SC-ST वकीलों के लिए बार काउंसिल में आरक्षण की मांग सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

Neel Tiwari | Jan 22, 2026, 23:34 IST
Share
Supreme Court rejects demand for reservation in Bar Council for SC-ST lawyers
Photograph: (the sootr)

सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST वकीलों के लिए बार काउंसिलों में आरक्षण देने की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह आरक्षण केवल कानूनी संशोधन से संभव है।

NEWS IN SHORT

  • सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST वकीलों की राज्य/राष्ट्रीय बार काउंसिल में आरक्षण की मांग वाली याचिका खारिज की।
  • याचिका में ‘प्रोपरशनल रिप्रेजेंटेशन’ में SC/ST समुदायों के समावेशन की मांग की गई थी।
  • कोर्ट ने कहा कि आरक्षण सिर्फ़ विधिसम्मत संशोधन के जरिए ही लागू हो सकता है।
  • SC ने महिला वकीलों के लिए पहले से किए गए प्रयासों का ज़िक्र किया, पर SC/ST पर निर्देश देने से इनकार किया
  • याचिका पर सुनवाई के दौरान, CJI ने बताया कि BCI और राज्य बार काउंसिल मामले को सक्रिय रूप से देख रहे हैं।

NEWS IN DETAIL

New Delhi. सर्वोच्च न्यायालय ने आज एक याचिका में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से आने वाले वकीलों को बार काउंसिलों में आरक्षण देने के लिए दिशा निर्देश जारी करने से इंकार कर दिया है, यह कहते हुए कि इस प्रकार का आरक्षण केवल कानूनी संशोधन के माध्यम से ही संभव है।



याचिका का मकसद और सुप्रीम कोर्ट का रुख

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में Universal Dr. Ambedkar Advocates Association ने दावा किया कि Advocates Act, 1961 के सेक्शन 3(2)(b) के तहत “प्रोपरशनल रिप्रेजेंटेशन” का मतलब SC और ST समुदायों के प्रतिनिधित्व को शामिल करना है।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसा कोई प्रावधान मौजूदा कानून में नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे आरक्षण के लिए संसद के माध्यम से कानून में संशोधन आवश्यक है।

यह खबरें भी पढ़ें..

विधानसभा सचिवालय ने गठित किया अधिवक्ताओं का पैनल, हाईकोर्ट में देखेंगे प्रशासनिक मामले

शादी करके एमपी में आई महिलाओं के आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट इंदौर का अहम फैसला

कोर्ट के फैसले के पीछे का विश्लेषण

याचिका में यह भी कहा गया था कि कई क्षेत्रों में SC/ST के लिए आरक्षण दिया जाता है। चाहे वह संसद हो या अन्य शासन निकाय इसलिए बार काउंसिलों में भी समान मौका मिलना चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस मुद्दे पर संबंधित निकायों को विचार करने के लिए निर्देश दे चुका है, और अब कोर्ट आरक्षण लागू करने की दिशा निर्देश नहीं देगा।

महिला वकीलों के प्रतिनिधित्व को लेकर टिप्पणी

याचिकाकर्ता ने महिलाओं को पहले दी गई आरक्षण सुविधाओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए सहमति और बातचीत से समाधान निकाला गया था, जिसका SC/ST प्रतिनिधित्व से सीधा अर्थ नहीं लगाया जा सकता।

यह खबरें भी पढ़ें..

भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बसंत पंचमी पर पूजा और नमाज दोनों होगी

चैतन्य बघेल बेल केस में बड़ा मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 28 जनवरी तक टाली

आगे का रास्ता: क्या होगा अब?

सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि यदि संसद या राज्य विधायिका Advocates Act में संशोधन करती है, तो SC/ST समुदायों के लिए आरक्षण संभव हो सकता है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह भी सुझाव दिया कि वे सम्बंधित निकायों या केंद्रीय/राज्य सरकार के समक्ष अपना मामला उठा सकते हैं, और आवश्यक होने पर दोबारा कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं।

इस फैसले से बार काउंसिलों में scst वकीलों के लिए तत्काल आरक्षण लागू नहीं होगा, और यह मुद्दा अब विधायिका के समक्ष प्रस्तुत किया जाना बाकी है, जिससे व्यापक कानूनी और सामाजिक बहस की शुरुआत हो सकती है।



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • आरक्षण
  • याचिका
  • सर्वोच्च न्यायालय
  • scst
  • बार काउंसिल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा