सीएम मोहन यादव की किसानों को सौगात: 317.86 करोड़ रुपए खातों में भेजे गए, दो हजार 387 करोड़ की सिंचाई परियोजना शुरू
Arohi Raj | Oct 24, 2026, 19:51 IST
सीएम मोहन यादव ने 16.70 लाख किसानों के खाते में 317.86 करोड़ रुपए भेजे और 2,387.60 करोड़र रुपए की सिंचाई परियोजना की शुरुआत की।
मध्यप्रदेश के धार जिले के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 अक्टूबर को सरदारपुर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने सिंचाई परियोजना का उद्घाटन और 188 विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण भी किया। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को आर्थिक मदद दी गई। इसके तहत 16.70 लाख किसानों के खातों में 317.86 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।
बता दें सिंचाई परियोजना पर दो हजार 387.60 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे 260 गांवों की 57 हजार 422 हेक्टेयर जमीन को पानी मिलेगा। करीब 72 हजार किसानों को इसका फायदा होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों की समृद्धि के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में धार और झाबुआ क्षेत्र तक नर्मदा का पानी पहुंचाया जा रहा है। सरदार सरोवर बांध के बाद अलग-अलग परियोजनाओं से इस क्षेत्र को फायदा मिल रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सिंचाई की सुविधा बढ़ने का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि साल 2002-03 तक मध्यप्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होती थी। साल 2023 तक यह रकबा बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गया था। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। अब सरकार इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, खेतों तक पानी पहुंचने से किसानों को फसल उगाने में मदद मिलेगी। इससे खेती की पैदावार बढ़ सकती है। सरकार का कहना है कि किसानों की आय और जीवन स्तर सुधारना उसकी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। धार को रेलवे लाइन की सौगात भी मिली है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर धार में पीएम मित्र पार्क की सौगात दी थी। इस पार्क से निमाड़ और मालवा क्षेत्र के करीब 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और फिर कपड़े से तैयार कपड़े बनाए जाएंगे। इससे कपास से जुड़े काम एक ही जगह हो सकेंगे।
सरकार के अनुसार, पीएम मित्र पार्क से प्रदेश के करीब तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे धार और झाबुआ के युवाओं, किसानों और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिल सकेगा। इससे उन्हें रोजगार के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम पड़ सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि अगर कोई किसान 43 लाख रुपए खर्च करके 25 गाय या भैंस खरीदता है और डेयरी शुरू करता है, तो उसे सरकार की ओर से 10 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा। इस योजना का उद्देश्य पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ने से किसानों की कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे खेती के साथ पशुपालन को भी आमदनी का साधन बनाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि लाड़ली बहनों और किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता जारी रहेगी। सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा भी शुरू की है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आने-जाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 50 लाख रजिस्ट्रियां मुफ्त कराने का है। इससे गांवों में रहने वाले लोगों को अपने मकान और जमीन के पक्के दस्तावेज मिल सकेंगे। इन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर ग्रामीण परिवार बैंक या दूसरी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से कर्ज लेने के पात्र हो सकेंगे। इससे जरूरत के समय उन्हें आर्थिक मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने धार जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि अमका-झमका माता के स्थान को श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल किया गया है। इसे तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मान्यता के अनुसार, इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण ने माता रुक्मिणी से विवाह किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी बढ़ावा दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में धार जिले के दूसरे विकास कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि जिले को करीब दो हजार 400 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें 25 करोड़ रुपए की लागत से बने चार पुलों का लोकार्पण शामिल है। इसके अलावा, 15 करोड़ रुपए के विद्यालय भवन और 50 बिस्तरों वाले अस्पताल समेत दूसरे कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में 188 करोड़ रुपए के 35 नए कार्यों का भूमिपूजन भी हुआ। इनमें कन्या विद्यालय भवन, आईटीआई भवन और अमका-झमका माता मंदिर के विकास कार्य शामिल हैं। मंदिर से जुड़े विकास कार्यों पर 3 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजना से छूटे गांवों को भी आगे जोड़ा जाएगा। उन्होंने धार में जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात देने की बात भी कही। साथ ही, भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा देने का जिक्र किया।