MP स्कूलों में बदलेगा अटेंडेंस का तरीका, ऑनलाइन से दर्ज होगी छात्रों की मौजूदगी

Sandeep Kumar | Aug 09, 2026, 18:13 IST
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स्कूल पहुंचते ही लगेगी छात्रों की डिजिटल अटेंडेंस
स्कूल पहुंचते ही लगेगी छात्रों की डिजिटल अटेंडेंस

मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया, व्यवस्था एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर लागू होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • MP स्कूलों में छात्रों की ऑनलाइन हाजिरी होगी।
  • व्यवस्था 9वीं से 12वीं कक्षा तक लागू होगी।
  • एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर अटेंडेंस दर्ज होगी।
  • लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किया।
  • फैसला शिक्षकों की ई-अटेंडेंस विवाद के बीच आया।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज होगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 के जरिए स्टूडेंट्स की अटेंडेंस दर्ज की जाएगी। विभाग का उद्देश्य नियमित उपस्थिति बढ़ाना और कम उपस्थिति वाले छात्रों की पहचान करना है।

क्या है नया आदेश

मध्यप्रदेश (MP – Madhya Pradesh) के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस को लेकर विरोध चल रहा है। इसी बीच अब विद्यार्थियों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज करने की तैयारी है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए यह निर्देश जारी किया है। यह आदेश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया है।

आदेश में कहा गया है कि पढ़ाई की गुणवत्ता के लिए नियमित उपस्थिति जरूरी है। इसी वजह से छात्रों की हाजिरी को भी डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। यह व्यवस्था एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर लागू होगी। पोर्टल पर हर कक्षा के छात्रों की पूरी सूची दिखाई देगी।

पोर्टल पर कैसे दर्ज होगी हाजिरी

एजुकेशन पोर्टल 3.0 में स्टूडेंट मैनेजमेंट का एक विकल्प है। इसके अंदर स्टूडेंट अटेंडेंस नाम का सेक्शन बनाया गया है। शिक्षक इस सेक्शन में जाकर कक्षा के सभी छात्रों की सूची देख सकेंगे। हर छात्र की वास्तविक उपस्थिति के अनुसार उसकी स्थिति दर्ज करनी होगी।

यह जिम्मेदारी सीधे तौर पर कक्षा शिक्षक की रहेगी। हर कक्षा के लिए सेक्शनवार एंट्री करनी होगी। विभाग के मुताबिक यह सुविधा पोर्टल पर जल्द ही पूरी तरह उपलब्ध कराई जाएगी।

क्या बोले कमिश्नर अभिषेक सिंह

स्कूल शिक्षा विभाग के कमिश्नर अभिषेक सिंह ने कहा कि इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया गया है। जल्द ही प्रदेश के सभी संबंधित स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति दर्ज कराने की जिम्मेदारी शिक्षकों की होगी।
उन्होंने कहा कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक विद्यार्थियों की रोजाना ऑनलाइन हाजिरी से उनकी नियमितता पर नजर रखना आसान होगा। इसका सीधा फायदा पढ़ाई पर पड़ेगा और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ने से परीक्षा परिणाम में भी सुधार आने की उम्मीद है।

छात्रों की तीन कैटेगरी तय

नई व्यवस्था में छात्रों के लिए तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। ये तीन श्रेणियां हैं, Present, Absent और On Leave। सिस्टम में शुरुआत में सभी छात्रों को अपने आप प्रजेंट दिखाया जाएगा। शिक्षक को सिर्फ अनुपस्थित या अवकाश पर मौजूद छात्रों की स्थिति बदलनी होगी।

जो छात्र स्कूल नहीं आए हैं, उनके नाम के सामने Absent दर्ज करना होगा। जो छात्र छुट्टी पर हैं, उनके सामने On Leave लिखा जाएगा। यह जानकारी दर्ज करने के बाद शिक्षक को डेटा सेव करना होगा। इससे स्कूल का पूरा उपस्थिति रिकॉर्ड डिजिटल हो जाएगा।

