एमपी बाढ़ राहत घोटाला: किसानों का हक मारने वाले 18 पटवारियों पर होगा मुकदमा

Amresh Kushwaha | Apr 04, 2026, 13:26 IST
Share
sheopur badh rahat ghotala 18 patwari mukadma 794 kisan
sheopur badh rahat ghotala 18 patwari mukadma 794 kisan

श्योपुर जिले के 2021 बाढ़ राहत घोटाले में कलेक्टर ने 18 पटवारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। 794 असली किसानों की राशि 127 अपात्र खातों में डाली गई थी। इस मामले में कुल 110 आरोपी हैं।

News In Short

  • मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में 2021 की बाढ़ के बाद राहत राशि का बड़ा घोटाला सामने आया था।
  • 794 असली बाढ़ पीड़ित किसानों को राशि नहीं मिली और पैसे अपात्र लोगों के खातों में चले गए।
  • अब कलेक्टर अर्पित वर्मा ने 18 पटवारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
  • थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, इस पूरे मामले में कुल 110 लोग आरोपी हैं।
  • आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

News In Detail

श्योपुर बाढ़ घोटाले में बड़ी कार्रवाई

श्योपुर के बाढ़ राहत घोटाले में प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने 18 पटवारियों के खिलाफ अभियोजन (Prosecution) की स्वीकृति दे दी है। यह मंजूरी मिलते ही न्यायालय में चार्जशीट पेश करने और गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है।

यह मामला वर्ष 2021 की बाढ़ राहत राशि के गबन से जुड़ा है। बड़ौदा थाने में यह मामला दर्ज है। जांच में फर्जी प्रविष्टियां और आपराधिक साजिश के सबूत मिले थे। इसके बाद पुलिस ने राजस्व अमले पर कार्रवाई की अनुमति मांगी थी।

कैसे हुआ घोटाला?

2021 में श्योपुर जिले में भयावह बाढ़ आई थी। शासन ने पीड़ित किसानों और परिवारों के लिए बड़ी राहत राशि मंजूर की थी। लेकिन यह राशि सही लोगों तक पहुंची ही नहीं।

जब ऑडिट (Audit) हुई तो पूरी पोल खुल गई। 960 हकदारों में से 794 असली पीड़ितों को एक रुपया भी नहीं मिला। इसके बजाय करोड़ों रुपए 87 ऐसे लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए जो बाढ़ प्रभावित ही नहीं थे। कुल 127 अपात्र खातों में यह राशि पहुंचाई गई।

इस संगठित भ्रष्टाचार में मध्यप्रदेश राजस्व विभाग के जमीनी अमले की भूमिका सबसे अहम पाई गई। पटवारियों ने फर्जी प्रविष्टियां कर अपात्र लोगों को लाभार्थी बना दिया।

इन 18 पटवारियों पर चलेगा मुकदमा

जिन 18 पटवारियों पर अभियोजन की मंजूरी दी गई है उनके नाम हैं: मेवाराम, हेमंत, राजकुमार, महेंद्र, सुमित, योगेश, विनोद, अखिलेश, भोलाराम, हुकुमचंद, राजवीर, बृजराज, रामनरेश, रामदयाल, सोनेराम, नीतेश, संजय और शंकरलाल।

इन सभी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई होगी। यह सभी पटवारी राजस्व विभाग के वे जमीनी कर्मचारी हैं जिनकी जिम्मेदारी थी कि असली पीड़ितों की सूची तैयार करें।

कुल 110 आरोपी हैं इस मामले में

यह मामला सिर्फ 18 पटवारियों तक सीमित नहीं है। बड़ौदा थाने में दर्ज इस प्रकरण में कुल 110 लोग आरोपी हैं। इनमें वे 87 अपात्र लोग भी शामिल हैं जिनके खातों में राशि गई। जांच में साफ हुआ कि यह कोई इकलौती गलती नहीं थी। यह एक संगठित साजिश थी जिसमें मिलीभगत करके सरकारी राहत को हड़पा गया।

क्यों अहम है यह मंजूरी?

सरकारी कर्मचारी पर मुकदमा चलाने के लिए पहले सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की मंजूरी जरूरी होती है। यह प्रावधान इसलिए है ताकि किसी कर्मचारी पर बेवजह मुकदमा न हो। लेकिन जब साक्ष्य पुख्ता हों तो यही मंजूरी कार्रवाई का दरवाजा खोलती है।

कलेक्टर आईएएस अर्पित वर्मा की यह मंजूरी बताती है कि जांच में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। अब पुलिस अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी कर सकती है।

794 किसानों को कब मिलेगा इंसाफ?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन 794 किसानों का हक मारा गया उन्हें न्याय कब मिलेगा। बताया जा रहा है कि इनमें से कई परिवार आज भी उस बाढ़ के नुकसान से उबर नहीं पाए हैं। राहत राशि उनका कानूनी हक थी और उसे धोखे से छीन लिया गया।

मुकदमे की मंजूरी एक शुरुआत है। लेकिन असली इंसाफ तब होगा जब गबन की गई राशि वापस की जाए और दोषियों को सजा मिले।

ये खबर भी पढ़िए...

श्योपुर बाढ़ राहत घोटाला: तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने एक ही खाते में 22 बार भेजी राशि

बाढ़ राहत घोटाला: KBC फेम अमिता सिंह ने जेल में भी दिखाए तेवर, बोलीं – “मैं एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट हूं”

KBC फेम तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गिरफ्तार, श्योपुर बाढ़ घोटाले में हुई कार्रवाई

नीलामी फेल: अब एमपी में निगम-मंडल चलाएंगे शराब की दुकानें

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • सरकारी कर्मचारी
  • श्योपुर
  • बाढ़ राहत राशि
  • बाढ़ राहत
  • मध्यप्रदेश राजस्व विभाग
  • आईएएस अर्पित वर्मा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा