नो फ्लाई डे : विवेक तन्खा बोले- शहर के हक के लिए कुछ भी करूंगा
Jitendra Shrivastava | May 20, 2024, 23:12 IST
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मध्यप्रदेश के जबलपुर में पुरानी उड़ानों को वापस मांगने के लिए किया जा रहे आंदोलन को सुप्रीम कोर्ट के नामी वकील और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा का भी साथ मिल चुका है। जिन्होंने इस आंदोलन का साथ हर मोर्चे पर देने का विश्वास दिलाया है...
नील तिवारी, JABALPUR. नो फ्लाई डे : आगामी 6 जून को जबलपुर में "नो फ्लाई डे" घोषित किया गया है। जबलपुर से दूसरे शहरों की ओर जाने वाली पुरानी उड़ानों को वापस लाने किए जा रहे विमान रोको आंदोलन को राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने अपना समर्थन दिया है।
इस आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए विवेक तन्खा ने बताया कि मुझे बहुत प्रसन्नता है कि आखिरकार जबलपुर जागा। यह आंदोलन जनता का आंदोलन है और यह लड़ाई जबलपुर की जनता के हक की लड़ाई है। आगे उन्होंने बताया कि यह आंदोलन अब केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रह गया है उन्हें देश-विदेश से कई लोग मैसेज फॉरवर्ड कर रहे हैं और अब इस आंदोलन की चर्चा पूरे देश में है।
वायु सेवा संघर्ष समिति के साथ विवेक तन्खा ने चर्चा के दौरान बताया कि शहर में किसी भी तरह का इन्वेस्टमेंट करने के पहले यह पूछा जाता है कि शहर की बाकी शहरों से कनेक्टिविटी कैसी है। आज के हालात देखकर यह सोचने की बात है कि पर्याप्त उड़ानों के बिना शहर का विकास कैसे होगा। जबलपुर से उड़ने वाली फ्लाइट यहां की चिकित्सा व्यवस्था से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर शिक्षा व्यापार सभी चीजों के लिए बहुत जरूरी हैं क्योंकि व्यापारियों से लेकर बड़े डॉक्टर और अधिवक्ता तक उस शहर को काम और इन्वेस्टमेंट के लिए महत्व देते हैं जहां से डायरेक्ट फ्लाइट होती है।
विवेक तन्खा ने बताया कि सभी फ्लाइट्स प्राइवेट कंपनियों के द्वारा संचालित की जाती है ऐसे में सरकार इन पर एक हद तक ही किसी भी रूट पर उड़ानों के लिए दबाव बना सकती है, लेकिन यहां मुख्य कारण सब्सिडी है क्योंकि जबलपुर से उड़ने वाली फ्लाइट्स घाटे में नहीं चल रही। फिर भी यहां से फ्लाइट्स कम होने का कारण यह है कि दूसरे रूट पर इन विमान कंपनियों को सब्सिडी दी जा रही है और जबलपुर से भेदभाव कर इस रूट पर सब्सिडी न देने के कारण यह विमान कंपनियां उड़ानों को लेकर पीछे हट रही हैं।
तन्खा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वायु सेवा संघर्ष समिति का साथ देते हुए वह शहर के हक के लिए कुछ भी करेंगे फिर चाहे विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलना हो या मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से। इसके साथ ही वह निजी विमान कंपनियों के अधिकारियों से भी बात करेंगे। एक वाकये का जिक्र कर उन्होंने बताया कि स्पाइसजेट के सीईओ अजय सिंह से हाई कोर्ट में उनकी मुलाकात होती रहती है। उन्होंने अजय से जबलपुर से फ्लाइट शुरू करने का निवेदन भी किया था इसके बाद स्पाइसजेट की एक फ्लाइट जबलपुर से शुरू भी हुई थी पर की मांग के अनुसार 2 साल पहले तक चल रही सभी फ्लाइट यथावत की जानी चाहिए।
आखिर अपने हक लिए जागा शहर
इस आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए विवेक तन्खा ने बताया कि मुझे बहुत प्रसन्नता है कि आखिरकार जबलपुर जागा। यह आंदोलन जनता का आंदोलन है और यह लड़ाई जबलपुर की जनता के हक की लड़ाई है। आगे उन्होंने बताया कि यह आंदोलन अब केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रह गया है उन्हें देश-विदेश से कई लोग मैसेज फॉरवर्ड कर रहे हैं और अब इस आंदोलन की चर्चा पूरे देश में है।
फ्लाइट्स के बिना रुका हुआ है विकास
वायु सेवा संघर्ष समिति के साथ विवेक तन्खा ने चर्चा के दौरान बताया कि शहर में किसी भी तरह का इन्वेस्टमेंट करने के पहले यह पूछा जाता है कि शहर की बाकी शहरों से कनेक्टिविटी कैसी है। आज के हालात देखकर यह सोचने की बात है कि पर्याप्त उड़ानों के बिना शहर का विकास कैसे होगा। जबलपुर से उड़ने वाली फ्लाइट यहां की चिकित्सा व्यवस्था से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर शिक्षा व्यापार सभी चीजों के लिए बहुत जरूरी हैं क्योंकि व्यापारियों से लेकर बड़े डॉक्टर और अधिवक्ता तक उस शहर को काम और इन्वेस्टमेंट के लिए महत्व देते हैं जहां से डायरेक्ट फ्लाइट होती है।
सब्सिडी है मुख्य कारण
विवेक तन्खा ने बताया कि सभी फ्लाइट्स प्राइवेट कंपनियों के द्वारा संचालित की जाती है ऐसे में सरकार इन पर एक हद तक ही किसी भी रूट पर उड़ानों के लिए दबाव बना सकती है, लेकिन यहां मुख्य कारण सब्सिडी है क्योंकि जबलपुर से उड़ने वाली फ्लाइट्स घाटे में नहीं चल रही। फिर भी यहां से फ्लाइट्स कम होने का कारण यह है कि दूसरे रूट पर इन विमान कंपनियों को सब्सिडी दी जा रही है और जबलपुर से भेदभाव कर इस रूट पर सब्सिडी न देने के कारण यह विमान कंपनियां उड़ानों को लेकर पीछे हट रही हैं।
शहर के हक के लिए कुछ भी करूंगा
तन्खा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वायु सेवा संघर्ष समिति का साथ देते हुए वह शहर के हक के लिए कुछ भी करेंगे फिर चाहे विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलना हो या मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से। इसके साथ ही वह निजी विमान कंपनियों के अधिकारियों से भी बात करेंगे। एक वाकये का जिक्र कर उन्होंने बताया कि स्पाइसजेट के सीईओ अजय सिंह से हाई कोर्ट में उनकी मुलाकात होती रहती है। उन्होंने अजय से जबलपुर से फ्लाइट शुरू करने का निवेदन भी किया था इसके बाद स्पाइसजेट की एक फ्लाइट जबलपुर से शुरू भी हुई थी पर की मांग के अनुसार 2 साल पहले तक चल रही सभी फ्लाइट यथावत की जानी चाहिए।
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