जबलपुर बम ब्लास्ट : आरोपी शमीम क्या पाकिस्तान में है या भाग गया दुबई!
Jitendra Shrivastava | Apr 30, 2024, 17:54 IST
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मध्यप्रदेश के जबलपुर में कबाड़ में हुए बम ब्लास्ट का आरोपी हाजी शमीम उर्फ शमीम कबाड़ी पहले भी रेलवे के कई चोरी मामलों में लिप्त रह चुका है, चुटकियों में बनवा लेता था मेडिकल रिपोर्ट, रसूख के साथ ही मिलता रहा था संरक्षण...
नील तिवारी, JABALPUR. स्क्रैप मेटल के गोदाम में हुए भीषण बम ब्लास्ट के मामले में पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आ रहा है जिसकी वजह है आरोपी शमीम के बेटे फहीम की पाकिस्तान में शादी होना। दरअसल शमीम कबाड़ी का बेटा फहीम ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करता था। वहीं पर उसकी मुलाकात एक पाकिस्तानी लड़की के साथ हुई जिससे उसने शादी की, अब आरोपी शमीम के पाकिस्तान के रास्ते दुबई भाग जाने की भनक पुलिस के सूत्रों को मिली है। जबलपुर के पुलिस अधीक्षक ने आरोपी शमीम खान पर 15 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है।
जबलपुर ब्लास्ट ( Jabalpur blast ) की जांच के लिए एनएसजी एवं NIA की टीमों ने जबलपुर में तीन दिनों से डेरा डाल कर रखा था। इस दौरान सूत्रों के अनुसार जांच टीमों को कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जिससे यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा का बनता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल शमीम कबाड़ी के गोदाम से जो बम मिले हैं वह सेना में प्रयुक्त होते हैं। शमीम कबाड़ी के पास इन बमों को कबाड़ में खरीदने का लाइसेंस भी नहीं था। सुल्तान नामक व्यक्ति के लाइसेंस का उपयोग कर शमीम इन बमों को कबाड़ खाने तक पहुंचाता था और उसके बाद इसे तांबा लोहे जैसी धातुओं के अलावा बारूद भी अलग करवाता था। सूत्रों के अनुसार इस बारूद को एकत्रित कर कबाड़खाने में ही जमीन के अंदर रखा जाता था, जहां विस्फोट होने के बाद एक बड़ा गड्ढा बन चुका है। बारूद के कणों की जांच के लिए सैंपल जांच एजेंसियों के द्वारा लिए गए हैं और अब शमीम कबाड़ी के दुबई भाग जाने की संभावनाओं के बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो भी इस मामले में जुड़ रही है।
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हाजी शमीम खान शहर ही नहीं पूरे प्रदेश में दबंग कबाड़ी माना जाता है। रेलवे के स्क्रेप ठेके में इसका ऐसा दबदबा है कि बिना इसकी इजाजत वहां पत्ता भी नहीं हिलता। हालांकि, शमीम पर रेलवे का माल चोरी कर बेचने के भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें वह लंबे समय से फरार है।
इस मामले में जबलपुर पुलिस ने शमीम के बेटे फहीम और अपने कबाड़ लाइसेंस पर बम उपलब्ध कराने वाले सुल्तान को विस्फोटक अधिनियम सहित कई धाराओं में गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। दोनों आरोपियों से पुलिस रिमांड में पूछताछ की जा रही है
जानकारी के अनुसार ब्लास्ट वाले दिन शमीम कबाड़ी इस कबाड़ खाने में ही मौजूद था, फरार रहते हुए भी शहर में रहकर व्यापार करने में शमीम के ऊपर पुलिस के एक बड़े अधिकारी का वरदहस्त होने की भी बात सामने आई है।लगभग साल भर पहले शमीम कबाड़ी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह शहडोल के एडीजी जी जनार्दन को अपनी स्क्रैप की गाड़ी छोड़ने के लिए धमकता हुआ सुनाई दे रहा था। हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि नहीं हुई थी, पर पुलिस महकमें में यह चर्चाएं जोरों पर थी कि पुलिस के एक बड़े अधिकारी का हाथ इस कबाड़ी के ऊपर है, जिसके कारण यह किसी से खौफ नहीं खाता और फरार होने के बाद भी अपना व्यापार निर्बाध रूप से करता है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सोनाली दुबे ने बताया कि इस मामले की जांच में यह बात भी संज्ञान में आई है कि यह आरोपी जब भी किसी मामले में फरार होता था तो इसका मेडिकल सर्टिफिकेट तुरंत प्रस्तुत कर दिया जाता था और यह अस्पताल में भर्ती भी हो जाता था जांच के दौरान इस एंगल को भी खंगाला जाएगा। शमीम कबाड़ी की बहू के पाकिस्तानी होने पर सोनाली दुबे ने बताया कि क्योकि उसके परिवार की सदस्य पाकिस्तानी है मात्र इस बिनाह पर शक नहीं किया जा सकता पर उन्होंने इसे जांच का एक पहलू जरूर माना है।
