श्रावण और भादौ माह में ऐसी रहेगी महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था, भक्तों के लिए विशेष दर्शन मार्ग
Kaushiki | Jul 14, 2025, 09:43 IST
arrangement to visit Mahakal temple in Sawan
श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए जल अर्पण, शीघ्र दर्शन, और कावड़ यात्रियों के लिए विशेष प्रवेश शामिल है। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए हैं।
राम सिंह चौहान @ उज्जैन
उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध विश्व प्रसिद्ध श्रीमहाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। श्रावण और भादौ माह के दौरान भक्तों की संख्या में अकल्पनीय वृद्धि होती है।
इस वर्ष सावन माह में लगभग 80 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में कई विशेष कदम उठाए हैं ताकि श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के भगवान महाकाल के दर्शन मिल सकें। आइए जानें...
सामान्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को त्रिवेणी संग्रहालय से होते हुए महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेंटर-1, टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम और गणेश मण्डपम के माध्यम से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन होंगे।
भारत माता मंदिर की ओर से आने वाले श्रद्धालु शंख द्वार से मानसरोवर भवन में प्रवेश करेंगे और दर्शन उपरांत नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर जाएंगे।
श्रद्धालुओं के लिए जल अर्पण की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप और कार्तिकेय मंडपम में की गई है। यहां श्रद्धालु जलपात्र में जल अर्पित कर सकते हैं, जो सीधे भगवान श्री महाकालेश्वर के ज्योतिर्लिंग तक पहुंचेगा।
सिक्योरिटी और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शीघ्र दर्शन के लिए गेट नंबर 01 और 04 से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। शीघ्र दर्शन के लिए श्रद्धालुओं से 250 रुपये शुल्क लिया जाएगा।
गेट नंबर 04 से प्रवेश करने के बाद श्रद्धालु विश्रामधाम रेम्प, सभा मण्डपम होते हुए गणेश मण्डपम से दर्शन करेंगे और फिर निर्गम द्वार से बाहर निकलेंगे।
श्रद्धालुओं के जूते रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर जूता स्टैंड की व्यवस्था की गई है। बड़ा गणेश मंदिर, त्रिवेणी द्वार और भारत माता मंदिर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जूता स्टैंड की व्यवस्था की गई है। सभी जूता स्टैंड के पास जिला चिकित्सालय की चिकित्सा टीम भी मौजूद रहेगी, जो श्रद्धालुओं की चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करेगी।
श्रावण माह में कावड़ यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि होती है, जो बाबा महाकाल को जल अर्पण करने के लिए मंदिर पधारते हैं। इस वर्ष कावड़ यात्रियों के लिए मंगलवार से शुक्रवार तक द्वार नंबर 04 से विशेष प्रवेश की व्यवस्था की गई है। जबकि शनिवार, रविवार और सोमवार को कावड़ यात्रियों को सामान्य दर्शन के लिए निर्धारित मार्ग से प्रवेश मिलेगा...
श्रावण के पहले सोमवार को महाकाल के कपाट रात 2.30 बजे खोले गए, जबकि आम दिनों में कपाट सुबह 3.30 बजे खोले जाते हैं। कपाट खोलने के बाद भगवान वीरभद्र के कानों में स्वस्तिवाचन किया गया और फिर चांदी के कपाट खोले गए।
इसके बाद कर्पूर आरती की गई और नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान व पूजन किया गया। इसके बाद पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया और श्रृंगार कर भगवान को मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
भस्मारती के बाद श्रद्धालुओं को लगातार चलायमान दर्शन कराने की व्यवस्था की गई। महाकाल का आंगन बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा और भक्तों को भगवान के दर्शन का सुखद अनुभव मिला।
विशिष्ट और अति विशिष्ट भक्तों के लिए प्रोटोकॉल
विशिष्ट और अति विशिष्ट भक्तों के लिए प्रोटोकॉल व्यवस्था भी लागू है। इसके तहत 200 रुपये शुल्क के साथ प्रशासनिक अनुमति प्राप्त करने के बाद विशेष दर्शन की सुविधा दी जाती है।
दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर सुविधा
महाकाल मंदिर में दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध है। श्रद्धालु प्रशासनिक कार्यालय से संपर्क करके व्हीलचेयर सेवा प्राप्त कर सकते हैं।
गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित
मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। श्रद्धालुओं को बाहर से ही दर्शन करने की व्यवस्था की गई है।
सावन की पहली सवारी पर बैरिकेडिंग
सावन की पहली सवारी के दौरान महाकाल मंदिर ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे सवारी मार्ग पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है। इससे भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और उन्हें दर्शन में कोई परेशानी नहीं होती।
खोया पाया केंद्र और मोबाइल कैमरा प्रतिबंध
मंदिर परिसर में खोया पाया केंद्र की भी व्यवस्था की गई है, जहां भक्त अपनी खोई हुई वस्तुएं जमा कर सकते हैं। साथ ही, मंदिर परिसर में मोबाइल कैमरा का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है, ताकि श्रद्धालुओं का ध्यान भंग न हो और मंदिर की पवित्रता बनी रहे।
इस बार का सावन विशेष रूप से भक्तों के लिए सुखद और सुविधाजनक रहा, जिसमें प्रशासन ने हर पहलू का ध्यान रखते हुए उनकी सुविधा सुनिश्चित की है।
👩👦👨👩👧👧
मध्यप्रदेश | मध्यप्रदेश न्यूज | शिव और सावन | सावन का महीना | सावन के पहले सोमवार | सावन माह का शुभारंभ | उज्जैन महाकाल | उज्जैन महाकाल दर्शन | उज्जैन महाकाल मंदिर | Mahakaal Darshan | mahakaal mandir | Ujjain Mahakaal News | MP News | Madhya Pradesh
उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध विश्व प्रसिद्ध श्रीमहाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। श्रावण और भादौ माह के दौरान भक्तों की संख्या में अकल्पनीय वृद्धि होती है।
इस वर्ष सावन माह में लगभग 80 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में कई विशेष कदम उठाए हैं ताकि श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के भगवान महाकाल के दर्शन मिल सकें। आइए जानें...
सामान्य दर्शन व्यवस्था
भारत माता मंदिर की ओर से आने वाले श्रद्धालु शंख द्वार से मानसरोवर भवन में प्रवेश करेंगे और दर्शन उपरांत नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर जाएंगे।
जल अर्पण व्यवस्था
शीघ्र दर्शन व्यवस्था
गेट नंबर 04 से प्रवेश करने के बाद श्रद्धालु विश्रामधाम रेम्प, सभा मण्डपम होते हुए गणेश मण्डपम से दर्शन करेंगे और फिर निर्गम द्वार से बाहर निकलेंगे।
जूता स्टैंड की व्यवस्था
कावड़ यात्रियों के लिए व्यवस्था
सावन में महाकाल मंदिर दर्शन की विशेष व्यवस्था
|
महाकाल के कपाट खोलने की विशेष व्यवस्था
इसके बाद कर्पूर आरती की गई और नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान व पूजन किया गया। इसके बाद पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया और श्रृंगार कर भगवान को मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
भक्तों के लिए लगातार दर्शन की व्यवस्था
विशिष्ट और अति विशिष्ट भक्तों के लिए प्रोटोकॉल
विशिष्ट और अति विशिष्ट भक्तों के लिए प्रोटोकॉल व्यवस्था भी लागू है। इसके तहत 200 रुपये शुल्क के साथ प्रशासनिक अनुमति प्राप्त करने के बाद विशेष दर्शन की सुविधा दी जाती है।
दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर सुविधा
महाकाल मंदिर में दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध है। श्रद्धालु प्रशासनिक कार्यालय से संपर्क करके व्हीलचेयर सेवा प्राप्त कर सकते हैं।
गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित
मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। श्रद्धालुओं को बाहर से ही दर्शन करने की व्यवस्था की गई है।
सावन की पहली सवारी पर बैरिकेडिंग
सावन की पहली सवारी के दौरान महाकाल मंदिर ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे सवारी मार्ग पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है। इससे भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और उन्हें दर्शन में कोई परेशानी नहीं होती।
खोया पाया केंद्र और मोबाइल कैमरा प्रतिबंध
मंदिर परिसर में खोया पाया केंद्र की भी व्यवस्था की गई है, जहां भक्त अपनी खोई हुई वस्तुएं जमा कर सकते हैं। साथ ही, मंदिर परिसर में मोबाइल कैमरा का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है, ताकि श्रद्धालुओं का ध्यान भंग न हो और मंदिर की पवित्रता बनी रहे।
इस बार का सावन विशेष रूप से भक्तों के लिए सुखद और सुविधाजनक रहा, जिसमें प्रशासन ने हर पहलू का ध्यान रखते हुए उनकी सुविधा सुनिश्चित की है।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
👩👦👨👩👧👧
मध्यप्रदेश | मध्यप्रदेश न्यूज | शिव और सावन | सावन का महीना | सावन के पहले सोमवार | सावन माह का शुभारंभ | उज्जैन महाकाल | उज्जैन महाकाल दर्शन | उज्जैन महाकाल मंदिर | Mahakaal Darshan | mahakaal mandir | Ujjain Mahakaal News | MP News | Madhya Pradesh
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari