नया इतिहास रचने की ओर एमपी: ओलिंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में 3 खेलों की मिल सकती है मेजबानी

Amresh Kushwaha | Aug 14, 2025, 11:49 IST
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मध्‍य प्रदेश को ओलिंपिक 2036 और कॉमनवेल्थ 2030 की मेजबानी का मौका मिल सकता है। इस खबर में जानें, कैसे भोपाल इन खेल आयोजनों के लिए उपयुक्त बन रहा है।

भोपाल का खेलों में भविष्य अब और भी उज्जवल नजर आ रहा है। ओलंपिक 2036 और कॉमनवेल्थ 2030 की मेजबानी के लिए भारत ने पूरी ताकत झोंक दी है। ऐसे में भोपाल इसमें एक अहम भूमिका निभा सकता है। क्या आप जानते हैं कि यह शहर ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार हो सकता है? हां, यह सच है। अहमदाबाद को मेजबानी मिलने की संभावना है, लेकिन भोपाल को भी कई बड़े खेलों की मेजबानी मिलने की संभावना नजर आ रही है।

भोपाल को तीन खेलों की मिल सकती है मेजबानी

केंद्र सरकार और अहमदाबाद की टीम ओलंपिक और कॉमनवेल्थ की मेजबानी के लिए तेजी से कदम बढ़ा रही है। अहमदाबाद में नए स्टेडियम और खेलगांव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, और ये संकेत दे रहे हैं कि भारत को मेजबानी मिलने की प्रबल संभावना है। यदि अहमदाबाद को मेजबानी मिलती है, तो भोपाल को तीन प्रमुख खेलों की मेजबानी मिल सकती है - वाटर स्पोर्ट्स, शूटिंग और हॉकी।
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वाटर स्पोर्ट्स: भोपाल का मजबूत दावा

भोपाल का सबसे बड़ा दावा वाटर स्पोर्ट्स पर है। शहर में दो प्रमुख झीलें हैं जो देश में वाटर स्पोर्ट्स के सबसे सक्रिय केंद्रों में शामिल हैं। कयाकिंग और केनोइंग के लिए छोटी झील को पूरी तरह से तैयार किया गया है, जबकि बड़ी झील पर सेलिंग और रोइंग जैसे इवेंट्स आसानी से आयोजित किए जा सकते हैं। यह शहर एशियन कयाकिंग-केनोइंग चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं की मेजबानी कर चुका है। इसके अलावा, भोपाल में कयाकिंग-केनोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का नेशनल फीडर सेंटर भी है, जो नए खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करता है।

ओलिंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में एमपी की मेजबानी!

  • भोपाल का खेलों में भविष्य उज्जवल: भारत ने ओलंपिक 2036 और कॉमनवेल्थ 2030 की मेजबानी के लिए जोर-शोर से तैयारी शुरू की है, जिसमें भोपाल अहम भूमिका निभा सकता है।
  • तीन खेलों की मेजबानी की संभावना: यदि अहमदाबाद को मेजबानी मिलती है, तो भोपाल को वाटर स्पोर्ट्स, शूटिंग और हॉकी की मेजबानी मिलने की संभावना है।
  • वाटर स्पोर्ट्स में भोपाल का मजबूत दावा: भोपाल की झीलों पर कयाकिंग, केनोइंग, सेलिंग और रोइंग जैसे इवेंट्स की मेजबानी की जा सकती है, और यह शहर एशियन कयाकिंग-केनोइंग चैंपियनशिप का मेज़बान बन चुका है।
  • शूटिंग में राष्ट्रीय केंद्र: भोपाल की शूटिंग अकादमी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेंज उपलब्ध हैं, और यह ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए आदर्श स्थल हो सकता है।
  • हॉकी की मेज़बानी: भोपाल में 7 हॉकी टर्फ मैदान हैं, और ऐशबाग स्टेडियम तथा मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार हैं।

शूटिंग: राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख केंद्र

भोपाल की शूटिंग अकादमी भारत की सबसे उन्नत शूटिंग सुविधाओं में से एक मानी जाती है। यहां राइफल, शॉटगन और पिस्टल की अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेंज उपलब्ध हैं। यह अकादमी बरखेड़ा नाथू मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास स्थित है, जो ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एक आदर्श स्थल बन सकता है।

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हॉकी: तैयार 7 टर्फ मैदान

भोपाल में पहले से ही 7 हॉकी टर्फ मैदान मौजूद हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किए गए हैं। ऐशबाग स्टेडियम और मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम जैसे प्रमुख स्थल इस खेल की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यदि ओलंपिक में हॉकी की मेजबानी भोपाल को मिलती है, तो यह शहर इस खेल के लिए आदर्श स्थल बन सकता है।

भोपाल को मेजबानी मिलने का रास्ता साफ

पूर्व साई डायरेक्टर राजिंदर सिंह के अनुसार, यदि अहमदाबाद ओलंपिक की मेजबानी जीतता है, तो भोपाल को वाटर स्पोर्ट्स जैसी प्रतियोगिताओं की मेजबानी मिलने की पूरी संभावना है। ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे आयोजनों के मल्टी-सिटी वेन्यू के ट्रेंड को देखते हुए, भोपाल को भी अहम भूमिका मिल सकती है।

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विकास की नई ऊंचाइयां

यदि भोपाल को मेजबानी मिलती है, तो शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व सुधार होंगे। एयरपोर्ट का विस्तार, मेट्रो और सड़क नेटवर्क का उन्नयन, और होटल इंडस्ट्री में बड़े ब्रांड्स का प्रवेश सुनिश्चित होगा।

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