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MP News: भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां मिट्टी की सेहत से किसान की तरक्की जुड़ी है। अक्सर जानकारी न होने से किसान बहुत खाद डालते हैं। इससे खेती की लागत बहुत बढ़ जाती है।
ज्यादा खाद से मिट्टी की ताकत भी कम होती है। सरकार ने प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की है। यह कार्ड किसानों को मिट्टी की सही जानकारी देता है। इससे वे वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी की गुणवत्ता का पता कर सकते हैं।
अगर आप भारत सरकार की सरकारी योजना मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का लाभ लेते हैं तो ये खबर आपके लिए अहम है। आपके मृदा स्वास्थ्य कार्ड से जुड़े सवाल आपको लाखों के ईनाम दिलवा सकते हैं। बस आपको इस खबर को ध्यान से आखिर तक पढ़ना होगा।
दरअसल मध्यप्रदेश सरकार के वीर भारत न्यास के तहत किसानों के लिए देश की सबसे बड़ी क्विज़ शुरू की गई है। आपका पसंदीदा मीडिया हाउस "thesootr" भी इस महापर्व का हिस्सा है। "thesootr" का मकसद है कि इस बड़ी स्पर्धा में MP का हर किसान घर बैठे अपनी भागीदारी करे और करोड़ों रुपए के इनाम जीतने का मौका पाएं।
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मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना क्या है?
इस योजना का मुख्य काम मिट्टी की सेहत सुधारना है। सरकार किसानों को खेत का रिपोर्ट कार्ड देती है। इस कार्ड में 12 जरूरी जानकारियां होती हैं। इसमें मिट्टी के पोषक तत्वों (सरकारी योजनाएं) की जांच होती है। जैसे नाइट्रोजन और फास्फोरस की मात्रा मापी जाती है। मिट्टी में पोटेशियम और पीएच लेवल देखा जाता है।
सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी का भी पता चलता है। यह रिपोर्ट वैज्ञानिक तरीके से तैयार की जाती है। इससे किसान सही खाद का चुनाव कर पाते हैं।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना किस बारे में जानकारी देती है?
यह योजना किसान को मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी देता है। साथ ही आप इस कार्ड से मिट्टी की कई तरह से जांच कर सकते हैं।
मिट्टी की गहरी जाँच: आपके खेत की मिट्टी में पोषक तत्वों और जैविक शक्ति की पूरी जांच होती है।
सही सलाह: आपको बताया जाता है कि कौन सी फसल के लिए कितनी खाद इस्तेमाल करनी है।
हर दो साल में अपडेट: मिट्टी की ताजा जानकारी के लिए सरकार हर दो साल में टेस्ट करती है।
ऑनलाइन रिपोर्ट: आप घर बैठे पोर्टल से अपना सॉइल हेल्थ कार्ड कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं।
किसानों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभ
इस योजना से आपको मुख्य रुप से सही खाद की जानकारी मिलती हैं कि आपको मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कौनसी खाद मिट्टी मिलानी है।
खर्चा कम होगा: किसान को पता होगा मिट्टी में क्या कमी है। वह केवल जरूरी खाद ही खरीदेगा। इससे खेती की लागत कम हो जाएगी।
ज्यादा पैदावार: सही मात्रा में खाद डालने से फसल बढ़ेगी। फसल की क्वालिटी और मात्रा दोनों बेहतर होगी।
जमीन की सुरक्षा: रसायनों का अंधाधुंध इस्तेमाल (mp sarkari yojana) अब रुक जाएगा। इससे मिट्टी लंबे समय तक उपजाऊ रहेगी। खेती पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित रहेगी।
मिट्टी की निगरानी: किसान अपनी जमीन की सेहत पर नजर रख सकेंगे। समय-समय पर बदलावों को ट्रैक करना आसान होगा।
आवेदन की प्रक्रिया और एलिजिबिलिटी
भारत का कोई भी किसान, चाहे वह जमीन का मालिक हो या बटाईदार (Tenant farmer), इस योजना का लाभ उठा सकता है।
जरूरी डाक्यूमेंट्स
पहचान पत्र: आधार कार्ड या वोटर आईडी।
भूमि के डाक्यूमेंट्स: खतौनी या लीज एग्रीमेंट।
मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो।
आवेदन कैसे करें?
वेबसाइट खोलें: सबसे पहले योजना की वेबसाइट https://www.soilhealth पर जाएं।
रजिस्ट्रेशन करें: अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भरकर साइन-अप करें।
मिट्टी का सैंपल: कृषि अधिकारी आपके खेत से मिट्टी लेने खुद आएंगे।
जांच और रिपोर्ट: लैब में टेस्टिंग के बाद आपकी रिपोर्ट तैयार होगी।
कार्ड डाउनलोड: वेबसाइट से अपना सॉइल हेल्थ कार्ड प्रिंट कर लें।
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