मप्र के पूर्व पुलिस अधिकारी प्रवीण कक्कड़ की दंड से न्याय तक पुस्तक का विमोचन
Raj Singh | Oct 06, 2024, 14:10 IST
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मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस अधिकारी प्रवीण कक्कड़ अब लेखक की नई भूमिका में आ गए हैं। उनकी बहुचर्चित किताब भारतीय पुलिस कल, आज और कल दंड से न्याय तक, रविवार को लांच हो गई।
मप्र के पूर्व पुलिस अधिकारी और तत्कालीन सीएम कमलनाथ के ओएसडी रहे प्रवीण कक्कड़ अब लेखक की नई भूमिका में आ गए हैं। उनकी बहुचर्चित किताब भारतीय पुलिस कल, आज और कल दंड से न्याय तक, रविवार को लांच हो गई। इसका लंबे समय से इंतजार हो रहा था।
बहुप्रतिक्षित पुस्तक ‘दंड से न्याय तक’ का विमोचन 6 अक्टूबर को मध्यप्रदेश पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसके दास ने किया। शिवना प्रकाशन इंदौर की प्रमुख ज्योति जैन ने बताया कि ऑनलाइन मार्केट की प्रमुख वेबसाईट पर यह पुस्तक प्री-बुकिंग में ही धूम मचा रही है। पुस्तक के विमोचन के पहले शुरू हुई बुकिंग ने ‘दंड से न्याय तक’ पुस्तक को बेस्टसेलर पुस्तकों की श्रेणी में देश में 8वें स्थान पर ला दिया है।
इस दौरान कक्कड़ ने अपने पुलिस के अनुभवों का जिक्र किया और कहा कि नए एक्ट के बाद अब एक जुलाई से नए बीएनएस एक्ट के बाद पुलिस की दंड की जगह सामाजिक सुधार और न्याय वाली भूमिका हो जाएगी। यह बहुत बड़ा बदलाव है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह किताब लिखी गई है।
वहीं पूर्व आईजी दास ने कहा कि निश्चित ही किताब पढ़ने योग्य है, क्योंकि इसमें उनके अनुभव के साथ ही नए बदलाव को भी रेखांकित किया गया है।
लेखक व कहानीकार पंकज सुबीर ने भी किताब को लेकर कहा कि बहुत ही सरल भाषा में यह किताब आई है और सही मुद्दे पर आई है। इससे वास्तविक जीवन में भी लाभ होगा।
सीबीआई के स्पेशल प्रॉसिक्यूटर मनोज दि्वेदी ने कहा कि हमारी दोस्ती तब से जब मैं अधिवक्ता के तौर पर काम कर रहा था और वह पुलिस में थे। उनकी कार्यशैली का मैं हमेशा कायल रहा हूं और निश्चित ही यह बुक सभी पाठकों के साथ ही लॉ के छात्रों व अन्य कानूनविदों के लिए उपयोगी साबित होगी।
पुस्तक ‘दंड से न्याय तक’ में मुख्यतः पुलिस के नए कानून ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (बीएनएसएस) और पुराने क़ानून ‘भारतीय दंड संहिता’ (आईपीसी) के बीच के बदलाव को बेहद सरल भाषा में अंकित किया गया है। कहा जा रहा है कि यह पुस्तक पुलिस, प्रशासन, क़ानून के विद्यार्थियों और वकीलों के साथ साथ आम जनता के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होने वाली है।
इस पुस्तक के माध्यम से जहां पाठकों को नये और पुराने पुलिस क़ानूनों की पेचीदगियों/बारीकियों को समझने का अवसर मिलेगा, वहीं बहुत सी अनकही जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। किताब विमोचन के दौरान शहर के प्रबुद्धजन, नेता, मीडिया से जुड़े गणमान्य उपस्थित थे।
पूर्व आईजी ने की लांच, बेस्टसेलर में 8वें स्थान पर
विमोचन पर यह बोले अतिथि
वहीं पूर्व आईजी दास ने कहा कि निश्चित ही किताब पढ़ने योग्य है, क्योंकि इसमें उनके अनुभव के साथ ही नए बदलाव को भी रेखांकित किया गया है।
लेखक व कहानीकार पंकज सुबीर ने भी किताब को लेकर कहा कि बहुत ही सरल भाषा में यह किताब आई है और सही मुद्दे पर आई है। इससे वास्तविक जीवन में भी लाभ होगा।
सीबीआई के स्पेशल प्रॉसिक्यूटर मनोज दि्वेदी ने कहा कि हमारी दोस्ती तब से जब मैं अधिवक्ता के तौर पर काम कर रहा था और वह पुलिस में थे। उनकी कार्यशैली का मैं हमेशा कायल रहा हूं और निश्चित ही यह बुक सभी पाठकों के साथ ही लॉ के छात्रों व अन्य कानूनविदों के लिए उपयोगी साबित होगी।
इन बातों पर केंद्रित है किताब
इस पुस्तक के माध्यम से जहां पाठकों को नये और पुराने पुलिस क़ानूनों की पेचीदगियों/बारीकियों को समझने का अवसर मिलेगा, वहीं बहुत सी अनकही जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। किताब विमोचन के दौरान शहर के प्रबुद्धजन, नेता, मीडिया से जुड़े गणमान्य उपस्थित थे।
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