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और धार जिले के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार 100 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि नई परियोजना से क्षेत्र के किसानों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब किसान नर्मदा और माही नदी के पानी से एक के बजाय तीन फसलें उगा सकेंगे। वहीं, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास पर काम हो रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों को अभी सिंचाई परियोजना से नहीं जोड़ा गया है, उन्हें भी जल्द शामिल किया जाएगा। कुल मिलाकर, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना है। इससे सिंचाई का रकबा बढ़ाने और खेती को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों को इसका वास्तविक लाभ परियोजना के संचालन और खेतों तक पानी पहुंचने के बाद मिलेगा।
FAQs
100 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई का लक्ष्य
उन्होंने बताया कि साल 2002-03 तक मध्यप्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होती थी। साल 2023 तक यह रकबा बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गया था। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। अब सरकार इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, खेतों तक पानी पहुंचने से किसानों को फसल उगाने में मदद मिलेगी। इससे खेती की पैदावार बढ़ सकती है। सरकार का कहना है कि किसानों की आय और जीवन स्तर सुधारना उसकी प्राथमिकता है।
आज सरदारपुर, धार में आयोजित कार्यक्रम में ₹2,387.60 करोड़ की लागत वाली 'नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना' का लोकार्पण किया एवं 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' अंतर्गत रबी वर्ष 2025–26 के लिए अन्नदाताओं के खातों में ₹317.86 करोड़ की फसल बीमा राशि का अंतरण किया।इस अवसर पर माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती @savitrii4bjp जी एवं प्रदेश सरकार में माननीय कैबिनेट मंत्री श्री @KailashOnline जी उपस्थित रहे।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 24, 2026
किसानों और महिलाओं का पलायन रोकने की तैयारी
सरकार के अनुसार, पीएम मित्र पार्क से प्रदेश के करीब तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे धार और झाबुआ के युवाओं, किसानों और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिल सकेगा। इससे उन्हें रोजगार के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम पड़ सकती है।
डेयरी शुरू करने पर 10 लाख रुपए तक का अनुदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ने से किसानों की कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे खेती के साथ पशुपालन को भी आमदनी का साधन बनाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि लाड़ली बहनों और किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता जारी रहेगी। सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा भी शुरू की है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आने-जाने में मदद मिलेगी।
गांवों में जमीन और मकान की रजिस्ट्री होगी आसान
मुख्यमंत्री ने धार जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि अमका-झमका माता के स्थान को श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल किया गया है। इसे तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मान्यता के अनुसार, इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण ने माता रुक्मिणी से विवाह किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी बढ़ावा दे रही है।
धार को मिलेगी अस्पताल, स्कूल और पुलों की सौगात
कार्यक्रम में 188 करोड़ रुपए के 35 नए कार्यों का भूमिपूजन भी हुआ। इनमें कन्या विद्यालय भवन, आईटीआई भवन और अमका-झमका माता मंदिर के विकास कार्य शामिल हैं। मंदिर से जुड़े विकास कार्यों पर 3 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजना से छूटे गांवों को भी आगे जोड़ा जाएगा। उन्होंने धार में जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात देने की बात भी कही। साथ ही, भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा देने का जिक्र किया।
सरकार ने किसानों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों को अभी सिंचाई परियोजना से नहीं जोड़ा गया है, उन्हें भी जल्द शामिल किया जाएगा। कुल मिलाकर, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना है। इससे सिंचाई का रकबा बढ़ाने और खेती को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों को इसका वास्तविक लाभ परियोजना के संचालन और खेतों तक पानी पहुंचने के बाद मिलेगा।
FAQs
- मध्यप्रदेश की सरकार की नई सिंचाई परियोजना से कितने गांवों को लाभ होगा?
नई सिंचाई परियोजना से 260 गांवों को लाभ होगा, जिससे 57,422 हेक्टेयर जमीन को पानी मिलेगा। - इस सिंचाई परियोजना से कितने किसानों को फायदा मिलेगा?
इस सिंचाई परियोजना का फायदा करीब 72,000 किसानों को मिलेगा। - किसानों की आय और जीवन स्तर सुधारने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
सरकार किसानों की समृद्धि के लिए सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने, पशुपालन को बढ़ावा देने, और रोजगार के अवसर सृजन करने जैसे कई कदम उठा रही है।
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