MSC Exam: कल एडमिट कार्ड जारी हुए और आज cancel हो गया पेपर
Jitendra Shrivastava | Mar 05, 2024, 19:34 IST
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मध्यप्रदेश के जबलपुर में लापरवाही का मामला सामने आया। जब परीक्षार्थी एग्जाम सेंटर पर पहुंचे तो वहां बहुत देर तक उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया। धीरे-धीरे यह खबर छात्रों तक पहुंची कि आज का एग्जाम रद्द हो गया है। इसके बाद छात्रों ने जोरदार हंगामा किया।
नील तिवारी, JABALPUR. के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के विक्रम साराभाई एग्जाम सेंटर में आज सुबह जोरदार हंगामा हुआ इस हंगामे की वजह थी। अचानक बिना किसी सूचना के परीक्षा को निरस्त कर देना। दरअसल आज एमएससी के प्रथम सेमेस्टर की कंप्यूटर साइंस का असेंबली लैंग्वेज का एग्जाम होना था। पर नरसिंहपुर मंडला डिंडोरी जैसे दूर दराज इलाकों से आए हुए छात्र जब एग्जाम सेंटर पर पहुंचे तो वहां बहुत देर तक उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया। धीरे-धीरे यह खबर छात्रों तक पहुंची कि आज के एग्जाम पेपर गलत प्रिंट हो गए हैं। इसके बाद कुछ छात्र संघ भी वहां पर पहुंचे और एग्जाम सेंटर पर जोरदार हंगामा हुआ।
4 मार्च को ही जारी हुआ था
छात्रों ने बताया कि एमएससी परीक्षा (MSC Exam ) के फर्स्ट सेमेस्टर के एडमिट कार्ड एग्जाम से मात्र चंद घंटे पहले ही जारी किए गए थे। मंगलवार 5 मार्च को होने वाली परीक्षा के प्रवेश पत्र 4 मार्च की दोपहर बच्चों को जारी किए गए थे। एनएसयूआई कार्यकर्ता ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया, साथ ही एनएसयूआई के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कुलपति के दफ्तर पर पहुंचे और उन्होंने आंखों में काली पट्टी बांधकर धरना दिया।
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एनएसयूआई के सचिन रजन के बताया कि विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में पदस्थ अधिकारियों की लारवाही का यह हाल ही के दिनों दूसरा मामला है जो प्रकाश में आया है। इसके पहले माइग्रेशन फर्जीवाड़े में भी उक्त अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। वहीं आज सुबह हुए घटनाक्रम से तो साफ है कि अधिकारी परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को गंभीरता से नहीं कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के एग्जाम पेपर लगभग 4 से 5 माह पहले तैयार कर लिए जाते हैं। इसके बाद यह भी जांच होती है कि इन प्रश्नपत्रों में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह गई हो। जिम्मेदारों की लापरवाही इसी बात से उजागर होती है कि यह प्रश्नपत्र सील बंद हो गए पर किसी जिम्मेदार अधिकारी ने यह नहीं जांचा कि इन प्रश्नपत्रों में कोई त्रुटि या प्रिंटिंग मिस्टेक तो नहीं है। ऐसी स्थिति में यह बात किसी भी तरह से समझ से परे है कि एग्जाम पेपर के प्रिंट निकालने में इतनी बड़ी गलती कैसे हो सकती है।
छात्रों के आक्रोश और प्रदर्शन के बाद कुलपति डॉ. राजेश वर्मा ने तत्काल परीक्षा विभाग के प्रभारी डिप्टी रजिस्ट्रार अभयकांत मिश्रा को तलब किया। कुलपति ने पूरे घटनाक्रम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिहिंत कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
4 मार्च को ही जारी हुआ था MSC Exam प्रवेश पत्र
छात्रों ने बताया कि एमएससी परीक्षा (MSC Exam ) के फर्स्ट सेमेस्टर के एडमिट कार्ड एग्जाम से मात्र चंद घंटे पहले ही जारी किए गए थे। मंगलवार 5 मार्च को होने वाली परीक्षा के प्रवेश पत्र 4 मार्च की दोपहर बच्चों को जारी किए गए थे। एनएसयूआई कार्यकर्ता ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया, साथ ही एनएसयूआई के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कुलपति के दफ्तर पर पहुंचे और उन्होंने आंखों में काली पट्टी बांधकर धरना दिया।
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woman passenger कपड़ों के बीच सिलाई कराकर 20 लाख का gold छिपाकर लाई
भोपाल में छात्र ने घर की छत से कूदकर किया suicide, स्कूल पर आरोप
परीक्षा विभाग के अधिकारियों की लारवाही
एनएसयूआई के सचिन रजन के बताया कि विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में पदस्थ अधिकारियों की लारवाही का यह हाल ही के दिनों दूसरा मामला है जो प्रकाश में आया है। इसके पहले माइग्रेशन फर्जीवाड़े में भी उक्त अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। वहीं आज सुबह हुए घटनाक्रम से तो साफ है कि अधिकारी परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को गंभीरता से नहीं कर रहे हैं।
आखिर कैसे गलत हुए प्रिंट
विश्वविद्यालय के एग्जाम पेपर लगभग 4 से 5 माह पहले तैयार कर लिए जाते हैं। इसके बाद यह भी जांच होती है कि इन प्रश्नपत्रों में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह गई हो। जिम्मेदारों की लापरवाही इसी बात से उजागर होती है कि यह प्रश्नपत्र सील बंद हो गए पर किसी जिम्मेदार अधिकारी ने यह नहीं जांचा कि इन प्रश्नपत्रों में कोई त्रुटि या प्रिंटिंग मिस्टेक तो नहीं है। ऐसी स्थिति में यह बात किसी भी तरह से समझ से परे है कि एग्जाम पेपर के प्रिंट निकालने में इतनी बड़ी गलती कैसे हो सकती है।
कुलपति ने तलब किया डिप्टी रजिस्ट्रार परीक्षा को
छात्रों के आक्रोश और प्रदर्शन के बाद कुलपति डॉ. राजेश वर्मा ने तत्काल परीक्षा विभाग के प्रभारी डिप्टी रजिस्ट्रार अभयकांत मिश्रा को तलब किया। कुलपति ने पूरे घटनाक्रम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिहिंत कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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