DJ पर देशभक्ति के गीत, फूल-मालाओं से स्वागत, कुछ इस अंदाज में शिवपुरी के 18 पार्षदों ने दिया इस्तीफा

शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और उनके विरोधी पार्षदों के बीच विवाद में नया मोड़ देखने को मिला है। गुरुवार को 18 विरोधी पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

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Dablu Kumar
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SHIVPURI MUNICIPAL POLITICS
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शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और उनके विरोधी पार्षदों के बीच पिछले दो महीने से चल रहा विवाद गुरुवार को एक नए मोड़ पर पहुंच गया। कलेक्टर ने अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन अमान्य कर दिया, जिसके बाद 18 विरोधी पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इन सभी विरोधी पार्षदों की मांग थी कि शिवपुरी नपाध्यक्ष को पद से हटाया जाए। 

इससे पहले सभी पार्षद माधव चौक स्थित हनुमान मंदिर पर एकत्र हुए, जहां से डीजे के साथ जुलूस निकालते हुए वे कलेक्ट्रेट पहुंचे। रास्ते भर उन्हें फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और डीजे पर देशभक्ति गीत बजते रहे। कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सभी पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया।

पार्षदों ने कहा कि जब अध्यक्ष को हटाने का प्रयास असफल हो गया तो अब इस्तीफा देकर अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करना उनका कर्तव्य बन गया है। इस्तीफा देने वालों में 12 भाजपा, 2 निर्दलीय और 4 कांग्रेस के पार्षद शामिल हैं।

शिवपुरी नगर पालिका का राजनीतिक समीकरण

शिवपुरी नगर पालिका (नपा) की 39 सीटें हैं, इसमें बीजेपी के 23 और कांग्रेस के 9 पार्षद है। वहीं, 7 निर्दलीय पार्षद है। इनमें निर्दलीयों बीजेपी पार्षदों को समर्थन देने का वादा किया था।

हाल ही में नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा खेमे ने कहा था कि बहुमत हमारे साथ है, केवल राजनीति हो रही है। वहीं, विरोध कर रहे पार्षदों ने जवाब देते हुए कहा था कि किसी को नपाध्यक्ष बनने का लालच नहीं है। हालांकि, अब 18 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दिया है। 

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दिग्गज नेताओं के मननाने से भी नहीं माने पार्षद

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा जिला अध्यक्ष जसमंत जाटव और प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न तोमर ने इन नाराज पार्षदों को मनाने के कई प्रयास किए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

पद से हटाने की कसम

दरअसल 11 जून को करैरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर में 22 पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को पद से हटाने की कसम खाई थी। यह मान्यता है कि यहां जो कसम खाई जाती है, वह कभी नहीं टूटती। यदि कसम टूटी तो कोढ़ जैसी गंभीर बीमारी हो जाती है। इस मान्यता के चलते पार्षदों ने अपनी कसम को निभाने के लिए इस्तीफा दिया है।

जिन पार्षदों ने इस्तीफा दिया, उसमें नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास, भाजपा पार्षद विजय शर्मा, राजा यादव, ताराचंद राठौर, रीना कुलदीप शर्मा, सरोज महेन्द्र धाकड़, ओमप्रकाश जैन ओमी, नीलम अनिल बघेल, प्रतिभा गोपाल शर्मा, मीना पंकज शर्मा, कांग्रेस पार्षद मोनिका सीटू सरैया, कमलाकिशन शाक्य, संजय गुप्ता, ममता बाईसराम धाकड़, रितु जैन, निर्दलीय राजू गुर्जर और गौरव सिंघल शामिल हैं। इसके अलावा रितु रत्नेश जैन ने अलग से इस्तीफा दिया है।

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कलेक्टर के इंतजार में पार्षदों ने किया हनुमान चालीसा का पाठ 

गौरतलब है कि, 11 जून को करैरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर में 22 पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को पद से हटाने की कसम खाई थी। यह मान्यता है कि यहां खाई गई कसम कभी नहीं टूटती, और अगर कसम टूट जाती है तो कोढ़ जैसी गंभीर बीमारी होती है। इस विश्वास के तहत पार्षदों ने अपनी कसम को निभाने के लिए इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

कलेक्टर के इंतजार में पार्षदों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। कलेक्टर कार्यालय में मौजूद नहीं थे, जिसके बाद पार्षदों ने उनका इंतजार किया। इस दौरान सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। जब इस्तीफा देने के लिए पार्षदों ने वार्ड-20 की महिलाओं को देखा, तो उन्होंने विजय शर्मा को इस्तीफा देने से रोकने की कोशिश की।

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कलेक्टर से मिलने के बाद जब पार्षदों ने उन्हें फोन किया, तो कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि वह जिले से बाहर हैं। इसके बाद सभी पार्षदों ने अपना इस्तीफा एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला को सौंपा। एडीएम ने कहा कि इस्तीफे की आगे की प्रक्रिया कलेक्टर ही करेंगे।

जानें पूरा मामला

विरोधी पार्षदों ने 11 जून को करैरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर में सामूहिक सौगंध ली थी कि या तो वे नगरपालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को हटाएंगे या फिर खुद इस्तीफा देंगे। शिवपुरी नगर पालिका परिषद में हुई इस घटना की चर्चा पूरे राज्य में बनी हुई है। 

FAQ

शिवपुरी में पार्षदों ने इस्तीफा क्यों दिया?
शिवपुरी के विरोधी पार्षदों ने 11 जून को बगीचा सरकार मंदिर में सामूहिक कसम खाई थी कि वे या तो नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को पद से हटाएंगे या फिर इस्तीफा देंगे। कलेक्टर के अविश्वास प्रस्ताव को अमान्य करने के बाद पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
शिवपुरी पार्षदों के इस्तीफा देने से पहले क्या हुआ था?
पार्षदों ने कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर का इंतजार किया और इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ किया। जब कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आए, तो उन्होंने अपना इस्तीफा एडीएम को सौंप दिया।
शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के खिलाफ यह विवाद कब शुरू हुआ था?
यह विवाद पिछले दो महीनों से चल रहा था, जब 11 जून को 22 विरोधी पार्षदों ने गायत्री शर्मा को पद से हटाने के लिए कसम खाई थी। इस विवाद के बाद इस्तीफा देने की प्रक्रिया शुरू हुई।

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