5 नहीं, 7 प्रतिशत पानी भी देंगे; राजस्थान डिजिफेस्ट में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान
Ramanand Tiwari | Jan 05, 2026, 22:39 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान डिजिफेस्ट में सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब राजस्थान को 5 नहीं, 7 प्रतिशत पानी देने को तैयार है। सालों पुराना विवाद अब खत्म होगा।
BHOPAL. राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल विवाद पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने खुलकर बात करते हुए बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संकेत दिया।
सीएम मोहन ने कहा कि बीते 25 वर्षों से राजस्थान-मध्यप्रदेश के बीच पानी को लेकर अनावश्यक बहस चलती रही, लेकिन अब समय टकराव का नहीं, समाधान और साझेदारी का है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि वर्षों से यह सवाल उठता रहा कि राजस्थान को केवल 5 प्रतिशत पानी क्यों दिया जाए या दिया ही न जाए। सरकार बदलते ही उन्होंने इस मुद्दे पर सीधी पहल की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से संवाद किया, जहां यह सामने आया कि पानी की कमी से राजस्थान में उद्योग और विकास प्रभावित हो रहे हैं।
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डॉ. मोहन यादव ने मंच से स्पष्ट कहा कि मध्यप्रदेश संकीर्ण सोच में विश्वास नहीं रखता। उन्होंने कहा कि हमने साफ कहा कि 5 प्रतिशत नहीं, 7 प्रतिशत पानी भी दे देंगे। राजस्थान कोई अलग देश नहीं है, वह भी हमारा ही प्रदेश है।”यह बयान जल विवाद को सहयोग में बदलने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश परमात्मा की कृपा से नदियों के मामले में सौभाग्यशाली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं, इसलिए इसे नदियों का मायका कहा जाता है। वहीं, राजस्थान को भौगोलिक कारणों से जल संकट का सामना करना पड़ता है। सीएम ने कहा कि बहते पानी को कोई रोक नहीं सकता, यह प्रकृति की लीला है।
डॉ. मोहन यादव ने दोनों राज्यों के रिश्ते को भाईचारे का बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्यप्रदेश की साझा संस्कृति और परंपराएं उत्तर भारत में एक मिसाल हैं। इसी साझेदारी के चलते आईटी सेक्टर और स्टार्टअप्स के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। दोनों राज्य सरकारें एक साथ काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सीएम मोहन यादव ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह योजना वर्षों तक राजनीतिक कारणों से अटकी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भूमिपूजन के बाद अब इस परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। जिससे राजस्थान के 15 जिले मध्यप्रदेश के 13 जिले सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के साथ भी साझा परियोजनाओं पर काम कर रहा है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना-उत्तर प्रदेश के साथ,ताप्ती नदी परियोजना-महाराष्ट्र के साथ। इन योजनाओं के जरिए जल प्रबंधन और विकास दोनों को गति दी जा रही है।
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डॉ. मोहन यादव ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में राजस्थान-मध्यप्रदेश के संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि जल, उद्योग और विकास के मुद्दों पर सहयोग ही एकमात्र रास्ता है। दोनों राज्य इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
राजस्थान डिजिफेस्ट में दिया गया यह बयान केवल जल बंटवारे की बात नहीं, बल्कि राज्यों के बीच सहयोग, विश्वास और साझा विकास का स्पष्ट संदेश है। मध्यप्रदेश अब विवाद नहीं, समन्वय की राजनीति के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है।
सीएम मोहन ने कहा कि बीते 25 वर्षों से राजस्थान-मध्यप्रदेश के बीच पानी को लेकर अनावश्यक बहस चलती रही, लेकिन अब समय टकराव का नहीं, समाधान और साझेदारी का है।
पुराना विवाद, नई सोच
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से संवाद किया, जहां यह सामने आया कि पानी की कमी से राजस्थान में उद्योग और विकास प्रभावित हो रहे हैं।
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भविष्य की ओर सकारात्मक कदम
राजस्थान डिजिफेस्ट में दिया गया यह बयान केवल जल बंटवारे की बात नहीं, बल्कि राज्यों के बीच सहयोग, विश्वास और साझा विकास का स्पष्ट संदेश है। मध्यप्रदेश अब विवाद नहीं, समन्वय की राजनीति के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है।
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