अफसरों के डर से नहीं रुकेगा रेत खनन, SC की एमपी समेत 3 राज्यों को फटकार

Aman Vaishnav | May 27, 2026, 09:47 IST
Share
sc strict chambal illegal sand mining mp up rj
sc strict chambal illegal sand mining mp up rj

चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और यूपी सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने नदियों में घटते पानी और वन्यजीवों की सुरक्षा पर चिंता जताई। साथ ही हाईटेक निगरानी सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • अवैध रेत खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सहित तीन राज्यों को फटकार लगाई है।
  • कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल अफसरों के डर से नहीं जिम्मेदारी से होनी चाहिए।
  • मध्य प्रदेश के कई जिलों में हाईटेक कैमरों और कंट्रोल सेंटर के साथ आठ नए चेक-पोस्ट बनाए जाएंगे।
  • चंबल नदी में पानी घटने से घड़ियाल, डॉल्फिन और कछुओं के घर उजड़ रहे हैं।
  • युवाओं को रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और ईको-टूरिज्म से जोड़ा जाएगा। इससे रेत खनन रुक सकेगा

रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई

चंबल सेंचुरी (National Chambal Sanctuary) इलाके में अवैध रूप से हो रहे रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने साफ शब्दों में टिप्पणी की है।

उन्होंने कहा है कि पर्यावरण को बचाना सिर्फ कोर्ट के बार-बार टोकने या अफसरों के डर का काम नहीं होना चाहिए। यह सरकारों की अपनी जिम्मेदारी है।

हालांकि कोर्ट ने एमपी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जवाबों में पहले से बेहतर तालमेल और सक्रियता नजर आई है। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई अब 22 जुलाई को होगी।

6 महीने में बनेगा हाईटेक निगरानी सिस्टम

अवैध खनन को पूरी तरह रोकने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में 8 नए चेक-पोस्ट बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए सरकार ने 30 दिन का समय मांगा है।

कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगले 6 महीने के भीतर इन जगहों पर सीसीटीवी और कंट्रोल बनें। साथ ही सेंटर और नाइट विजन कैमरों वाला एक मजबूत और हाईटेक निगरानी सिस्टम शुरू हो जाना चाहिए।

विशेष रूप से मुरैना और धौलपुर बॉर्डर के पुल और उसके आसपास के इलाकों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। NHAI को इस पूरी निगरानी का लाइव वीडियो फीड मध्य प्रदेश पुलिस और वन विभाग के साथ शेयर करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश कीबड़ी बातें

अदालत ने केवल कार्रवाई करने के निर्देश नहीं दिए, बल्कि प्रकृति और वहां रहने वाले जीवों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं।

चंबल में घटता पानी और जीवों का संकट

चंबल और उसकी सहायक नदियों में पानी का स्तर लगातार कम हो रहा है। पानी घटने से नदी में रहने वाले घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन और कछुओं के आशियाने पर बुरा असर पड़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए पूरे नदी क्षेत्र के पानी के स्तर की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

रोजगार और ईको-टूरिज्म से रुकेगा खनन

कोर्ट का मानना है कि केवल पुलिस के डंडे या मुकदमों से अवैध खनन नहीं रुक सकता है। इसके लिए राज्यों को स्थानीय युवाओं को रोजगार देना होदा।

साथ ही स्किल डेवलपमेंट और ईको-टूरिज्म की योजनाएं तैयार करनी होंगी। इससे उन्हें कमाई का सही जरिया मिल सकेगा।

वनकर्मियों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा

चंबल में फील्ड स्टाफ पर अक्सर हमले होते हैं। इसे देखते हुए कोर्ट ने फॉरेस्ट गार्ड और फ्रंटलाइन कर्मचारियों को कानूनी सुरक्षा देने पर विचार करने को कहा है।

इसके साथ ही वन विभाग में खाली पड़े फॉरेस्ट गार्ड के पदों को एक साल के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करके भरने का आदेश दिया है।

पुल से कचरा फेंकने पर पाबंदी

लोग चंबल पुल से गुजरते समय नदी में कचरा फेंक देते हैं। इससे पानी गंदा होता है। कोर्ट ने एनएचएआई को चंबल पुल पर सुरक्षा जाली लगाने को कहा है।

बता दें कि चंबल में घड़ियाल के अलावा दुर्लभ रेड-क्राउन्ड रूफ टर्टल और संकटग्रस्त गंगा डॉल्फिन भी पाई जाती हैं।

5शहीद और घायल वनकर्मियों के मुआवजे पर सवाल

कोर्ट ने तीनों राज्यों की सरकारों से पूछा है कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने या घायल होने वाले वनकर्मियों के लिए फिलहाल क्या नीतियां हैं? कोर्ट ने उनके मुआवजे, अनुकंपा नियुक्ति और बीमा कवर की पूरी जानकारी मांगी है।

ये खबरें भी पढ़िए...

चंबल में रेत माफिया पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तीनों राज्यों की सरकारों को लगाई फटकार

चंबल में अवैध रेत खनन पर SC सख्त, कहा-ड्राइव नहीं असली माफिया को पकड़ना जरूरी

अवैध खनन करने वालों से वसूली में दो आरपीएस एपीओ, आईपीएस पहले ही हटाए

चंबल में रेत माफिया पर सर्जिकल स्ट्राइक: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद 93 जवान

Tags:
  • राजस्थान
  • मध्यप्रदेश सरकार
  • अवैध खनन
  • वन विभाग
  • अवैध रेत खनन
  • मध्य प्रदेश पुलिस
  • रेत खनन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा