नेशनल हेराल्ड जमीन विवाद में बड़ा फैसला, भोपाल कोर्ट ने खारिज किया बीडीए का बेदखली केस

Sandeep Kumar | Oct 24, 2026, 20:19 IST
Share
नेशनल हेराल्ड की जमीन से बेदखली का बीडीए का सिविल केस खारिज
नेशनल हेराल्ड की जमीन से बेदखली का बीडीए का सिविल केस खारिज

भोपाल जिला कोर्ट ने शनिवार को भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) का सिविल केस खारिज कर दिया। दरअसल मामला एमपी नगर स्थित नेशनल हेराल्ड की जमीन से बेदखली का था। बीडीए ने जमीन के कथित दुरुपयोग के कारण आवंटन निरस्त किया था। यह जमीन वर्ष 1981 में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को आवंटित हुई थी। हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद भी जमीन से जुड़े कई विवाद बरकरार हैं।

1981 में एजेएल को मिली थी जमीन

भोपाल के एमपी नगर स्थित प्रेस कॉम्प्लेक्स में यह जमीन आवंटित की गई थी। वर्ष 1981 में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को इसका आवंटन हुआ था। एजेएल इसी परिसर से हिंदी दैनिक नवजीवन का प्रकाशन करती थी।

वर्ष 1992 में यहां से अखबार का प्रकाशन बंद हो गया। इसके बाद संपत्ति के इस्तेमाल और मालिकाना अधिकारों को लेकर विवाद शुरू हुए। कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का मामला भी अदालत पहुंचा। यह प्रकरण जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

अखबार बंद हुआ, जमीन पर इमारत बनी

आरोप है कि प्रकाशन बंद होने के बाद जमीन पर व्यावसायिक इमारत बनाई गई। वर्ष 2001 में दिल्ली के नरेंद्र कुमार मित्तल ने यह निर्माण कराया। मित्तल गंगा एंटरप्राइजेज से जुड़े बताए गए हैं। आरोप है कि निर्माण कथित पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर कराया गया। पावर ऑफ अटॉर्नी किसी व्यक्ति को कानूनी अधिकार देने वाला दस्तावेज होता है।

बाद में इमारत के अलग-अलग हिस्से कई लोगों को बेच दिए गए। हरमहेंद्र सिंह बग्गा और संजय सिन्हा भोपाल में मित्तल के पार्टनर रहे। संजय सिन्हा का कार्यालय भी इसी इमारत में स्थित है।

बीडीए ने 2014 में जारी किया नोटिस

भोपाल विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2014 में एजेएल को नोटिस जारी किया। नोटिस में आवंटित जमीन के कथित दुरुपयोग का मामला उठाया गया था।

एजेएल के तत्कालीन चेयरमैन मोतीलाल वोरा ने नोटिस का जवाब दिया। बीडीए ने इस जवाब को संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया गया। प्राधिकरण ने बेदखली के लिए अदालत में सिविल केस दायर किया।

इस कार्रवाई के खिलाफ इमारत के हिस्से खरीदने वाले भी सामने आए। कुछ खरीदारों ने हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त किए। इन कानूनी प्रक्रियाओं के कारण विवाद लंबा खिंच गया।

ED to seized 661 crore property of National Herald
नेशनल हेराल्ड केस बढ़ाएगा राहुल-सोनिया की मुसीबत, 661 करोड़ का लगेगा फटका
13 Apr 2025 ,
By Abhilasha Saksena Chakraborty
नेशनल हेराल्ड केस में बड़ा कदम उठाते हुए ईडी ने 661 करोड़ रुपए की कुर्क की गई अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस दिल्ली के हेराल्ड हाउस, मुंबई के बांद्रा और लखनऊ के बिशेश्वर नाथ रोड स्थित एजेएल की बिल्डिंग पर चिपकाए गए हैं।
नेशनल हेराल्ड केस में बड़ा कदम उठाते हुए ईडी ने 661 करोड़ रुपए की कुर्क की गई अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस दिल्ली के हेराल्ड हाउस, मुंबई के बांद्रा और लखनऊ के बिशेश्वर नाथ रोड स्थित एजेएल की बिल्डिंग पर चिपकाए गए हैं।

