एमपी में CPCT पास नहीं की तो गई नौकरी, रीवा में 6 बर्खास्त, 50 पर लटकी तलवार
Sanjay Dhiman | Jun 14, 2026, 19:26 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश के रीवा संभाग में CPCT परीक्षा पास न करने पर 6 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त कर दिए गए। अब प्रदेशभर में 50 से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी खतरे में।
मध्यप्रदेश के रीवा संभाग में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 6 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इनमें से कई कर्मचारी अनुकंपा नियुक्ति पर काम कर रहे थे। सभी CPCT परीक्षा तय समय में पास नहीं कर सके। नौकरी की शर्तों में यह परीक्षा पास करना जरूरी था। पूरे प्रदेश में 50 से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी इस कारण जा सकती है।
रीवा जिले से शशांक निगम और विकास मिश्रा की सेवा समाप्त की गई है। सीधी जिले से पूनम पटेल और आशीष कोल को हटाया गया। सतना से अरविंद कुमार शुक्ला और मऊगंज से दिलीप कुमार साकेत का नाम भी इस सूची में है।
ये सभी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में काम कर रहे थे। इन्हें नौकरी देते वक्त ही लिख दिया गया था कि दो साल के भीतर CPCT पास करना होगा। नहीं किया तो नौकरी जाएगी।
मध्यप्रदेश सरकार ने तय किया है कि सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को कंप्यूटर और टाइपिंग की जानकारी होनी चाहिए। इसी के लिए CPCT (Computer Proficiency Certification Test) परीक्षा होती है।
यह राज्य सरकार की अपनी परीक्षा है। क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर और स्टेनो जैसे पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य है। नौकरी पर आने के दो साल के भीतर इसे पास करना होता है।
यह परीक्षा कंप्यूटर पर दी जाती है। कुल 2 घंटे का समय मिलता है। परीक्षा दो हिस्सों में बंटी होती है।
पहले हिस्से में 75 बहुविकल्पीय सवाल होते हैं। इनमें कंप्यूटर ज्ञान, सामान्य ज्ञान, रीजनिंग और गणित के सवाल शामिल हैं।
दूसरे हिस्से में टाइपिंग टेस्ट होता है। इसमें अंग्रेजी और हिंदी दोनों की टाइपिंग होती है। हिंदी टाइपिंग मंगल फॉन्ट में होती है। दोनों के लिए 15-15 मिनट का वक्त दिया जाता है।
जब किसी सरकारी कर्मचारी की मौत हो जाती है तो उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाती है। इसे अनुकंपा नियुक्ति कहते हैं।
रीवा में बर्खास्त हुए कुछ कर्मचारी इसी आधार पर नौकरी में आए थे। लेकिन अनुकंपा नियुक्ति होने के बाद भी CPCT पास करना जरूरी था। नहीं करने पर नौकरी जाना तय था।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई सिर्फ रीवा तक सीमित नहीं है। मुख्यालय से आदेश आने के बाद एक साथ कई जिलों में बर्खास्तगी हुई है।
पूरे प्रदेश में 50 से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी जाने का अनुमान है। कर्मचारियों को पहले समय पर तैयारी करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी वे परीक्षा नहीं दे सके।
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कौन-कौन हुए बर्खास्त
ये सभी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में काम कर रहे थे। इन्हें नौकरी देते वक्त ही लिख दिया गया था कि दो साल के भीतर CPCT पास करना होगा। नहीं किया तो नौकरी जाएगी।
CPCT पास करना क्यों जरूरी था
यह राज्य सरकार की अपनी परीक्षा है। क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर और स्टेनो जैसे पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य है। नौकरी पर आने के दो साल के भीतर इसे पास करना होता है।
CPCT परीक्षा कैसे होती है
पहले हिस्से में 75 बहुविकल्पीय सवाल होते हैं। इनमें कंप्यूटर ज्ञान, सामान्य ज्ञान, रीजनिंग और गणित के सवाल शामिल हैं।
दूसरे हिस्से में टाइपिंग टेस्ट होता है। इसमें अंग्रेजी और हिंदी दोनों की टाइपिंग होती है। हिंदी टाइपिंग मंगल फॉन्ट में होती है। दोनों के लिए 15-15 मिनट का वक्त दिया जाता है।
अनुकंपा नियुक्ति क्या होती है
रीवा में बर्खास्त हुए कुछ कर्मचारी इसी आधार पर नौकरी में आए थे। लेकिन अनुकंपा नियुक्ति होने के बाद भी CPCT पास करना जरूरी था। नहीं करने पर नौकरी जाना तय था।
प्रदेशभर में 50 से ज्यादा की नौकरी गई
पूरे प्रदेश में 50 से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी जाने का अनुमान है। कर्मचारियों को पहले समय पर तैयारी करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी वे परीक्षा नहीं दे सके।
FAQ
- CPCT परीक्षा पास न करने पर नौकरी क्यों जाती है?
CPCT परीक्षा सरकारी पदों के लिए अनिवार्य योग्यता है। नियम न मानने पर सेवा समाप्त की जाती है। - CPCT परीक्षा सरकारी नौकरी के लिए क्यों जरूरी है?
यह परीक्षा कंप्यूटर और टाइपिंग दक्षता प्रमाणित करती है। क्लर्क और डाटा एंट्री जैसे पदों के लिए जरूरी है। - क्या अनुकंपा नियुक्ति में भी CPCT जरूरी है?
हां, अनुकंपा नियुक्ति में भी CPCT अनिवार्य होता है। समय सीमा के भीतर पास करना जरूरी होता है।
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