एमपी के नागलवाड़ी में सजेगा चलता-फिरता मंत्रालय : निमाड़ के लिए कृषि कैबिनेट से बड़े फैसलों के संकेत

Ramanand Tiwari | Mar 01, 2026, 20:42 IST
Share
A mobile ministry will be set up in MPs Nagalwadi
Photograph: (the sootr)

मध्यप्रदेश सरकार नागलवाड़ी में पहली बार कृषि कैबिनेट बैठक करने जा रही है। यह बैठक आदिवासी और किसान वर्ग को साधने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

News in Short

  • मध्यप्रदेश सरकार पहली बार नागलवाड़ी में कृषि कैबिनेट बैठक करेगी।
  • बैठक का फोकस निमाड़ क्षेत्र के सात जिलों पर होगा।
  • बैठक में किसानों और आदिवासियों के लिए विकास योजनाओं पर चर्चा होगी।
  • मसाला फसलों और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं हो सकती हैं।
  • मुख्यमंत्री भगोरिया हाट में स्थानीय जनजातीय समाज से संवाद करेंगे।

News in Detail

BHOPAL. मध्यप्रदेश सरकार पहली बार बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में सोमवार को कृषि कैबिनेट की बैठक करने जा रही है। निमाड़ के सात जिलों पर फोकस रखने वाली यह बैठक 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी और किसान वर्ग को साधने की रणनीति के तौर पर भी देखी जा रही है। प्रशासन तैयारियों में जुटा है और मंदिर परिसर में अस्थायी मंत्रालय बनाया जा रहा है।

क्या है पूरी योजना?

नागलवाड़ी में होने वाली यह कैबिनेट बैठक प्रदेश की छठी “डेस्टिनेशन कैबिनेट” होगी। 24 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी।

सरकार का उद्देश्य राजधानी से बाहर जाकर स्थानीय मुद्दों पर मौके पर फैसले लेना है, ताकि विकास योजनाओं को जमीन से जोड़ा जा सके।

यह खबरें भी पढ़ें..

एमपी की रंग पंचमी से लेकर राजस्थान की शाही होली तक, जानें भारत के अलग-अलग राज्यों के अंदाज

एमपी में सुसाइड के आंकड़े डराने वाले, चार साल में हजारों मौत, नशा, कर्ज और मोबाइल सबसे बड़े कारण

किन जिलों पर रहेगा फोकस?

इस बैठक का केंद्र निमाड़ अंचल के सात जिले होंगे। खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर इन सात जिलों की 28 विधानसभा सीटों में से 14 कांग्रेस और 14 भाजपा के पास हैं। राजनीतिक संतुलन को देखते हुए यह इलाका चुनावी दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

चुनावी नजरिया भी अहम

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2028 विधानसभा चुनाव से पहले यह बैठक आदिवासी वोटर्स को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। निमाड़ क्षेत्र में जनजातीय आबादी का प्रभाव है और सरकार विकास योजनाओं के जरिए भरोसा मजबूत करना चाहती है।

किन मुद्दों पर बन सकती है कार्ययोजना?

बैठक में कृषि और किसान हित से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा संभावित है:

  • सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
  • उन्नत बीज उपलब्ध कराना
  • किसानों को बेहतर बाजार दिलाना
  • आय दोगुनी करने की नई रणनीति
निमाड़ की जलवायु मिर्च, हल्दी, धनिया और मसाला फसलों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। ऐसे में मसाला उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना की घोषणा हो सकती है।

मसाला फसलों और पशुपालन पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक, उद्यानिकी विभाग मसाला फसलों के लिए विशेष योजना शुरू कर सकता है। इसके अलावा पशुपालकों को आधुनिक तकनीक सिखाने के लिए ब्राजील में प्रशिक्षण दिलाने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हो सकता है। किसानों के खातों को समग्र आईडी से जोड़ने और मोबाइल पर कृषि जानकारी उपलब्ध कराने जैसे डिजिटल कदम भी संभावित फैसलों में शामिल हैं।

मंदिर परिसर में बनेगा अस्थायी मंत्रालय

शिखरधाम स्थित 800 साल पुराने भीलट देव मंदिर की तलहटी में बने 8 एकड़ गार्डन को अस्थायी मंत्रालय का रूप दिया जा रहा है। यहां एयर कंडीशनर डोम शेड तैयार किए जा रहे हैं, जहां कैबिनेट बैठक होगी। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थल पर बैठक कर सरकार प्रतीकात्मक संदेश भी देना चाहती है।

भगोरिया हाट में भी जाएंगे मुख्यमंत्री

भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव के अनुसार एमपी कृषि कैबिनेट बैठक सुबह करीब 11:30 बजे शुरू होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव जुलवानिया के भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे। इससे स्थानीय जनजातीय समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश की जाएगी।

पहले कहां-कहां हो चुकी है डेस्टिनेशन कैबिनेट?

इससे पहले सरकार इन स्थानों पर कैबिनेट बैठक कर चुकी है:

  • जबलपुर (भेड़ाघाट)
  • सिंग्रामपुर
  • महेश्वर
  • इंदौर
  • पचमढ़ी
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जिले में ऐसी बैठकें हों, ताकि राजधानी से बाहर भी तेजी से प्रशासनिक फैसले लिए जा सकें।

यह खबरें भी पढ़ें..

एमपी विधानसभा में सबके लिए मुफ्त इलाज की गूंज: 15 लाख तक स्वास्थ्य गारंटी का निजी विधेयक पेश

एमपी हाउसिंग बोर्ड में उड़ी नियमों की धज्जियां, वकील को अधिक भुगतान, जांच के घेरे में अधिकारी

विकास या चुनावी रणनीति?

नागलवाड़ी की कृषि कैबिनेट बैठक विकास और राजनीति, दोनों नजरियों से अहम मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि निमाड़ के किसानों और आदिवासी समाज के लिए जमीन पर कौन से ठोस फैसले सामने आते हैं।

Tags:
  • मध्यप्रदेश सरकार
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव
  • विधानसभा चुनाव
  • ब्राजील
  • मंत्रालय
  • भगोरिया
  • एमपी कृषि कैबिनेट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा