मंत्री प्रतिमा बागरी विवाद: छानबीन समिति ने की सुनवाई, अब नजरें अंतिम रिपोर्ट पर
Jitendra Shrivastava | Jul 06, 2026, 23:40 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाणपत्र विवाद में छानबीन समिति ने सुनवाई की। समिति ने दोनों पक्षों को सुना। मंत्री ने 110 साल पुराने दस्तावेज पेश किए।
समझें क्या है पूरा मामला
- मंत्री प्रतिमा बोलीं, मेरे पास 110 साल के दस्तावेज हैं।
- जाति साबित करने गांव में कराई गई मुनादी, मंत्री दुखी।
- प्रतिमा बागरी की जाति पर छानबीन समिति में सुनवाई।
- कांग्रेस नेता बोले, फर्जी मंत्री को हटाएं मुख्यमंत्री।
- बागरी जाति विवाद में समिति के सामने पेश हुए दोनों पक्ष।
मंत्री ने खुद को बागरी समाज का बताते हुए वंशावली के दस्तावेज पेश किए। उन्होंने कहा कि जाति साबित करने गांव में मुनादी तक कराई गई। कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने भी समिति के सामने अपने तथ्य रखे।
छानबीन समिति के सामने सुनवाई
उन्होंने कहा कि वे बागरी समाज से आती हैं। यह समाज प्रदेश में अनुसूचित जाति (SC – Scheduled Caste) में शामिल है। मंत्री ने बताया कि उनके पास 110 साल पुराने दस्तावेज मौजूद हैं।
मुनादी और अपराधियों जैसा व्यवहार
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक हुआ। मंत्री ने इस व्यवहार पर खुला दुख जताया। उनका कहना था कि यह उनकी गरिमा के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता का पक्ष
उन्होंने बताया कि 1961 की जातीय जनगणना में भी सतना जिले में बागरी जाति दर्ज नहीं थी। अहिरवार के अनुसार 1976 में केंद्र सरकार ने एससी-एसटी (SC-ST – Scheduled Caste-Scheduled Tribe) वर्ग के लिए सीमा क्षेत्र का बंधन लागू किया। इसके बाद बागरी जाति एससी सूची में शामिल हो गई।
अहिरवार ने टीआरआई (TRI – Tribal Research Institute) की दो रिपोर्टों का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक इन रिपोर्टों में साफ कहा गया है कि बागरी जाति अनुसूचित जाति में नहीं आती। उनका दावा है कि बागरी असल में राजपूत हैं।
2007 का गजट नोटिफिकेशन
पन्ना और सतना से भी कुछ अन्य आपत्तिकर्ता समिति के सामने पेश हुए। उन्होंने भी अपने आपत्ति दस्तावेज सौंपे। इन दस्तावेजों की जांच भी समिति करेगी।
छानबीन समिति का रुख
बामरा ने कहा कि उन्होंने 1961 और 1971 की जातीय जनगणना के मूल दस्तावेज भी समिति के सामने प्रस्तुत किए हैं। उन्हें उम्मीद है कि समिति उनके पक्ष में फैसला देगी। समिति सचिव सत्येंद्र सिंह और विषय विशेषज्ञ मातादीन कनेरिया व सुधीर श्रीवास्तव भी सुनवाई में मौजूद रहे।
आगे की प्रक्रिया
अब सबकी नजरें समिति की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। इस रिपोर्ट के बाद ही यह साफ होगा कि मंत्री प्रतिमा बागरी का जाति प्रमाणपत्र वैध है या नहीं।
ये खबरें भी पढ़ें...
मंत्री प्रतिमा बागरी का कास्ट सर्टिफिकेट विवाद: छानबीन समिति में आज होगा फैसला
मंत्री प्रतिमा बागरी जाति विवाद: हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांवों में बजी डुगडुगी!
मंत्री प्रतिमा बागरी को जाति प्रमाण पत्र विवाद में नोटिस जारी, द सूत्र से बोलीं- जानकारी नहीं
दिग्गी का भागवत को पदयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण, RSS से मांगा समर्थन
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari