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भिंड जिले में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बीच का विवाद एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने कलेक्टर के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को एक पत्र लिखा है, वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने विरोध जताया है। एसोसिएशन ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन से मिलकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने गुरुवार (28 अगस्त) को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र तोमर को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कलेक्टर ने उन्हें अपशब्द कहे और दबाव बनाने के लिए उंगली दिखाकर अभद्रता की। उनका आरोप था कि कलेक्टर ने रेत चोरी के आरोप लगाए और उन्हें उत्तेजित करने की कोशिश की।
विधायक का कहना था कि वे कलेक्टर के सरकारी आवास पर खाद की कमी और किसानों को खाद की आपूर्ति नहीं होने के मुद्दे पर कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान, कलेक्टर ने उनकी बात सुने बिना ही उन्हें अभद्र तरीके से पेश आने का प्रयास किया।
आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन का विरोध
आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने इस मामले में सीएम मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन से मिलने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के सदस्य इस घटना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को अपमानजनक शब्दावली से बचाने के लिए सरकार को जल्द कदम उठाने चाहिए। इस मुद्दे पर एसोसिएशन के पदाधिकारी और आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मिलकर इस घटना पर सख्त एक्शन की अपील करेंगे।
भिंड कलेक्टर-विधायक विवाद की खबर पर एक नजर...
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कर्मचारी संगठनों ने भी जताया विरोध
इस घटना पर कर्मचारी संगठनों ने भी विरोध जताया है। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने इस पूरे मामले पर अपनी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि यदि प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी इस प्रकार के माहौल में काम करेंगे, तो उनका मनोबल गिर सकता है। तिवारी ने यह भी कहा कि यदि अधिकारी या कर्मचारी अपने कार्य में चूक करते हैं, तो उनकी शिकायत उचित जगह पर की जाए, लेकिन किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
राजस्व अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध
वहीं, राजस्व अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर इस विवाद का विरोध किया और मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में अधिकारियों ने लिखा कि विधायक ने कलेक्टर के सरकारी आवास में अपमानजनक व्यवहार किया और बलपूर्वक वहां घुसे थे। इससे प्रशासनिक तंत्र को गहरा आघात पहुंचा है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस तरह के व्यवहार से सभी कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बन गया है।
कलेक्टर और विधायक के बीच विवाद की शुरुआत
मामला तब सुर्खियों में आया जब विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने बुधवार को कलेक्टर बंगले का घेराव किया। उनका आरोप था कि किसानों को खाद की सप्लाई सही तरीके से नहीं मिल रही है, और इसके अलावा कलेक्टर के जरिए माइनिंग के अवैध नाके लगाकर वसूली की जा रही है।
इसके बाद विधायक और कलेक्टर के बीच हुए विवाद का एक वीडियो भी वायरल हुआ। इसमें कलेक्टर उंगली दिखाते हुए नजर आ रहे थे, और विधायक उन पर मुक्का तानते हुए दिख रहे थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर मिल रही मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर भी बवंडर मच गया। जहां कुछ लोग विधायक की कार्रवाई का समर्थन कर रहे थे, वहीं अधिकतर लोग कलेक्टर के साथ हुई अभद्रता की निंदा कर रहे थे। जनता का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सिर्फ प्रशासन का मनोबल गिराती हैं और समाज में गलत संदेश भेजती हैं। यह भी कहा जा रहा है कि अगर जनप्रतिनिधि इस तरह से व्यवहार करेंगे, तो सरकारी कर्मचारियों में डर और असुरक्षा का माहौल बन सकता है।
भिंड कलेक्टर न्यूज
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