किसकी होगी जिम्मेदारी

संस्था के लॉगिन से ही कक्षा 9वीं से 12वीं तक की अटेंडेंस दर्ज होगी। यानी हर स्कूल का अपना लॉगिन इस्तेमाल होगा। हर कक्षा शिक्षक को अपनी कक्षा और सेक्शन की एंट्री खुद करनी होगी। विभाग ने इसे स्पष्ट निर्देश के रूप में जारी किया है।

कम उपस्थिति वालों पर नजर

ऑनलाइन अटेंडेंस (online attendance ) का मकसद सिर्फ रोज की हाजिरी दर्ज करना नहीं है। विभाग नियमित रूप से छात्रों की उपस्थिति का विश्लेषण भी करेगा। जिन छात्रों की उपस्थिति कम पाई जाएगी, उनके लिए खास योजना बनेगी। ऐसे छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और शैक्षणिक सहायता दी जाएगी।

लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के अभिभावकों से भी संपर्क किया जाएगा। इसका मकसद छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। इस तरह विभाग डिजिटल रिकॉर्ड के साथ-साथ कमजोर उपस्थिति वाले बच्चों की पहचान भी कर सकेगा।

शिक्षकों के विरोध के बीच नया कदम

यह पूरी व्यवस्था ऐसे समय पर आई है जब शिक्षक संगठन ई-अटेंडेंस का विरोध कर रहे हैं। शिक्षक लगातार ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था पर अपनी आपत्ति जता रहे हैं।

इसी बीच अब सरकार ने छात्रों की हाजिरी को भी ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया है। यह फैसला विभाग की डिजिटल निगरानी को और मजबूत करेगा।

विभाग का कहना है कि नियमित उपस्थिति पढ़ाई की गुणवत्ता के लिए जरूरी है। ऑनलाइन रिकॉर्ड से स्कूल स्तर से लेकर विभागीय स्तर तक निगरानी आसान होगी।

आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को लेकर और दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं। अभिभावकों और छात्रों को भी इसकी जानकारी स्कूल के जरिए दी जाएगी।

डिजिटल निगरानी बढ़ाने की दिशा में कदम

अब तक स्कूलों में उपस्थिति ज्यादातर रजिस्टर पर हाथ से दर्ज होती थी। इस तरीके में गलतियों और हेरफेर की गुंजाइश ज्यादा रहती थी। ऑनलाइन सिस्टम आने से हर छात्र का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। इससे विभाग को सही आंकड़े जल्दी मिल सकेंगे।

यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में भी देखा जा रहा है। पहले शिक्षकों की उपस्थिति को डिजिटल किया गया था, अब बारी छात्रों की है।

आने वाले समय में इस डेटा के आधार पर स्कूलवार रिपोर्ट भी तैयार हो सकती है। इससे प्रशासन को कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

स्कूल स्टाफ और शिक्षकों के लिए शुरुआत में यह प्रक्रिया थोड़ी नई लग सकती है। रोज पोर्टल पर एंट्री करना एक अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। हालांकि लंबे समय में यह व्यवस्था स्कूलों के कामकाज को व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकती है। विभाग इसके लिए जरूरी ट्रेनिंग भी दे सकता है।

FAQ

  1. MP के किन कक्षाओं के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस लागू हुई?
    यह व्यवस्था कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए लागू हुई है। अटेंडेंस एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज होगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया है।
  2. पोर्टल पर छात्रों की अटेंडेंस किन श्रेणियों में दर्ज होगी?
    छात्रों के लिए तीन श्रेणियां तय की गई हैं, Present, Absent और On Leave। सिस्टम में शुरुआत में सभी छात्रों को प्रजेंट दिखाया जाएगा। शिक्षक को अनुपस्थित या अवकाश पर मौजूद छात्रों की सही स्थिति दर्ज करनी होगी।

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