कांग्रेस को लोकसभा की 29 में से केवल एक सीट छिंदवाड़ा में ही जीत मिली थी।
मीडिया से बातचीत करते हुए जीतू पटवारी ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं और युवाओं के सहयोग से ही मेरे जैसे छोटे से कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। अब आने वाले समय में कांग्रेस के विचार को कैसे सामूहिक नेतृत्व के साथ घर-घर पहुंचना है मैं इस भावना को जानता हूं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का परफॉर्मेंस अच्छा रहे यह हमारे सामने बड़ी चुनौती है। इसका एहसास मेरे साथ-साथ कांग्रेस के एक-एक कार्यकर्ता को है।
राह रहने वाली है बेहद चुनौतीपूर्ण
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अब आगे कौन सी चुनौतियां ?
सदन में दिग्विजय और कमलनाथ गुट के नेताओं को साधना भी एक बड़ी चुनौती रहेगी। सदन में अजय सिंह, रामनिवास रावत और बाला बच्चन जैसे सीनियर विधायक हैं। उनसे तालमेल बैठाना सिंघार के लिए बड़ा चैलेंज है।
अगले साल (2024) में होने वाले लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। वर्तमान में कांग्रेस ने केवल छिंदवाड़ा जिले की सातों सीटें जीती हैं। बता दें, 2019 के चुनाव में कांग्रेस को लोकसभा की 29 में से केवल एक सीट छिंदवाड़ा में ही जीत मिली थी।
मीडिया से चर्चा बोले पटवारी लोकसभा चुनाव चुनौती
Congress के युवा नेताओं के सामने हैं कई चुनौतियां!
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