भोपाल जिला कोर्ट ने खारिज किया केस

शनिवार यानी 24 अक्टूबर को भोपाल जिला कोर्ट ने बीडीए के सिविल केस पर फैसला सुनाया। अदालत ने प्राधिकरण की ओर से दायर बेदखली का मुकदमा खारिज कर दिया। इस फैसले से संबंधित सिविल केस में बीडीए को राहत नहीं मिली। हालांकि इससे जमीन से जुड़े सभी कानूनी विवाद समाप्त नहीं हुए हैं। बीडीए के अगले कदम की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

संपत्ति से जुड़े आपराधिक मामले बाकी

भोपाल कोर्ट में नेशनल हेराल्ड की संपत्ति और मशीनरी हड़पने का आपराधिक मामला भी है। इस मामले में नरेंद्र कुमार मित्तल आरोपी हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार अदालत उन्हें भगोड़ा घोषित कर चुकी है।

मित्तल के पूर्व पार्टनर हरमहेंद्र सिंह बग्गा भी आपराधिक मामले में आरोपी हैं। बग्गा ने इमारत में खरीदे हिस्से पर मालिकाना हक का दावा किया है। इसके लिए उन्होंने अलग सिविल केस दायर किया है। दो अन्य खरीदारों ने भी मालिकाना अधिकार के लिए अदालत में अर्जियां लगाई हैं। ये मामले अभी अलग-अलग अदालतों में विचाराधीन बताए गए हैं।

इसलिए बेदखली का मुकदमा खारिज होने से स्वामित्व विवाद खत्म नहीं हुआ है। इमारत के विभिन्न हिस्सों पर मालिकाना अधिकार का अंतिम फैसला अभी बाकी है।

दिल्ली में भी चल रहा नेशनल हेराल्ड मामला

नेशनल हेराल्ड से जुड़ा एक अलग वित्तीय विवाद दिल्ली में भी है। इसमें एजेएल और यंग इंडियन कंपनी के बीच हुए लेनदेन पर सवाल हैं। एजेएल पर करीब 90 करोड़ रुपए का कर्ज होने का मामला सामने आया था। वर्ष 2010 में यंग इंडियन कंपनी का गठन हुआ। वर्ष 2012 में सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में कंपनी के वित्तीय लेनदेन और नियंत्रण हस्तांतरण पर सवाल उठाए गए। वर्ष 2014 में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अदालत से समन जारी हुए। वर्ष 2018 में प्रवर्तन निदेशालय की जांच शुरू होने का उल्लेख है। वर्ष 2022 में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ हुई। वर्ष 2023 में ईडी ने 750 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां अटैच कीं।

अप्रैल 2025 में ईडी की अभियोजन शिकायत दाखिल होने की जानकारी है। अक्टूबर 2025 में दिल्ली पुलिस ने अलग एफआईआर दर्ज की थी। दिसंबर 2025 में अदालत ने ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार किया। भोपाल में भी वर्ष 2022 में जमीन के उपयोग की जांच के आदेश हुए थे।

नेशनल हेराल्ड केस की शुरुआत कब, कहां और कैसे हुई?

नेशनल हेराल्ड का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा है। इसकी शुरुआत वर्ष 1938 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से हुई थी। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस अखबार की स्थापना की थी। इसका प्रकाशन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के माध्यम से शुरू हुआ था। कंपनी से हिंदी अखबार नवजीवन और उर्दू अखबार कौमी आवाज भी जुड़े थे। समय के साथ एजेएल की आर्थिक स्थिति कमजोर होती गई। वर्ष 2008 में नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन बंद हो गया। कंपनी पर कांग्रेस से लिए गए करीब 90 करोड़ रुपए के कर्ज का मामला था।

2010 में यंग इंडियन की एंट्री

वर्ष 2010 में यंग इंडियन नाम की कंपनी बनाई गई। इसके जरिए एजेएल से जुड़े कर्ज और शेयरों का लेनदेन हुआ। यंग इंडियन ने कांग्रेस से संबंधित कर्ज अधिकार करीब 50 लाख रुपए में हासिल किए। इसके बदले एजेएल में यंग इंडियन को लगभग 99 प्रतिशत हिस्सेदारी मिली। इस लेनदेन पर बाद में गंभीर कानूनी सवाल उठाए गए। शिकायतकर्ताओं ने संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल करने के तरीके पर आपत्ति जताई।

2012 में शुरू हुआ कानूनी विवाद

इस मामले की औपचारिक कानूनी शुरुआत वर्ष 2012 में दिल्ली से हुई। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की अदालत में निजी शिकायत दाखिल की। उन्होंने एजेएल और यंग इंडियन के वित्तीय लेनदेन पर सवाल उठाए। शिकायत में कथित धोखाधड़ी और संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल करने के आरोप लगाए गए। इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित अन्य लोगों के नाम आए। आरोपियों ने गलत काम करने के आरोपों से इनकार किया है।

2014 में अदालत ने जारी किए समन

दिल्ली की अदालत ने जून 2014 में आरोपियों को समन जारी किए। इसके बाद मामला राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया। वर्ष 2015 में सोनिया गांधी और राहुल गांधी अदालत में पेश हुए। दोनों को इस मामले में जमानत मिली थी।

ईडी की जांच कैसे शुरू हुई?

नेशनल हेराल्ड मामले में बाद में प्रवर्तन निदेशालय की जांच भी शुरू हुई। जांच का केंद्र कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेनदेन रहा। ईडी ने एजेएल की संपत्तियों और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच की। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी पूछताछ की गई। एजेंसी ने विभिन्न संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई भी की। हालांकि आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण अलग प्रक्रिया का विषय है।

भोपाल का विवाद दिल्ली से कितना अलग?

नेशनल को लेकर भोपाल और दिल्ली के मामलों की कानूनी प्रकृति अलग है। दिल्ली का विवाद मुख्य रूप से वित्तीय लेनदेन और एजेएल के नियंत्रण से संबंधित है। भोपाल में विवाद जमीन के आवंटन और कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। यहां इमारत के निर्माण और उसके हिस्सों की बिक्री पर भी सवाल हैं। भोपाल जिला कोर्ट ने केवल बीडीए का संबंधित बेदखली मुकदमा खारिज किया है। इससे दिल्ली में चल रही कानूनी कार्यवाही का निपटारा नहीं होता।
Tags:
  • नेशनल हेराल्ड जमीन विवाद
  • भोपाल जिला कोर्ट
  • भोपाल विकास प्राधिकरण
  • नेशनल हेराल्ड केस
  • एजेएल जमीन विवाद
  • एमपी नगर प्रेस कॉम्प्लेक्स
  • National Herald Case
  • BDA Bhopal
  • National Herald Land Dispute
  • एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड
ओबीसी आरक्षण पर सियासी हलचल के बीच कांग्रेस का बड़ा कदम, प्रदेश स्तरीय कमेटी गठित

By Neel Tiwari

ओबीसी आरक्षण पर सियासी हलचल के बीच कांग्रेस का बड़ा कदम, प्रदेश स्तरीय कमेटी गठित
सीएम मोहन यादव की किसानों को सौगात: 317.86 करोड़ रुपए खातों में भेजे गए, दो हजार 387 करोड़ की सिंचाई परियोजना शुरू

By Arohi Raj

सीएम मोहन यादव की किसानों को सौगात: 317.86 करोड़ रुपए खातों में भेजे गए, दो हजार 387 करोड़ की सिंचाई परियोजना शुरू
रायपुर एम्स से अचानक गायब हुई मरीज की मां, बेटे का इलाज कराने आई थी महिला, अपहरण का केस दर्ज

By Umeshwari Baghel

रायपुर एम्स से अचानक गायब हुई मरीज की मां, बेटे का इलाज कराने आई थी महिला, अपहरण का केस दर्ज
जेडीए विस्तार बना ग्रामीणों के लिए गले की फांस, 644 गांवों का काम अटका, चक्कर काटने को मजबूर

By Mukesh Sharma

जेडीए विस्तार बना ग्रामीणों के लिए गले की फांस, 644 गांवों का काम अटका, चक्कर काटने को मजबूर
सड़कें गड्ढों से गुलजार, दीवारें रंगने पहुंचे सरकार, झोटवाड़ा में मंत्री राज्यवर्धन ने चलाया ब्रश

By Raghvendra Singh Rathore

सड़कें गड्ढों से गुलजार, दीवारें रंगने पहुंचे सरकार, झोटवाड़ा में मंत्री राज्यवर्धन ने चलाया ब्रश
स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे में संगठन से सत्ता तक मंथन, दो दिन में 12 अहम बैठकें

By Arun Tiwari

स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे में संगठन से सत्ता तक मंथन, दो दिन में 12 अहम बैठकें
महाकाल मंदिर में 27 अक्टूबर से बदलेंगे आरतियों के समय, जानें सुबह-शाम की आरती की नई टाइमिंग

By Arohi Raj

महाकाल मंदिर में 27 अक्टूबर से बदलेंगे आरतियों के समय, जानें सुबह-शाम की आरती की नई टाइमिंग