सागर कलेक्टर ने नहीं मानी बात तो महिला ने खुद पर छिड़का डीजल, ऐसा करने के लिए क्यों विवश हुई पीड़िता, जानें
Raj Singh | Oct 02, 2024, 09:41 IST
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मध्य प्रदेश के सागर जिले से खबर है। यहां कलेक्टर परिसर में एक महिला ने खुदकुशी करने के लिए डीजल उड़ेल लिया। हालांकि लोगों की सूझबूझ से महिला को बचा लिया गया।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर ( Collectorate Complex ) से खबर है। यहां उस वक्त हंगामा मच गया जब एक महिला ने खुद पर डीजल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि, महिला को यह सब करते देख परिसर में मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। लेकिन महिला ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया और कहा कि वह साल 2016 से परेशान है। अगर आज उसकी गुहार नहीं सुनी गई तो वह यहीं अपनी जान दे देगी।
दरअसल, जिला कलेक्टर परिसर में आत्महत्या करने वाली महिला का नाम राधा यादव है, जो सागर जिले के जरुआखेड़ा की रहने वाली है। वह अपनी शिकायत लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय ( Collector Office ) पहुंची थी। महिला ने अपने आवेदन में लिखा है कि उसकी मार्कशीट में दर्ज जाति को बदला जाए। आपको बता दें कि महिला की मार्कशीट पर लिखी जाति सौर (आदिवासी) है। महिला इसे बदलने की मांग कर रही है।
महिला ने बताया कि 2016 से मैं अपनी जाति मार्कशीट ( Caste Marksheet ) में बदलवाने के लिए चक्कर काट रही हूं, लेकिन अभी तक कोई जनसुनवाई नहीं हुई है। हर बार कलेक्टर ऑफिस आकर आवेदन करती हूं, लेकिन निराशा ही हाथ लगती है। राधा ने बताया कि मेरे माता-पिता ने अंतरजातीय विवाह किया था। मेरी मां आदिवासी हैं। पढ़ाई के समय मां ने मेरे दस्तावेजों में मेरी जाति सौर ( Genus Solar ) लिखवा दी थी, जबकि अन्य दस्तावेजों में मेरी जाति यादव है।
महिला ने आगे बताया कि मेरी शादी वर्ष 2010 में चंदेरी के रहने वाले अर्जुन यादव से हुई थी। मैंने वर्ष 2011 से 2023 तक चंदेरी के सरकारी स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में बच्चों को पढ़ाया। लेकिन वर्ष 2023 में नई शिक्षक भर्ती के बाद मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। राधा के अनुसार, मार्कशीट में जाति अलग होने के कारण मैं संविदा शिक्षक की पात्रता परीक्षा नहीं दे पा रही हूं। प्रोफाइल भी नहीं बनाई जा रही है। वर्ष 2016 से लगातार मुझे परेशान किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी जांच कराकर जाति सही करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ।
महिला ने बताया कि इस संबंध में उसने हाईकोर्ट ( High Court ) में केस दायर किया था। हाईकोर्ट ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। राधा ने आगे चेतावनी दी कि अगर मार्कशीट में जाति सही नहीं की गई तो मैं आत्महत्या कर लूंगी।
इस पूरे मामले पर सागर जिले के कलेक्टर अरविंद जैन ( collector arvind jain ) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राधा सौर नाम की महिला ने जनसुनवाई में आवेदन दिया था। महिला के पास जितने भी डॉक्यूमेंट्स हैं सभी में सौर जाति लिखी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि यह मामला कोर्ट में चल रहा था, मेरे स्तर पर इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
क्या है मामला?
महिला ने बताया कि 2016 से मैं अपनी जाति मार्कशीट ( Caste Marksheet ) में बदलवाने के लिए चक्कर काट रही हूं, लेकिन अभी तक कोई जनसुनवाई नहीं हुई है। हर बार कलेक्टर ऑफिस आकर आवेदन करती हूं, लेकिन निराशा ही हाथ लगती है। राधा ने बताया कि मेरे माता-पिता ने अंतरजातीय विवाह किया था। मेरी मां आदिवासी हैं। पढ़ाई के समय मां ने मेरे दस्तावेजों में मेरी जाति सौर ( Genus Solar ) लिखवा दी थी, जबकि अन्य दस्तावेजों में मेरी जाति यादव है।
सिर्फ आश्वासन सुधार नहीं: महिला
सुधार नहीं तो आत्महत्या
जिला कलेक्टर ने क्या कहा?
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