MPPSC राज्य सेवा 2024 प्री के सवालों पर आपत्तियां हाईकोर्ट से खारिज
thesootr | Oct 21, 2024, 19:24 IST
MPPSC State Service 2024
मध्य प्रदेश में राज्य सेवा परीक्षा 2024 के प्री के नौ सवालों पर आपत्तियों लगी थीं। जबलपुर हाईकोर्ट ने मॉडल आंसर की पर लगी सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया है।
INDORE : मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा 2024 के प्री के नौ सवालों पर लगी आपत्तियों पर सोमवार (21 अक्टूबर) शाम को हाईकोर्ट का आदेश जारी हो गया। जबलपुर हाईकोर्ट ने इस मामले में मॉडल आंसर की पर लगी सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया। इसके बाद अब सभी याचिकाकर्ता पूरी तरह से बाहर हो चुके हैं। हाईकोर्ट द्वारा 18 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया है। इसमें साफ तौर पर कहा गया कि कोर्ट द्वारा विशेषज्ञों की कमेटी द्वारा तैयार मॉडल आंसर की में हस्तक्षेप करने की गुंजाइश काफी कम होती है। सामान्य तौर पर तभी हो सकती है जब कोई दुर्भावनावश इस तरह की मॉडल आंसर की तैयार हो, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं है। इसलिए इस मामले में हाईकोर्ट के दखल देने का कोई मामला नहीं बनता है। इसलिए सभी आपत्तियां खारिज की जाती है। जस्टिस विशाल मिश्रा ने यह आदेश जारी किया। ये खबर भी पढ़ें... MPPSC 2024 मेंस में बैठने के लिए याचिकाकर्ताओं ने आयोग को किया आवेदन
MPPSC 2024 प्री पर HC आर्डर नहीं आया, ना पीएससी का स्पष्टीकरण
हाईकोर्ट ने इस मामले में लगी विविध याचिकाओं पर 17 अक्टूबर को सुनवाई पूरी करने के बाद ऑर्डर रिजर्व कर लिया था। जिस पर यह आदेश सोमवार को जारी कर दिया गया है। राज्य सेवा परीक्षा 2024 कुल 110 पद के लिए हो रही है। इसकी मैंस 21 से 26 अक्टूबर तक होगी और तीन हजार उम्मीदवार इसमें शामिल हो रहे हैं। यह फैसला इस मामले में भी माइलस्टोन साबित होने वाला है क्योंकि हर बार आयोग की परीक्षाओं को लेकर आंसर की पर सवाल उठते हैं और वह हाईकोर्ट जाता है। इससे चयनित होने वाले व बाहर हुए उम्मीदवार कोर्ट केस के कारण असमंजस में रहते हैं कि क्या होगा? इस फैसले से तय होगा कि मॉडल आंसर की पर सवाल नहीं उठ सकते हैं। राज्य सेवा परीक्षा 2023 भी इसी मामले के कारण अटकी हुई है। हाईकोर्ट ने ही दो सवालों को लेकर आंसर की पर आदेश दिया, फिर पीएससी ने स्टे लिया और अब इस मामले में सुनवाई चल रही है, जिसके चलते आयोग ने मेंस का रिजल्ट होल्ड किया हुआ है। जानकारों के कहना है कि परीक्षा सिस्टम में जब तक दुर्भावना वाली बात नहीं हो, कोर्ट केस से बचना चाहिए। नहीं तो बार-बार कोर्ट केस से उम्मीदवारों की अधिक नुकसान होता है। इससे लाखों उम्मीदवारों पर फर्क पड़ता है और रिजल्ट रूकने से आगे का पूरा शेड्यूल रूक जाता है। जैसे कि राज्य सेवा परीक्षा 2023 का उदाहरण सामने है। हर परीक्षा अभी किसी ना किसी कारण से कोर्ट केस में उलझ रही है, इससे नुकसान उम्मीदवारों का ही हो रहा है।
यह कहा हाईकोर्ट ने
MPPSC 2024 प्री पर HC आर्डर नहीं आया, ना पीएससी का स्पष्टीकरण
17 अक्टूबर को आर्डर रखा था रिजर्व
बड़ा फैसला, आगे भी पीएससी के काम आएगा
कम से कम कोर्ट केस जाना बेहतर
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