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INDORE. मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग का परीक्षा शेड्यूल सामान्य तौर पर सितंबर-अक्टूबर माह में आ जाता था। वहीं, इस बार नवंबर माह भी खत्म होने की ओर है। शेड्यूल नहीं आने से विविध भर्ती परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे उम्मीदवारों लिए परेशानी का कारण बन रहा है। वे असमंजस में हैं कि किस परीक्षा की तैयारी करें और किसे छोड़ें।
इसलिए हो रही है देरी
इस पीएससी परीक्षा शेड्यूल की देरी की सबसे बड़ी वजह मध्यप्रदेश के विभाग बने हैं। ये विभाग भर्ती की डिमांड भेजने में ढीलपोल करते हैं। इसी के चलते आयोग के शेड्यूल में खासी देरी हो रही है। उधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार अपने कार्यकाल में ढाई लाख भर्ती की बात कर रहे हैं। इसके बावजूद विभागों के कानों में जूं नहीं रेंग रही है।
कैलेंडर कब तक संभावित
वहीं आयोग से मिल रही जानकारी के अनुसार विभागों से डिमांड का इंतजार किया जा रहा है। आयोग पहले यह शेड्यूल नवंबर अंत तक जारी करने की तैयारी कर रहा था। वहीं, यूपीएससी के एक कार्यक्रम में चेयरमैन व अधिकारियों के दिल्ली में व्यस्त होने से मीटिंग बाकी है। माना जा रहा है कि यह शेड्यूल दिसंबर के पहले सप्ताह में जारी हो जाएगा। हालांकि विविध भर्ती विज्ञापन, खासकर राज्य सेवा जैसे बड़े विज्ञापन तो वहीं आखिर में 30-31 दिसंबर में ही जारी होंगे।
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2025 के केस ने 2026 राज्य सेवा को उलझाया
उधर राज्य सेवा परीक्षा 2025 की मेंस को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में केस चल रहा है। केस के चलते राज्य सेवा परीक्षा का सिस्टम एक साल में पूरा करने की कोशिश फिर पटरी से उतर गई है। पहले जून में यह मेंस कराकर नवंबर-दिसंबर में इंटरव्यू कराकर एक साल में रिजल्ट देने की कोशिश थी। वहीं, अब सब असमंजस में हैं।
जब हाईकोर्ट मंजूरी देगा, तब इसकी मेंस के लिए विंडो बनेगी। इसमें हाईकोर्ट में सुनवाई अब 9 जनवरी संभावित है। राज्य सेवा परीक्षा 2026 के शेड्यूल को अब आयोग इसी हिसाब से बना रहा है कि जब मेंस 2025 होगी, तब होगी। अब फोकस 2026 के शेड्यूल पर किया जाए।
2026 राज्य सेवा को लेकर यह विचार
फरवरी-मार्च 2026 में राज्य सेवा परीक्षा 2026 की प्री कराने पर विचार हो रहा है। ताकि जून-जुलाई में मेंस करा ली जाए। साथ ही, कोई अड़चन नहीं आए तो एक साल में ही नवंबर-दिसंबर में इसके इंटरव्यू करा लिए जाएं। वहीं, बीच में 2025 को लेकर विंडो तो रखना होगी, क्योंकि वरिष्ठता क्रम में जॉइनिंग पहले 2025 वालों को ही मिलेगी।
इसके पहले भी दो परीक्षाएं उलझी हैं
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब पुरानी परीक्षा के चलते नई परीक्षा का रिजल्ट, जॉइनिंग रुकी हो। यह साल 2019 व 2020 में हो चुका है, जब 2019 को लेकर लंबा विवाद फंसा था। इसलिए 2020 का रिजल्ट आने के बाद भी जॉइनिंग नहीं दी गई थी। इसी तरह 2023 व 2024 को लेकर हुआ। इसमें 2024 का रिजल्ट पहले आया फिर बाद में हाईकोर्ट केस खत्म होने पर 2023 का आया। यही राज्य सेवा 2014 व 2015 में भी हो चुका है।
राज्य वन सेवा पर भी नजरें
इस बार शेड्यूल में राज्य वन सेवा पर भी नजरें हैं। यह परीक्षा बीते साल पद न होने से नहीं हुई थी, जो राज्य सेवा के साथ होती है। साल 2025 में यह जीरो ईयर रहा।
इन अहम परीक्षाओं पर भी नजरें
वहीं उम्मीदवारों की फूड सेफ्टी अफसर के बाकी बचे करीब 53 पदों के लिए आने वाले नोटिफिकेशन की उम्मीद है। पूर्व में यह 120 पदों के लिए हुई थी। वहीं, बाद में केंद्र के एक नियम में बदलाव से परीक्षा रुक गई।
फिर नई भर्ती आई तो वित्त विभाग के फार्मूले का कारण पदों को दो साल में बांट दिया। यह भर्ती 17 सालों बाद हो रही है। इसके साथ ही उम्मीदवारों को एडीपीओ, स्टेट इंजीनियरिंग और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती जैसी परीक्षाओं का भी इंतजार है।
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इधर एक पेंच यह भी, क्या सिंगल परीक्षा होगी
उधर सीएम मोहन यादव यूपीएससी की तर्ज पर सिंगल परीक्षा सिस्टम को लागू करने की बात कह चुके हैं। ताकि उम्मीदवारों को बार-बार परीक्षा देने के भंवर से बचाया जा सके। इसके लिए पीएससी और ईएसबी दोनों में यह सिस्टम लागू होगा।
इस पर भोपाल में लगातार काम चल रहा है। वहीं, अभी तक फाइनल प्रस्ताव तैयार नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि पीएससी में भी यह सिस्टम लागू होगा। इसमें कम से कम तीन-चार परीक्षा कराना होगी। जैसे राज्य सेवा व वन सेवा तो है ही, जिसमें 30 से ज्यादा विभागों की भर्ती होती है।
इसके साथ ही तकनीकी भर्ती करना होगी जैसे इसमें स्टेट इंजीनियरिंग, मेडिकल भर्ती जैसी परीक्षाएं आ सकेंगी। फिर असिस्टेंट प्रोफेसर, एडपीओ जैसी कई अन्य परीक्षाएं हैं। इन्हें भी किसी एक परीक्षा में समायोजित करना होगा। इस पर काम चल रहा है लेकिन अभी फाइनल ड्राफ्ट तैयार नहीं हुआ है।
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