5 राज्यों के विधानसभा चुनाव का परिणाम तय कर देगा राज्यसभा की सीटें, 2024 में होने हैं राज्यसभा के चुनाव
Chandresh Sharma | Nov 25, 2023, 24:00 IST
5 राज्यों के विधानसभा चुनाव का परिणाम तय कर देगा राज्यसभा की सीटें, 2024 में होने हैं राज्यसभा के चुनाव
राज्यों के चुनाव का रिजल्ट राज्य में किसकी सरकार बनेगी यह तो तय करेगा ही, साथ ही साथ राज्यसभा में 2024 में खाली होने वाली सीटों पर किस पार्टी के प्रत्याशी निर्वाचित होंगे यह भी तय कर देगा।
BHOPAL. मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव का परिणाम 3 दिसंबर को आ जाएगा। खास बात यह है कि इन राज्यों के चुनाव का रिजल्ट राज्य में किसकी सरकार बनेगी यह तो तय करेगा ही, साथ ही साथ राज्यसभा में 2024 में खाली होने वाली सीटों पर किस पार्टी के प्रत्याशी निर्वाचित होंगे यह भी तय कर देगा। अकेले मध्यप्रदेश के कोटे से ही 2024 में 5 राज्यसभा सीटें खाली होने जा रही हैं। ये सीटें अप्रैल 2024 में खाली हो रही हैं, जिससे पहले ही निर्वाचन आयोग इनके चुनाव करा लेगा।
ऐसे हो जाएगा फैसला
राज्यसभा के चुनाव में विधानसभा सदस्यों की संख्या के आधार पर मत मूल्य का निर्धारण होता है। विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आते ही यह तय हो जाएगा कि किस पार्टी को कितनी राज्यसभा सीटें मिलेंगी। जो पार्टी जितनी ज्यादा विधानसभा सीटें जीतेगी, उसे उतना फायदा राज्यसभा चुनाव में होगा।
2018 में हुआ था चुनाव
बता दें कि मध्यप्रदेश के कोटे की राज्यसभा सीटों के लिए साल 2018 में राज्यसभा चुनाव हुए थे। उस दौरान विधानसभा में बीजेपी को बहुमत था, इस वजह से बीजेपी के 4 राज्यसभा सदस्य चुने गए थे जबकि कांग्रेस के खाते में केवल एक सीट आई थी। 2018 में मप्र से बीजेपी के धर्मेंद्र प्रधान, कैलाश सोनी, अजय प्रताप सिंह और थावरचंद गहलोत का निर्वाचन हुआ था जबकि कांग्रेस की ओर से राजमणि पटेल निर्वाचित हुए थे। इन सभी का कार्यकाल अप्रैल 2024 में खत्म हो रहा है।
वर्तमान में बीजेपी के पास 8 तो कांग्रेस के महज 3 सीट
वर्तमान में मध्यप्रदेश के कोटे की 11 राज्यसभा सीटें हैं, जिसमें बीजेपी के 8 राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस के 3 राज्यसभा सदस्य पदासीन हैं। कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह, राजमणि पटेल और विवेक तन्खा राज्यसभा सदस्य हैं। इन 3 में से राजमणि पटेल की सदस्यता 2024 में खत्म होने जा रही है। दिग्विजय सिंह 2026 तो विवेक तन्खा 2028 तक राज्यसभा सदस्य रहेंगे।
बाकी राज्यों में भी ऐसा ही होना है
इसी तरह राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में होना है, जहां विधानसभा चुनाव का परिणाम यह निर्धारित करेगा कि राज्य के कोटे से किस पार्टी के कितने प्रत्याशी राज्यसभा पहुंचेंगे।
ऐसे हो जाएगा फैसला
राज्यसभा के चुनाव में विधानसभा सदस्यों की संख्या के आधार पर मत मूल्य का निर्धारण होता है। विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आते ही यह तय हो जाएगा कि किस पार्टी को कितनी राज्यसभा सीटें मिलेंगी। जो पार्टी जितनी ज्यादा विधानसभा सीटें जीतेगी, उसे उतना फायदा राज्यसभा चुनाव में होगा।
2018 में हुआ था चुनाव
बता दें कि मध्यप्रदेश के कोटे की राज्यसभा सीटों के लिए साल 2018 में राज्यसभा चुनाव हुए थे। उस दौरान विधानसभा में बीजेपी को बहुमत था, इस वजह से बीजेपी के 4 राज्यसभा सदस्य चुने गए थे जबकि कांग्रेस के खाते में केवल एक सीट आई थी। 2018 में मप्र से बीजेपी के धर्मेंद्र प्रधान, कैलाश सोनी, अजय प्रताप सिंह और थावरचंद गहलोत का निर्वाचन हुआ था जबकि कांग्रेस की ओर से राजमणि पटेल निर्वाचित हुए थे। इन सभी का कार्यकाल अप्रैल 2024 में खत्म हो रहा है।
वर्तमान में बीजेपी के पास 8 तो कांग्रेस के महज 3 सीट
वर्तमान में मध्यप्रदेश के कोटे की 11 राज्यसभा सीटें हैं, जिसमें बीजेपी के 8 राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस के 3 राज्यसभा सदस्य पदासीन हैं। कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह, राजमणि पटेल और विवेक तन्खा राज्यसभा सदस्य हैं। इन 3 में से राजमणि पटेल की सदस्यता 2024 में खत्म होने जा रही है। दिग्विजय सिंह 2026 तो विवेक तन्खा 2028 तक राज्यसभा सदस्य रहेंगे।
बाकी राज्यों में भी ऐसा ही होना है
इसी तरह राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में होना है, जहां विधानसभा चुनाव का परिणाम यह निर्धारित करेगा कि राज्य के कोटे से किस पार्टी के कितने प्रत्याशी राज्यसभा पहुंचेंगे।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari