शादी नहीं होने पर बोले मेंदोला, कैलाशजी ने ध्यान नहीं दिया, वहीं विजयवर्गीय बोले, जीवन के अंतिम पलों में भी कोई अलग नहीं कर सकता
Chandresh Sharma | Dec 05, 2023, 24:00 IST
शादी नहीं होने पर बोले मेंदोला, कैलाशजी ने ध्यान नहीं दिया, वहीं विजयवर्गीय बोले, जीवन के अंतिम पलों में भी कोई अलग नहीं कर सकता
अभी तक शादी नहीं होने पर मेंदोला ने मजाक में तंज भी कसा कि मेरी शादी नहीं का बड़ा कारण है कि इन्होंने (कैलाश विजयवर्गीय) ने ध्यान नहीं दिया। इस आरोप को विजयवर्गीय ने भी हंसकर स्वीकार किया
संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर की सबसे बड़ी राजनीतिक जोड़ी कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला ने मीडिया से बात करते हुए अपने संबंधों को लेकर खुलकर अनौपचारिक तौर पर बात की। इसमें अभी तक शादी नहीं होने पर मेंदोला ने मजाक में तंज भी कसा कि मेरी शादी नहीं का बड़ा कारण है कि इन्होंने (कैलाश विजयवर्गीय) ने ध्यान नहीं दिया। इस आरोप को विजयवर्गीय ने भी हंसकर स्वीकार किया और कहा यह सही है, मैं इसे स्वीकार करता हूं।
मेंदोला की रिकार्डतोड़ जीत का कारण, परिवार की किचकिच नहीं है
लेकिन विजयवर्गीय ने इसी को (शादी नहीं होना) मेंदोला की रिकार्ड जीत का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें फुर्सत ही फुर्सत है। परिवार की कोई किट किट नहीं है। कोई बच्चे नहीं है। कार्यकर्ता रात दो बजे भी पहुंच जाता है, दादा वहां फोन कर दो और दादा फोन करते फिर सो जाते हैं। हर समय फुर्सत है तो पूरे समय कार्यकर्ताओं के साथ लगे रहते हैं। इसलिए रिकार्ड तोड़ वोट से जीतते हैं। मेंदोला ने कहा कि पीएम मोदी का मैजिक, सीएम के प्रदेश में काम, कैलाश विजयवर्गीय का मार्गदर्शन और विधासनभा में उनके शुरू कराए गए काम, इन सभी के कारण मैं इस तरह जीत रहा हूं।
मेंदोला के साथ संबंधों को लेकर खुलकर बोले विजयवर्गीय
कई बार कैलाश-रमेश के संबंध खराब होने के सवाल पर मेंदोला ने कहा कि हमने कभी नहीं कहा? पता नहीं कहां से इस तरह की खबरें आती है। वहीं विजयवर्गीय ने कहा कि मेरे घर में लड़की भी देखी जाती है या कोई फैसला लिया जाता है तो बच्चे कहते हैं दादा (मेंदोला) से पूछ लो। इन संबंधों की व्याख्याकैसे हो सती है। संबंध का कारण विश्वास होता है, वह खत्म संबंध खत्म। बुरी स्थिति में जब मेरे पिता, इनके पिता मिल में काम करते थे, साथ रहे तो अब तो स्थिति अच्छी है, अब हमे जीवन के अंतिम समय में कौन अलग कर सकता है। रिश्ते को कौन समझ सकता है, उसकी व्याख्या कोई नहीं कर सकता है। हमने एक साथ संघर्ष किया, हम साथ थाने में रहे। लोग कुछ भी बोले फर्क नहीं पड़ता है।
मेंदोला बोले जन भावनाएं हैं, सीएम बने विजयवर्गीय
मेंदोला ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कैलाशजी इंदौर एक में अब ऐसा काम करेंगे कि अगली बार इंदौर दो की जगह इंदौर एक में सबसे ज्यादा वोट से बीजेपी की जीत होगी। सीएम के तौर पर कैलाश जी को देखने के सवाल पर कहा कि जनभावना, कार्यकर्ताओं की इच्छाएं उनके लिए है, लेकिन जो भी हाईकमान हमारा तय करेगा। मेरे मंत्री पद के लिए भी हाईकमान औरहमारा संगठन ही तय करेगा। हर बार मंत्री पद के लिए उनका नाम चलने को लेकर मेंदोला ने कहा कि- नाम चलता है तो वह चलेगा भी और पहुंचेगा भी, चिंता मत करो।
मेंदोला की रिकार्डतोड़ जीत का कारण, परिवार की किचकिच नहीं है
लेकिन विजयवर्गीय ने इसी को (शादी नहीं होना) मेंदोला की रिकार्ड जीत का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें फुर्सत ही फुर्सत है। परिवार की कोई किट किट नहीं है। कोई बच्चे नहीं है। कार्यकर्ता रात दो बजे भी पहुंच जाता है, दादा वहां फोन कर दो और दादा फोन करते फिर सो जाते हैं। हर समय फुर्सत है तो पूरे समय कार्यकर्ताओं के साथ लगे रहते हैं। इसलिए रिकार्ड तोड़ वोट से जीतते हैं। मेंदोला ने कहा कि पीएम मोदी का मैजिक, सीएम के प्रदेश में काम, कैलाश विजयवर्गीय का मार्गदर्शन और विधासनभा में उनके शुरू कराए गए काम, इन सभी के कारण मैं इस तरह जीत रहा हूं।
मेंदोला के साथ संबंधों को लेकर खुलकर बोले विजयवर्गीय
कई बार कैलाश-रमेश के संबंध खराब होने के सवाल पर मेंदोला ने कहा कि हमने कभी नहीं कहा? पता नहीं कहां से इस तरह की खबरें आती है। वहीं विजयवर्गीय ने कहा कि मेरे घर में लड़की भी देखी जाती है या कोई फैसला लिया जाता है तो बच्चे कहते हैं दादा (मेंदोला) से पूछ लो। इन संबंधों की व्याख्याकैसे हो सती है। संबंध का कारण विश्वास होता है, वह खत्म संबंध खत्म। बुरी स्थिति में जब मेरे पिता, इनके पिता मिल में काम करते थे, साथ रहे तो अब तो स्थिति अच्छी है, अब हमे जीवन के अंतिम समय में कौन अलग कर सकता है। रिश्ते को कौन समझ सकता है, उसकी व्याख्या कोई नहीं कर सकता है। हमने एक साथ संघर्ष किया, हम साथ थाने में रहे। लोग कुछ भी बोले फर्क नहीं पड़ता है।
मेंदोला बोले जन भावनाएं हैं, सीएम बने विजयवर्गीय
मेंदोला ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कैलाशजी इंदौर एक में अब ऐसा काम करेंगे कि अगली बार इंदौर दो की जगह इंदौर एक में सबसे ज्यादा वोट से बीजेपी की जीत होगी। सीएम के तौर पर कैलाश जी को देखने के सवाल पर कहा कि जनभावना, कार्यकर्ताओं की इच्छाएं उनके लिए है, लेकिन जो भी हाईकमान हमारा तय करेगा। मेरे मंत्री पद के लिए भी हाईकमान औरहमारा संगठन ही तय करेगा। हर बार मंत्री पद के लिए उनका नाम चलने को लेकर मेंदोला ने कहा कि- नाम चलता है तो वह चलेगा भी और पहुंचेगा भी, चिंता मत करो।
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