अब MLA को करना होगा 4 महीने का इंतजार : स्वेच्छानुदान में सिर्फ 1.41 करोड़, विधायक निधि 150.45 करोड़ शेष

The Sootr | Nov 23, 2023, 24:00 IST
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अब MLA को करना होगा 4 महीने का इंतजार : स्वेच्छानुदान में सिर्फ 1.41 करोड़, विधायक निधि 150.45 करोड़ शेष
अब MLA को करना होगा 4 महीने का इंतजार : स्वेच्छानुदान में सिर्फ 1.41 करोड़, विधायक निधि 150.45 करोड़ शेष

गौरतलब है कि नई विधानसभा के गठन के बाद शपथ लेने वाले विधायकों को फंड की कमी से जूझना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि चुनाव के पहले विधायकों को मिलने वाली निधि का बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया गया है।

BHOPAL. नई विधानसभा के गठन के बाद शपथ लेने वाले विधायकों को फंड की कमी से जूझना पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक चुनाव के पहले विधायकों को मिलने वाली निधि का बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया गया है। बता दें कि विधायक निधि के 427.04 करोड़ रुपए और स्वेच्छानुदान निधि के 171.08 करोड़ रुपए आचार संहिता लागू होने के पहले ही खर्च किए जा चुके हैं।

ऐसे में अब बची हुई राशि में से एक विधायक को औसतन 65.41 लाख रुपए विकास कार्य कराने और 61629 रुपए व्यक्तिगत सहायता के लिए स्वेच्छानुदान मद से देने के लिए मिलेंगे।

विधायक निधि के तौर पर दिए जाते हैं 577 करोड़ 50 लाख रुपए

बता दें कि इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल के बाद सामने आया कि कई जिलों में विधायकों ने विधायक निधि और विधायक स्वेच्छानुदान निधि पूरी तरह खर्च कर दिया है। गौरतलब है कि मप्र में 230 विधायकों को विधायक निधि के तौर पर कुल 577 करोड़ 50 लाख और स्वेच्छानुदान निधि से राशि खर्च करने के लिए 173 करोड़ 25 लाख रुपए प्रदान किए जाते हैं। विधायक निधि से साल भर में खर्च के लिए 2.50 करोड़ रुपए प्रति विधायक दिए जाने का प्रावधान है। इस राशि से विधायकों को विधानसभा क्षेत्र में सड़क, बिजली, नाली, सामुदायिक भवन के अलावा अन्य विकास कार्य कराने के लिए राशि जिला योजना समिति के माध्यम से देने का अधिकार होता है। इसी तरह विधायक स्वेच्छानुदान निधि में एक साल में 75 लाख रुपए प्रति विधायक खर्च करने के लिए मिलते हैं।

45 दिनों में 256.62 करोड़ रुपए खर्च

चुनावी साल में विधायक इस राशि का उपयोग बहुतायत करते हैं। इस वजह से एक अप्रैल 2023 से अगस्त अंतिम सप्ताह की अवधि में विधायक निधि और स्वेच्छानुदान दोनों ही रूप में मिलने वाली राशि से कुल 341.50 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इसके बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह से 9 अक्टूबर के बीच करीब 45 दिनों के अंतराल में बीजेपी, कांग्रेस, सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों ने विधायक निधि और स्वेच्छानुदान निधि से 256.62 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं।

कई जिलों में राशि खत्म होने की खबर

सिवनी जिले के विधायकों द्वारा खर्च राशि की जानकारी लेने पर पता चला है कि विधायक स्वेच्छानुदान के रूप में मिलने वाले 75-75 लाख रुपए यहां के चारों विधायकों ने पूरी तरह से खर्च कर दिए हैं। यानी यहां के नए विधायकों के लिए अब स्वेच्छानुदान के लिए एक भी रुपए शेष नहीं बचे हैं। वहीं विधायक निधि की राशि में केवलारी विधानसभा में 20 लाख और बरघाट में 14 लाख रुपए बचे हैं। सिवनी और लखनादौन विधायकों ने पूरी विधायक निधि मंजूर कर दी है। सिवनी से बीजेपी के दिनेश राय मुनमुन, लखनादौन से कांग्रेस के योगेंद्र सिंह बाबा, केवलारी से बीजेपी के राकेश पाल सिंह और बरघाट से कांग्रेस के अर्जुन काकोड़िया विधायक हैं। ऐसी ही स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों में भी है।

अब नए विधायकों के लिए इतना बचा फंड

योजना, आर्थिक और सांख्यिकी विभाग के अफसरों के मुताबिक 9 अक्टूबर को लागू हुई आचार संहिता की अवधि तक विधायकों के विधायक निधि और स्वेच्छानुदान की मंजूरी के जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके अनुसार विधायक निधि के 150.45 करोड़ रुपए शेष बचे हैं और अगर वर्तमान विधायक ने राशि छोड़ी है तो एक विधायक को औसतन 65.41 लाख रुपए मिलेंगे। इसी तरह स्वेच्छानुदान निधि में 1.41 करोड़ रुपए बचे हैं और एक विधायक के पास स्वेच्छानुदान के लिए 31 मार्च 2024 तक की अवधि में औसतन 61629 रुपए ही बचेंगे।

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