MP बीजेपी में शामिल कांग्रेस के कुछ ही नेताओं की बल्ले-बल्ले
Pratibha Rana | Feb 20, 2024, 13:20 IST
वो दिन अच्छे थे या ये!
मध्यप्रदेश में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए 63 नेताओं में से केवल सात (7) नेताओं को मलाईदार पद मिले है, और बाकी 56 नेता हाशिए पर है। इनमें सिंधिया गुट के केवल 7 नेताओं को ही अहम जिम्मेदारी मिली है। बाकी नेता अभी भी वेटिंग में है।
BHOPAL. कांग्रेस नेता और एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ ( Kamal Nath) और उनके परिवार के बीजेपी में शामिल होने की सुगबुगाहट के बीच एक सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। 18 फरवरी को सामने आई इस सूची में ऐसे भाजपा ( BJP ) नेताओं के नाम थे, जो कांग्रेस ( CONGRESS) छोड़कर आए हैं। दावा किया गया था कि जब ये कांग्रेस में थे तो पर्याप्त सम्मान मिलता था। अब बीजेपी में तो है लेकिन हाशिए पर हैं। यानी कि कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी का दामन थामने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia) के चहेतों को ही बीजेपी ने मलाईदार पद से नवाजा है। बाकी बागी नेता अब भी बीजेपी की वेटिंग लिस्ट में है।
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एमपी में पिछले पांच साल में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए अधिकतर नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति में तो कुछ को जिला संगठन में शामिल किया गया है। कई पूर्व विधायकों को इस बार पार्टी ने टिकट से भी वंचित कर दिया। इसके बावजूद वे ये कहकर अपना बचाव कर रहे हैं कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। यहां कब किस कार्यकर्ता की किस्मत पलट जाए, कहा नहीं जा सकता।
डबरा की पूर्व विधायक इमरती देवी ( Imarti Devi ) ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) के साथा बीजेपी में शामिल हुई थीं। उपचुनाव और 2024 विधानसभा चुनाव में हार गईं। कांग्रेस के दावे पर बोलीं कि बीजेपी में मेरा पूरा सम्मान हुआ। बिना मांगे लघु उद्योग निगम का अध्यक्ष बनाया। कांग्रेस के लोगों से पूछो कि वे कितने खुश हैं? बीजेपी में जहां भी जाओ, पूछ-परख होती है। कमलनाथ से तो आम कार्यकर्ता सीधे मिल भी नहीं सकता। कल को वे भाजपा में आते हैं, तो उनका भी स्वागत है।
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शिवपुरी जिले की रहने वाली पूर्व विधायक शकुंतला खटीक कहती हैं कि मैं तो सिंधिया जी के साथ बीजेपी में शामिल हुई थी। महाराज को सम्मान मिला, वो ही मेरे लिए बड़ी बात है। भाजपा में बहुत मान-सम्मान है, यहां कोई दिक्कत नहीं है। जहां हमारे नेता है, वहां पर हम हैं। रही बात दायित्व की, तो वो भी मिल जाएगा।
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मुरैना से कांग्रेस के पूर्व विधायक राकेश मावई ( Rakesh Mavai) भी अब बीजेपी में आ चुके हैं। वे कहते हैं कि कांग्रेस को आखिर बीजेपी नेताओं की चिंता क्यों होने लगी? कांग्रेस से अधिक बीजेपी में सम्मान है। कांग्रेस वाले सोशल मीडिया या अखबार नहीं देख रहे हैं। देश कांग्रेस मुक्त हो रही है। वे अपनी चिंता करें, हमारी चिंता न करें।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के नेता और प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, बिसाहूलाल सिंह, जगत बहादुर सिंह अन्नू को अहम पद मिले है। इसके अलावा कई सिंधिया गुट के नेताओं को भी इस बार बीजेपी में ना तो कोई पद मिला और ना ही कोई जिम्मेदारी दी गई है।
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पांच साल पहले कितने नेताओं ने छोड़ा कांग्रेस
एमपी में पिछले पांच साल में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए अधिकतर नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति में तो कुछ को जिला संगठन में शामिल किया गया है। कई पूर्व विधायकों को इस बार पार्टी ने टिकट से भी वंचित कर दिया। इसके बावजूद वे ये कहकर अपना बचाव कर रहे हैं कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। यहां कब किस कार्यकर्ता की किस्मत पलट जाए, कहा नहीं जा सकता।
बीजेपी में जहां भी जाओ, पूछ-परख होती है-इमरती देवी
डबरा की पूर्व विधायक इमरती देवी ( Imarti Devi ) ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) के साथा बीजेपी में शामिल हुई थीं। उपचुनाव और 2024 विधानसभा चुनाव में हार गईं। कांग्रेस के दावे पर बोलीं कि बीजेपी में मेरा पूरा सम्मान हुआ। बिना मांगे लघु उद्योग निगम का अध्यक्ष बनाया। कांग्रेस के लोगों से पूछो कि वे कितने खुश हैं? बीजेपी में जहां भी जाओ, पूछ-परख होती है। कमलनाथ से तो आम कार्यकर्ता सीधे मिल भी नहीं सकता। कल को वे भाजपा में आते हैं, तो उनका भी स्वागत है।
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जहां हमारे नेता, वहां हम खुश- शकुंतला खटीक
शिवपुरी जिले की रहने वाली पूर्व विधायक शकुंतला खटीक कहती हैं कि मैं तो सिंधिया जी के साथ बीजेपी में शामिल हुई थी। महाराज को सम्मान मिला, वो ही मेरे लिए बड़ी बात है। भाजपा में बहुत मान-सम्मान है, यहां कोई दिक्कत नहीं है। जहां हमारे नेता है, वहां पर हम हैं। रही बात दायित्व की, तो वो भी मिल जाएगा।
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कांग्रेस अपनी चिंता करें हमारी नहीं- राकेश मावई
मुरैना से कांग्रेस के पूर्व विधायक राकेश मावई ( Rakesh Mavai) भी अब बीजेपी में आ चुके हैं। वे कहते हैं कि कांग्रेस को आखिर बीजेपी नेताओं की चिंता क्यों होने लगी? कांग्रेस से अधिक बीजेपी में सम्मान है। कांग्रेस वाले सोशल मीडिया या अखबार नहीं देख रहे हैं। देश कांग्रेस मुक्त हो रही है। वे अपनी चिंता करें, हमारी चिंता न करें।
कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं को मिले अहम पद
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के नेता और प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, बिसाहूलाल सिंह, जगत बहादुर सिंह अन्नू को अहम पद मिले है। इसके अलावा कई सिंधिया गुट के नेताओं को भी इस बार बीजेपी में ना तो कोई पद मिला और ना ही कोई जिम्मेदारी दी गई है।
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