जिस लाड़ली बहना को बीजेपी नेताओं ने नकारा, उसी योजना को SBI ने बताया गेम चेंजर

Rahul Garhwal | Dec 16, 2023, 24:00 IST
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जिस लाड़ली बहना को बीजेपी नेताओं ने नकारा, उसी योजना को SBI ने बताया गेम चेंजर
जिस लाड़ली बहना को बीजेपी नेताओं ने नकारा, उसी योजना को SBI ने बताया गेम चेंजर

मध्यप्रदेश में जिस लाड़ली बहना को बीजेपी नेताओं ने नकार दिया। उसी योजना को भारतीय स्टेट बैंक ने गेम चेंजर बताया।

अरुण तिवारी, BHOPAL. मध्यप्रदेश में बीजेपी को मिली बंपर जीत की भारतीय स्टेट बैंक ने एक बड़ी वजह बताई है। ये वजह इसलिए मायने रखती है क्योंकि बीजेपी के भोपाल से लेकर दिल्ली तक के बड़े नेता इस वजह को सिरे खारिज करते रहे हैं। नेताओं ने खुलकर कहा कि ये जीत मोदी मैजिक है, लाड़ली बहना योजना का असर नहीं, लेकिन SBI का दावा कुछ और ही कह रहा है।

SBI ने लाड़ली बहना योजना को बताया गेम चेंजर

केंद्र सरकार के अधीन आने वाले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने लाड़ली बहना को गेम चेंजर स्कीम बता दिया है। बैंक के अनुसार इस योजना ने महिला वोटिंग के प्रतिशत को ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचाया। साथ ही बैंक ने इसे फ्रीबीज या मुफ्त की योजना बताने की बजाय आर्थिक सामाजिक बदलाव लाने वाली योजना करार दिया। यानी बैंक ने माना कि ये योजना मध्यप्रदेश की महिलाओं की स्थिति में बड़ी तब्दीली लाई है।

जहां लाड़ली बहना का असर, वहां जीती बीजेपी

एसबीआई की ये रिपोर्ट देश के ख्यातनाम अर्थशास्त्री और बैंक समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्यकांति घोष ने तैयार की है। इसे बैंक ने 14 दिसंबर को जारी किया है। खास बात ये है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में लाड़ली बहना योजनाओं का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत रहा, वहां सत्ताधारी पार्टी जीत दर्ज करने में सफल रही। रिपोर्ट में पन्ना, विदिशा और दमोह जिलों का उदाहरण दिया गया। जहां सारी सीटें बीजेपी जीती। रिपोर्ट के जिन जिलों में 50 फीसदी से ज्यादा महिलाओं तक लाड़ली बहना स्कीम पहुंची। उनमें बालाघाट को छोड़कर बाकी सभी जिलों में बीजेपी आधी से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रही।

इन जिलों में इतनी मिली कामयाबी

  • पन्ना -100 फीसदी
  • विदिशा -100 फीसदी
  • दमोह -100 फीसदी
  • कटनी -100 फीसदी
  • सागर -87 फीसदी
  • छतरपुर -83 फीसदी
  • रायसेन -75 फीसदी
  • गुना -50 फीसदी
  • मुरैना -50 फीसदी
ये है लाड़ली बहना का गणित

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को वोटिंग हुई। इस बार प्रदेश की 230 सीटों पर कुल 77.15 फीसदी मतदान हुआ, जबकि 2018 में 75.63 फीसदी मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग के जारी डाटा के अनुसार इस बार 34 सीटें ऐसी हैं, जहां पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने वोटिंग की थी। वहीं 70 से ज्यादा ऐसी सीटें हैं, जहां 80 प्रतिशत या इससे ज्यादा महिलाओं ने वोट डाले। अधिकांश सीटों पर 70 फीसदी से ज्यादा महिलाओं ने वोट डाले। इससे जाहिर होता है कि वोटिंग पर लाड़ली बहना योजना का असर दिखाई दिया। मध्यप्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव में इस बार 34 सीटों पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मतदान प्रतिशत ज्यादा रहा।

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