इतनी बड़ी मात्रा में आर्मी के बम एकत्रित करने और बारूद इकट्ठा करने के सबूत मिलने के बाद यह बात तो पक्की है कि शमीम केवल कबाड़ का काम नहीं कर रहा था। अब शमीम पर इनाम घोषित होने के साथ ही जल्द उस पर लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा सकता है ताकि वह देश छोड़कर ना भाग सके। साथ ही जबलपुर पुलिस को जांच एजेंसियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि इस पूरे मामले की असलियत सामने आ सके।
NIA और NSG के बाद IB की एंट्री
जबलपुर ब्लास्ट ( Jabalpur blast ) की जांच के लिए एनएसजी एवं NIA की टीमों ने जबलपुर में तीन दिनों से डेरा डाल कर रखा था। इस दौरान सूत्रों के अनुसार जांच टीमों को कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जिससे यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा का बनता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल शमीम कबाड़ी के गोदाम से जो बम मिले हैं वह सेना में प्रयुक्त होते हैं। शमीम कबाड़ी के पास इन बमों को कबाड़ में खरीदने का लाइसेंस भी नहीं था। सुल्तान नामक व्यक्ति के लाइसेंस का उपयोग कर शमीम इन बमों को कबाड़ खाने तक पहुंचाता था और उसके बाद इसे तांबा लोहे जैसी धातुओं के अलावा बारूद भी अलग करवाता था। सूत्रों के अनुसार इस बारूद को एकत्रित कर कबाड़खाने में ही जमीन के अंदर रखा जाता था, जहां विस्फोट होने के बाद एक बड़ा गड्ढा बन चुका है। बारूद के कणों की जांच के लिए सैंपल जांच एजेंसियों के द्वारा लिए गए हैं और अब शमीम कबाड़ी के दुबई भाग जाने की संभावनाओं के बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो भी इस मामले में जुड़ रही है।
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किसकी शह से फल फूल रहा था कारोबार?
हाजी शमीम खान शहर ही नहीं पूरे प्रदेश में दबंग कबाड़ी माना जाता है। रेलवे के स्क्रेप ठेके में इसका ऐसा दबदबा है कि बिना इसकी इजाजत वहां पत्ता भी नहीं हिलता। हालांकि, शमीम पर रेलवे का माल चोरी कर बेचने के भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें वह लंबे समय से फरार है।
अब तक हुई दो लोगों की गिरफ्तारी
इस मामले में जबलपुर पुलिस ने शमीम के बेटे फहीम और अपने कबाड़ लाइसेंस पर बम उपलब्ध कराने वाले सुल्तान को विस्फोटक अधिनियम सहित कई धाराओं में गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। दोनों आरोपियों से पुलिस रिमांड में पूछताछ की जा रही है
बड़े अधिकारी का संरक्षण पुलिस को भी दे देता है धमकी
जानकारी के अनुसार ब्लास्ट वाले दिन शमीम कबाड़ी इस कबाड़ खाने में ही मौजूद था, फरार रहते हुए भी शहर में रहकर व्यापार करने में शमीम के ऊपर पुलिस के एक बड़े अधिकारी का वरदहस्त होने की भी बात सामने आई है।लगभग साल भर पहले शमीम कबाड़ी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह शहडोल के एडीजी जी जनार्दन को अपनी स्क्रैप की गाड़ी छोड़ने के लिए धमकता हुआ सुनाई दे रहा था। हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि नहीं हुई थी, पर पुलिस महकमें में यह चर्चाएं जोरों पर थी कि पुलिस के एक बड़े अधिकारी का हाथ इस कबाड़ी के ऊपर है, जिसके कारण यह किसी से खौफ नहीं खाता और फरार होने के बाद भी अपना व्यापार निर्बाध रूप से करता है।
मामला दर्ज होते ही बन जाता था मेडिकल सर्टिफिकेट
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सोनाली दुबे ने बताया कि इस मामले की जांच में यह बात भी संज्ञान में आई है कि यह आरोपी जब भी किसी मामले में फरार होता था तो इसका मेडिकल सर्टिफिकेट तुरंत प्रस्तुत कर दिया जाता था और यह अस्पताल में भर्ती भी हो जाता था जांच के दौरान इस एंगल को भी खंगाला जाएगा। शमीम कबाड़ी की बहू के पाकिस्तानी होने पर सोनाली दुबे ने बताया कि क्योकि उसके परिवार की सदस्य पाकिस्तानी है मात्र इस बिनाह पर शक नहीं किया जा सकता पर उन्होंने इसे जांच का एक पहलू जरूर माना है।
लुकआउट नोटिस हो सकता है जारी
इतनी बड़ी मात्रा में आर्मी के बम एकत्रित करने और बारूद इकट्ठा करने के सबूत मिलने के बाद यह बात तो पक्की है कि शमीम केवल कबाड़ का काम नहीं कर रहा था। अब शमीम पर इनाम घोषित होने के साथ ही जल्द उस पर लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा सकता है ताकि वह देश छोड़कर ना भाग सके। साथ ही जबलपुर पुलिस को जांच एजेंसियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि इस पूरे मामले की असलियत सामने आ सके।
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