MP सरकार ने शिक्षा नीति में किया बदलाव, अब तमिल तेलगु सहित अन्य भाषाओं में होगी पढ़ाई
Manya Jain | Mar 31, 2025, 15:33 IST
MP NEW LANGUAGES NEP 2020
मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं को भी शामिल करने का निर्णय लिया है, जिससे छात्रों को बहुभाषी शिक्षा का अवसर मिलेगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में उच्च शिक्षा में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत राज्य के कॉलेजों में अब हिंदी (Hindi), अंग्रेजी (English), संस्कृत (Sanskrit) और उर्दू (Urdu) के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं को भी पढ़ने का अवसर मिलेगा। अब छात्रों को बंगाली (Bengali), मराठी (Marathi), तेलुगु (Telugu), तमिल (Tamil), गुजराती (Gujarati), और पंजाबी (Punjabi) जैसी भाषाओं में भी शिक्षा प्राप्त होगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए राज्य के कॉलेजों में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब छात्र बंगाली, मराठी, तेलुगु, तमिल, गुजराती और पंजाबी जैसी भाषाओं में भी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रस्ताव पर राजधानी भोपाल में एक विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षाविदों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया।
ये भी पढ़ें... FIITJEE के बाद Unacademy में फीस नहीं लौटाने की शिकायत, फैकल्टी की तंगी
ये भी पढ़ें... MP Launch Pad Yojna : आकांक्षी युवाओं को बिजनेस के लिए सरकार देती है मदद, ऐसे लें लाभ
एक ओर जहां तमिलनाडु (Tamil Nadu) में त्रिभाषा सूत्र (Three Language Formula) को लेकर विवाद बढ़ रहा है, वहीं मध्य प्रदेश ने इसे उत्साहपूर्वक स्वीकार किया है। तमिलनाडु के राज्यसभा सांसदों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह दक्षिणी राज्यों पर हिंदी को थोपने का प्रयास कर रही है। मध्य प्रदेश में इसे सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। यहाँ छात्रों को अब बहुभाषी शिक्षा का अवसर मिलेगा, जो उन्हें न केवल विभिन्न भारतीय भाषाओं से परिचित कराएगा, बल्कि उनका दृष्टिकोण भी व्यापक बनाएगा।
ये भी पढ़ें... MP के आकांक्षी युवाओं को बुला रहा UNICEF, सिखाएगा बहुत कुछ
मध्य प्रदेश के इस कदम से न केवल राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि यह देश भर में बहुभाषी संस्कृति (Multilingual Culture) को भी बढ़ावा देगा। राज्य ने इसे सांस्कृतिक समृद्धि (Cultural Prosperity) के रूप में प्रस्तुत किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य राज्य भी इस पहल को अपनाएंगे, या फिर राजनीतिक कारणों से इस पर मतभेद बने रहेंगे। आने वाले समय में यह विषय और भी चर्चाओं का केंद्र बनेगा।
NEP के तहत उठाया गया कदम
ये भी पढ़ें... FIITJEE के बाद Unacademy में फीस नहीं लौटाने की शिकायत, फैकल्टी की तंगी
भाषाएं हमें जोड़ती हैं, तोड़ती नहीं हैं- मंत्री
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अशोकनगर में एक सभा में कहा, "सभी भारतीय भाषाएं हमारी धरोहर हैं और हम उन्हें एक साथ जोड़ते हैं, तोड़ते नहीं हैं। मध्य प्रदेश यूनिवर्सिटी में अब छात्रों को विभिन्न भारतीय भाषाओं को सीखने का अवसर मिलेगा। हमारा प्रदेश देश की भाषाई विविधता का केंद्र बनेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत, मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को इस नीति को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनाया है।
तमिलनाडु में विरोध, MP में स्वागत
ये भी पढ़ें... MP के आकांक्षी युवाओं को बुला रहा UNICEF, सिखाएगा बहुत कुछ
क्या पहल को अपनाएंगे अन्य राज्य ?
thesootr links
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari