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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- राज्यसभा में दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह के बीच मूंग खरीदी पर तीखी बहस हुई।
- दिग्विजय ने सीहोर और हरदा को मूंग क्लस्टर में शामिल न करने पर सवाल उठाए।
- आरोप है कि पेस्टिसाइड का बहाना बनाकर मूंग खरीदी में जानबूझकर देरी की गई।
- शिवराज बोले- एमपी में सिंचाई बढ़ने से किसान अब तीसरी फसल भी ले रहे हैं।
- सरकार ने साफ किया कि बंपर पैदावार वाले क्षेत्रों में अलग क्लस्टर की जरूरत नहीं।
NEWS IN DETAIL
New Delhi. राज्यसभा में मध्य प्रदेश के मूंग उत्पादन पर बड़ा मुद्दा उठाया गया। राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछा कि सीहोर और हरदा में मूंग का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है। फिर भी इन जिलों को क्लस्टर में क्यों नहीं डाला गया। उनके मुताबिक, ये इलाके मूंग उत्पादन में काफी आगे हैं, फिर भी उन्हें किसी श्रेणी में क्यों नहीं रखा गया? दिग्विजय सिंह के इस सवाल पर कृषि मंत्री चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि मेरे क्षेत्र की इतनी चिंता हो रही है।
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दिग्विजय का आरोप और सवाल
दिग्विजय ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने मूंग को 'अनहेल्दी' बताते हुए इसकी खरीदी में देरी की। उनका आरोप था कि अधिक केमिकल पेस्टिसाइड्स बताकर किसानों की फसल की समय पर खरीदी नहीं की गई। व्यापारियों ने इस स्थिति का फायदा उठाया। किसानों से मनमाने दाम पर मूंग खरीदी की गई। दिग्विजय ने पूछा कि सरकार ने इन जिलों को मूंग के क्लस्टर में क्यों नहीं डाला?
शिवराज का पलटवार और जवाब
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिग्विजय के सवालों पर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि दिग्विजय को उनके संसदीय क्षेत्र की इतनी चिंता है। शिवराज ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय दलहन उत्पादन बहुत कम था। अब सिंचाई के बेहतर साधनों के कारण किसान तीन-तीन फसलें उगा रहे हैं, जिसमें मूंग भी शामिल है। उनका कहना था कि मूंग की खेती बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
शिवराज बोले: क्लस्टर की आवश्यकता नहीं
शिवराज ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने पारदर्शी मूंग खरीदी व्यवस्था लागू की है, इससे किसानों को लाभ हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी रिकॉर्ड मूंग खरीदी हुई थी। सीहोर, रायसेन और हरदा में मूंग का अच्छा उत्पादन हो रहा है, जिसके कारण क्लस्टर की कोई आवश्यकता नहीं है।
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शिवराज का मूंग उत्पादन पर जोर
शिवराज ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश के किसान गर्मी के मौसम में 20 लाख मीट्रिक टन दलहन का उत्पादन कर रहे हैं। इस बढ़ते उत्पादन से किसानों को फायदा मिला है और सरकार उनकी लगातार मदद कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार भावांतर योजना और भौतिक खरीदी में से एक व्यवस्था को लागू करती है। दोनों एक साथ नहीं चल सकतीं।
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