निशा ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, बेटे को गोद में लेकर पहुंची कलेक्ट्रेट, बोलीं- इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ तो अनशन पर बैठूंगी
Pratibha Rana | Sept 26, 2023, 24:00 IST
निशा ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, बेटे को गोद में लेकर पहुंची कलेक्ट्रेट, बोलीं- इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ तो अनशन पर बैठूंगी
इस्तीफा नामंजूर होने से नाराज छतरपुर की लेडी डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
BETUL. मध्यप्रदेश शासन की डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के इस्तीफे का मामला चर्चा में है। एसडीएम निशा बांगरे ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निशा बांगरे 25 सितंबर सोमवार को अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर इस्तीफा मंजूर कराने के लिए अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन में उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ तो वह आंदोलन के साथ आमरण अनशन करेंगी। अब पीछे नहीं हटना है। कोई भी चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकता।
बेटे को गोद में लेकर सड़क पर उतरी निशा
दरअसल निशा एलबीएस स्टेडियम से अपने बेटे को गोद में लेकर और समर्थकों के साथ रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां उन्होंने धरना देकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम लिखे इस ज्ञापन में उन्होंने उनका इस्तीफा मंजूर करने की मांग की है। उनका कहना है कि एक अनुसूचित जाति की महिला के साथ जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश शासन अन्याय कर रहा है। प्रशासन हाईकोर्ट को भी गुमराह कर रहा है।
निशा ने दे डाली ये चेतावनी
निशा का कहना है कि वह चुनाव लड़ना चाहती हैं, इसलिए वे अपने इस पद से मुक्त होना चाहती हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि उनका इस्तीफा अगर अब मंजूर नहीं हुआ तो वो आमरण अनशन करेंगी। इसके अलावा उसने आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे बैक डेट में नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। जब मैं अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकी तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
बेटे को गोद में लेकर सड़क पर उतरी निशा
दरअसल निशा एलबीएस स्टेडियम से अपने बेटे को गोद में लेकर और समर्थकों के साथ रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां उन्होंने धरना देकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम लिखे इस ज्ञापन में उन्होंने उनका इस्तीफा मंजूर करने की मांग की है। उनका कहना है कि एक अनुसूचित जाति की महिला के साथ जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश शासन अन्याय कर रहा है। प्रशासन हाईकोर्ट को भी गुमराह कर रहा है।
निशा ने दे डाली ये चेतावनी
निशा का कहना है कि वह चुनाव लड़ना चाहती हैं, इसलिए वे अपने इस पद से मुक्त होना चाहती हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि उनका इस्तीफा अगर अब मंजूर नहीं हुआ तो वो आमरण अनशन करेंगी। इसके अलावा उसने आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे बैक डेट में नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। जब मैं अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकी तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari